facebookmetapixel
Advertisement
NPS में एसेट एलोकेशन और निकासी के विकल्प: करार में दी गई शर्तें पूरी होने पर ही कर सकेंगे एन्युटी सरेंडरEditorial: जियो-एनएसई के मेगा आईपीओ से बदलेगी बाजार की तस्वीरडेटा सेंटर क्षमता बढ़ाए बिना पूरा नहीं होगा एआई का बड़ा सपनासत्ता से नहीं, विचारधारा से कायम रहती है दलों की एकजुटतावैश्विक उथल-पुथल खत्म होने के बाद मजबूत वृद्धि की उम्मीद: IFSCA चीफ के राजारामनबाजार हलचल: जियो प्लेटफॉर्म्स पर मेटा, गूगल का दांव; IPO के लिए व्यस्त सप्ताहडिफेंस ऑर्डर और ट्रक कारोबार की मजबूती से भारत फोर्ज का शेयर रिकॉर्ड ऊंचाई परफैक्ट्री नहीं, फिर भी ₹400 करोड़ का कारोबार; HRV फार्मा का वर्चुअल API मॉडल बना नई मिसाल पश्चिम एशिया संघर्ष का असर: भारत में स्टार्टअप फंडिंग 43% घटी, निवेशक हुए सतर्कFPI नियमों की समीक्षा करेगा सेबी, विदेशी निवेशकों को मिल सकती है राहत

अंगूर के कारोबार में दिखने लगा है सुधार

Advertisement
Last Updated- December 07, 2022 | 6:06 PM IST

किराये में बढ़ोतरी और समय से पहले मानसून आने से सुस्त पड़ा अंगूर का कारोबार अब सुधरता दिख रहा है। पिछले कई दिनों से दिल्ली की मंडियों में अंगूर की आवक काफी नीचे चली गयी थी पर अब इसकी आवक बढ़नी शुरू हो गई है।


कृषि उत्पाद विपणन समिति (एपीएमसी) के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली की मंडियों में अंगूर की आवक पिछले माह जहां 3 टन प्रतिदिन थी वहीं अब यह बढ़कर 4-5 टन प्रतिदिन तक पहुंच गई है। कारोबारियों ने बताया कि आवक बढ़ने से इसकी कीमतों में भी 10 से 15 फीसदी की कमी आई है।

एशिया की सबसे बड़ी फल और सब्जी मंडी आजादपुर के अंगूर कारोबारियों ने बताया कि इस साल औसत से ज्यादा और समय से पहले से ही बारिश हो रही है। इसका असर यह हुआ कि बड़े पैमाने पर अंगूर दागी हो गए हैं और तो और किराये में भी काफी बढ़ोतरी हुई है। बाजार को देखें तो इन सबके चलते इस बार के मानसून में अंगूर की आवक तकरीबन 60 फीसदी कम रही है।

हालांकि इसके कारोबार से जुड़े लोगों ने बताया कि आने वाले महीनों में शादी और त्योहारों के चलते अंगूर की मांग तेजी से चढ़ेगी। इन चीजों को ध्यान में रखते हुए मंडी में अंगूर की आवक बढ़ा दी गई है। विक्रेताओं का कहना है कि अगले माह तक दिल्ली की मंडियों में अंगूर की आवक  4 गुनी बढ़ जाएगी।

अंगूर के थोक विक्रेता रामकिशन ने बताया कि कर्नाटक से आने वाले हरे अंगूर और नासिक के अंगूर की आपूर्ति रुकी पड़ी है। आजादपुर मंडी में इसकी आवक 2 टन अंगूर के आसपास है। पिछले महीने इसकी आवक 1 टन के आस-पास थी। कीमत के बारे में एबीसी फ्रूट कंपनी के हरिशंकर ने कहा कि फिलहाल 4 किलोग्राम की पेटी की कीमत 140 से 145 रुपये है।

एपीएमसी के मुताबिक दिल्ली की मंडियों में अंगूर की कीमत इस समय लगभग 2600-2800 रुपये प्रति क्विंटल है। लेकिन पिछले माह इनकी कीमत 3200-3400 रुपये प्रति क्विंटल थी। दूसरे राज्यों में इसका मौजूदा भाव पिछले साल से कहीं ज्यादा है। आवक में कमी के चलते हरियाणा में अंगूर के  दाम पिछले साल की तुलना में 55 फीसदी तक ज्यादा हैं।

कश्मीर से अंगूर की आवक रुक जाने के कारण पिछले महीने की तुलना में पंजाब में भी कीमतों में 150 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। हिमाचल प्रदेश में तो अंगूर की कीमतें पिछले साल की तुलना में 400 फीसदी तक ज्यादा हैं।  अभी देश के 34 हजार हेक्टेयर में अंगूर की खेती हो रही है, जबकि प्रतिवर्ष 10 लाख टन अंगूर का उत्पादन हो रहा है।

Advertisement
First Published - August 23, 2008 | 4:51 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement