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भारत पर भी पड़ा पाम तेल बाजार में गिरावट का असर

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Last Updated- December 07, 2022 | 6:47 PM IST

मलयेशिया और इंडोनेशिया सहित अन्य प्रमुख पाम तेल उत्पादक देशों में कच्चे पाम तेल की कीमतों में आयी गिरावट का असर यहां भी देखने को मिला है।


देश के दो प्रमुख वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज और एनसीडीईएक्स में मंगलवार को कच्चे पाम तेल की कीमतों में 4 फीसदी से ज्यादा की कमी देखने को मिली है। एमसीएक्स में अक्टूबर में डिलिवर होने वाले पाम तेल की कीमत घटकर 362.10 रुपये प्रति 10 किलोग्राम तक पहुंच गयी।

वहीं सितंबर अनुबंध में लगभग 4 फीसदी की गिरावट आयी और इसका भाव 363.40 रुपये प्रति 10 किलोग्राम रह गया। आर्श्चय की बात है कि एनसीडीईएक्स के सितंबर अनुबंध का भाव कारोबार ठप्प रहने के चलते 400.35 रुपये प्रति 10 किलोग्राम रहा। हालांकि हाजिर अनुबंध 391.90 रुपये प्रति 10 किलोग्राम तक चला गया।

उल्लेखनीय है कि मलयेशिया में पाम तेल में 7.3 फीसदी की जोरदार कमी आयी। कारोबार की समाप्ति तक इसमें 191 रिंगिट की गिरावट आ चुकी थी और इसका भाव 2409 रिंगिट तक जा पहुंचा था। मलयेशियाई बाजारों में गिरावट की मुख्य वजह चीनी कारोबारियों की ओर से डिफॉल्ट होने का भय रहा।

कारोबारियों के मुताबिक, इस आशंका के बावजूद चीन के कारोबारियों ने 1.5 लाख टन कच्चे पाम तेल की खरीदारी की। इस तरह मार्च से अब तक महज 5 महीने में ही पाम तेल में 45 फीसदी की कमी आ चुकी है। हालांकि सोमवार को मलयेशिया के एक सेमिनार में गोदरेज इंटरनेशनल के दोराब मिस्त्री ने अनुमान व्यक्त किया था कि कच्चे पाम तेल की कीमतें 2200 रिंगिट तक लुढ़क सकती है।

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First Published - August 26, 2008 | 11:23 PM IST

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