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लेखक : बीएस संपादकीय

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: महिला रोजगार की चुनौतियां

जनवरी से मार्च 2024 (वित्त वर्ष 24 की चौथी तिमाही) के लिए हाल में जारी आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण के तिमाही बुलेटिन से महिलाओं और भारतीय श्रम बाजार में उनकी स्थिति को लेकर कई दिलचस्प जानकारियां सामने आई हैं। कार्यबल में भागीदारी के लिहाज से देखें तो शहरी इलाकों में महिला श्रम बल भागीदारी दर […]

आज का अखबार, संपादकीय

संपादकीय: बंद हों फर्जी समीक्षाएं…

इस डिजिटल जमाने में फर्जी खबरों (Fake news) और गलत सूचनाओं के व्यापक मसले ने दुनिया भर के नीति-नियंताओं का ध्यान आकर्षित किया है। डिजिटल स्वरूप में सूचनाओं की बाढ़ ने खबरों और सूचनाओं के उपभोग करने के लोगों के तरीके को मौलिक रूप से बदल दिया है और इससे लोगों के लिए यह पता […]

आज का अखबार, लेख

संपादकीय: देश में गर्मी का प्रकोप

देश के एक बड़े हिस्से में लू (Loo) का प्रकोप चल रहा है। इससे लोगों की सेहत और उत्पादकता पर खतरा गंभीर हो सकता है। विश्व बैंक (World Bank) के एक अध्ययन के मुताबिक, देश का करीब 75 फीसदी कार्यबल कृषि और निर्माण क्षेत्र में गर्मी का सीधे सामना करने वाले श्रम पर निर्भर करता […]

आज का अखबार, संपादकीय

संपादकीय: कंपनियों के नतीजों से उत्साहजनक संकेत

वित्त वर्ष 24 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च 2024) के कंपनियों के नतीजों से संकेत मिलते हैं कि कॉरपोरेट जगत की वृद्धि में सुधार, मार्जिन में कुछ बढ़त के साथ जारी है। हालांकि, बैंक और वित्तीय जगत की कंपनियों का समूचे लाभ में बड़ा हिस्सा है और ऊर्जा क्षेत्र में प्रभुत्व रखने वाले सार्वजनिक क्षेत्र के […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: एआई में तेज बदलाव, बड़ी टेक कंपनियों के बीच होड़

ओपनएआई के आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) चैटबॉट चैटजीपीटी की शुरुआत के करीब 18 महीने बाद माइक्रोसॉफ्ट समर्थित इस कंपनी ने अपना ताजा लार्ज लैंग्वेज मॉडल (एलएलएम) जीपीटी-4 ओमनी या जीपीटी-4ओ जारी कर दिया है। ऐसा करते हुए चैटजीपीटी ने वैश्विक एआई जगत में अपना दबदबा फिर से मजबूत किया है। बहरहाल, मेटा और गूगल जैसी अन्य […]

आज का अखबार, संपादकीय

संपादकीय: सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों के लिए अपवादों से बचें

भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने बुधवार को शेयर बाजार को जानकारी दी कि भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने उसे 10 फीसदी सार्वजनिक अंशधारिता की अनिवार्यता पूरी करने के लिए तीन साल की मोहलत और दे दी है। अब उसे 16 मई, 2027 तक इसे पूरा करना होगा। एक लाख करोड़ रुपये से […]

आज का अखबार, संपादकीय

संपादकीय: मुंबई में बिलबोर्ड हादसा…लापरवाही का नमूना

Mumbai Hoarding Collapse: मुंबई में एक बिलबोर्ड (Billboard) के गिरने से 14 लोगों की मौत और 75 लोगों के दुर्घटनाग्रस्त होने के मामले से यह बात एक बार फिर उजागर हो गई है कि देश के शहरों के नगर निकाय अधिकारियों में किस कदर लापरवाही घर कर चुकी है। जैसा कि जांच में सामने आ […]

आज का अखबार, संपादकीय

संपादकीय: चाबहार पोर्ट को लेकर ईरान संग करार…भूराजनीतिक लाभ

अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के नेतृत्व में अपनी परिकल्पना के दो दशक से ज्यादा समय बाद और नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा चाबहार (Chabahar) में अंतरराष्ट्रीय परिवहन और ट्रांजिट कॉरिडोर की स्थापना संबंधी समझौते के आठ वर्ष बाद आखिरकार भारत और ईरान ने सोमवार को 10 वर्षीय परिचालन अनुबंध पर हस्ताक्षर कर दिए। भारत सरकार […]

आज का अखबार, लेख

भारत की वृद्धि प्राथमिकताओं को सही करने की जरूरत

आकार ही नहीं बल्कि प्रति व्यक्ति आय के मामले में भी अपने समकक्षों की बराबरी करने के लिए भारत को स्वास्थ्य और शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है। बता रहे हैं जनक राज ऐतिहासिक रूप से देखें तो अकेले आर्थिक वृद्धि या आय को ही मानव विकास का प्राथमिक मानक माना जाता था। […]

आज का अखबार, संपादकीय

संपादकीय: वृद्धि के लिए बैंकिंग

पिछला वित्त वर्ष (2023-24) निजी बैंकों के लिए बेहतर और सरकारी क्षेत्रों के लिए शानदार रहा। सभी बैंकों की समेकित शुद्ध आय में विस्तार हुआ और ज्यादातर समय शुद्ध ब्याज मार्जिन भी बरकरार रहा। बैंकों की गैर ब्याज आय भी बढ़ी क्योंकि बैंकों ने पूरक उत्पादों की बिक्री की व्यवस्था बढ़ाई और उनकी शुल्क आय […]

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