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पश्चिम एशिया संकट से मौद्रिक नीति में सख्ती का संकेत, बढ़ सकती है रीपो रेटफरवरी में भारत का वस्तु निर्यात घटा, व्यापार घाटा बढ़ा; मार्च भी चुनौतीपूर्णभारतीय उद्योग जगत पर दिखने लगे जंग के जख्म; ईंधन व आपूर्ति में रुकावटें बढ़ीअमेरिका-ईरान युद्ध के बीच FPIs ने भारतीय शेयर बाजार से 58,064 करोड़ रुपये निकालेम्युचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर्स और निवेश सलाहकार तंत्र को मजबूत बनाएगा सेबीखाड़ी संकट बढ़ा, फोनपे का आईपीओ टलाIDBI बैंक का शेयर 16.5% लुढ़का, सरकारी हिस्सेदारी बिक्री योजना रद्द होने की आशंकाबंधन बैंक का शेयर 7.46% गिरा, प्रमोटर हिस्सेदारी बेचने या आईपीओ की अटकलों का असरनोमूरा और सिटी ने घटाया निफ्टी का लक्ष्य, मिड और स्मॉल कैप पर खतराशेयर बाजार में आया सुधार मगर दबाव बरकरार, सेंसेक्स 939 अंक चढ़ा

लेखक : बीएस संपादकीय

आज का अखबार, संपादकीय

बैंकिंग क्षेत्र में अधिक प्रतिस्पर्द्धा की दरकार

भारतीय रिजर्व बैंक ने पिछले सप्ताह उन मौजूदा ‘लघु वित्त बैंक’ या एसएफबी के लिए नए नियम जारी किए जो खुद को नियमित यानी ‘यूनिवर्सल’ बैंक में बदलने की इच्छा रखते हैं। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हैं कि क्या कोई मौजूदा एसएफबी तुरंत इस प्रक्रिया का लाभ उठा पाएगा या नहीं लेकिन यह स्वागत […]

संपादकीय

भारत को उभरते क्षेत्रों पर देना होगा ध्यान

बीते कुछ दशकों की बात करें तो भारतीय अर्थव्यवस्था का एक चमकदार पहलू रहा है सेवा निर्यात की गति। इसने न केवल कारोबारी अंतर को थामे रखने में मदद की है बल्कि यह देश में रोजगार निर्माण का स्रोत भी रहा है। इनमें उच्च कौशल वाले रोजगार शामिल हैं। सेवा क्षेत्र में देश की सफलता […]

आज का अखबार, संपादकीय

संपादकीय: मसाला ब्रांडों में कैंसर कारक पाए जाने का मामला…देश में कमजोर मानकों की समस्या

भारत के दो लोकप्रिय मसाला ब्रांडों में कैंसर कारक कीटनाशक पाए जाने को लेकर इन दिनों विदेशों में जो बवाल मचा है वह देश में खाद्य एवं औषधि नियमन के कमजोर मानकों की समस्या को एक बार फिर सामने लाता है। इस सप्ताह के आरंभ में अच्छी खासी भारतीय आबादी वाले हॉन्गकॉन्ग और सिंगापुर में […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: 2023 में वैश्विक व्यापार में 1.2% की गिरावट…तैयार रहने की जरूरत

वर्ष 2023 में वैश्विक व्यापार में 1.2 फीसदी की गिरावट के बाद दुनिया भर में वस्तु व्यापार का आकार इस वर्ष 2.6 फीसदी और अगले वर्ष 3.3 फीसदी बढ़ने का अनुमान है। इसके बावजूद कारोबारी समूहों के बीच गहराती समस्याओं और बढ़ते तनाव ने सीमापार के व्यापारिक रिश्तों को जोखिम में डाल दिया है। बहुपक्षीय […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: वोडाफोन आइडिया का एफपीओ…अभी लंबा है सफर

वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea) के 18,000 करोड़ रुपये के फॉलोऑन पब्लिक ऑफर (FPO) ने यह उम्मीद जगा दी है कि नकदी संकट से जूझ रही इस दूरसंचार कंपनी के हालात बदल सकते हैं। एफपीओ सात गुना सबस्क्राइब हुआ और निवेशकों से करीब 90,000 करोड़ रुपये की राशि बोली में हासिल हुई। बीते कुछ वर्षों में […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: मजबूत हो निवेश संस्कृति…

सरकार विश्व बैंक के नए बिजनेस रेडी (बी-रेडी) सूचकांक के लिए तैयारी में लग गई है जो अब बंद हो चुके कारोबारी सुगमता सूचकांक का स्थान लेगा। इससे पता चलता है कि सरकार आर्थिक वृद्धि के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) पर नए सिरे से जोर देने के लिए तैयार है। बी-रेडी सूचकांक का लक्ष्य […]

आज का अखबार, संपादकीय

वैश्विक आईटी खर्च की दिशा बदलेगी!

देश की तीन दिग्गज सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों, टीसीएस, इन्फोसिस और विप्रो के वित्त वर्ष 24 की चौथी तिमाही (जनवरी से मार्च) और वित्त वर्ष 24 के नतीजे कमजोर रहे हैं। तीनों कंपनियों ने सतर्क अनुमान और सलाह भी जारी किए हैं (हालांकि टीसीएस राजस्व का अनुमान जारी नहीं करती)। तीनों बड़ी कंपनियों के प्रबंधन की […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: डेरिवेटिव कारोबार की अधिकता से उत्पन्न होने वाले संभावित जोखिमों का अध्ययन

जानकारी के मुताबिक वित्तीय स्थिरता एवं विकास परिषद एक पैनल के गठन पर विचार कर रही है ताकि डेरिवेटिव (वायदा एवं विकल्प) कारोबार की अधिकता से उत्पन्न होने वाले संभावित जोखिमों का अध्ययन किया जा सके। वायदा एवं विकल्प या फ्यूचर और ऑप्शन कारोबार में तेज उछाल और इसमें खुदरा भागीदारी में इजाफे ने शायद […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन और चुनावों में भरोसा

देश में आम चुनावों के लिए आज पहले चरण का मतदान हो रहा है। यह एक बड़ी कवायद है जिसे पूरा करने में कई सप्ताहों का समय लगता है और देश भर में कई चरणों में ये चुनाव होने हैं। पहले चरण में कुल 543 लोक सभा सीट में से 102 में मतदान हो रहा […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: भ्रामक विज्ञापनों पर मजबूत निगरानी जरूरी

देसी आयुर्वेदिक उत्पाद बनाने वाली कंपनी पतंजलि को भ्रामक विज्ञापनों के लिए सर्वोच्च न्यायालय की नाराजगी का सामना करना पड़ा है। मॉन्डलीज जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों को भी वाणिज्य मंत्रालय के एक आदेश के बाद बाजार संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। मंत्रालय ने अपने आदेश में कहा है कि ई-कॉमर्स कंपनियों को अपने […]

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