संपादकीय: जीएसटी परिषद की 54वीं बैठक में महत्त्वपूर्ण निर्णय…
वस्तु एवं सेवा कर (GST) परिषद ने 54वीं बैठक में कुछ महत्त्वपूर्ण निर्णय लिए। बैठक में यह भी दर्ज किया गया कि कुछ अहम मुद्दों की समीक्षा राज्यों के विभिन्न मंत्री समूह करेंगे। परिषद ने जो अहम निर्णय लिए उनमें एक यह भी था कि विदेशी विमानन सेवाओं को देश के बाहर स्थित संबंधित पक्षों […]
Editorial: सरकार की ‘एक राज्य एक RRB’ योजना से क्या छोटे बैंकों का हो सकता है विलय? केंद्रित हस्तक्षेप की जरूरत
देश में क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) की स्थापना 1975 में एक कार्य समूह की अनुशंसाओं के बाद की गई थी। इसके पीछे विचार था क्षेत्रीय स्तर पर केंद्रित बैंकों की स्थापना करना जो स्थानीय मुद्दों से वाकिफ हों और ग्रामीण इलाकों में बैंकिंग सेवाओं का विस्तार किया जा सके। आरआरबी का मालिकाना संयुक्त रूप से […]
Editorial: हिमाचल की बिगड़ती वित्तीय स्थिति, चेतावनी के संकेत
हिमाचल प्रदेश ऐसे आर्थिक संकट से गुजर रहा है जिसमें न केवल राज्य की खस्ता वित्तीय स्थिति उजागर हुई है बल्कि उसने कांग्रेस शासित राज्य सरकार और मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच राजनीतिक घमासान को भी जन्म दे दिया है। राज्य की आर्थिक मुश्किलों के लिए मोटे तौर पर भारी उधारी, […]
Editorial: महिलाओं की सुरक्षा जरूरी, व्यावहारिक कदम उठाने पर राज्यों को देना चाहिए ध्यान
पश्चिम बंगाल विधान सभा ने सर्वसम्मति से एक कानून पारित कर दिया है जिसमें बलात्कार की अधिकांश श्रेणियों में मौत की सजा देने का प्रावधान है। सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस ने पिछले महीने राज्य के एक सरकारी अस्पताल आर जी कर मेडिकल कॉलेज ऐंड हॉस्पिटल में महिला डॉक्टर के बलात्कार और हत्या के बाद जिस तरह […]
Editorial: भारत में मुद्रास्फीति लक्षित करने पर बहस: क्या खाद्य महंगाई को अलग किया जाना चाहिए?
इस वर्ष जुलाई में आई आर्थिक समीक्षा में मुद्रास्फीति को लक्षित करते समय खाद्य पदार्थों को बाहर रखकर आकलन करने का सुझाव आने के बाद से ही मुद्रास्फीति को लक्षित करने की प्रणाली के बारे में दिलचस्प बहस चल रही है। वित्त मंत्रालय के अर्थशास्त्री मानते हैं कि उच्च खाद्यान्न कीमतें अक्सर आपूर्ति संबंधी कारकों […]
Editorial: विश्व बैंक का वाजिब तर्क, भारत को व्यापार समझौतों को लेकर लगातार करना चाहिए पुनराकलन
विश्व बैंक के भारत के विकास संबंधी अपडेट के ताजा संस्करण में इस बहुपक्षीय संस्था ने कहा है कि चुनौतीपूर्ण बाह्य परिस्थितियों के बावजूद, मध्यम अवधि में देश की वृद्धि अपेक्षाकृत मजबूत रहेगी। बैंक ने 2024-25 में सात फीसदी की वृद्धि दर का अनुमान जताया है जो भारतीय रिजर्व बैंक के मौजूदा अनुमान से मामूली […]
Editorial: निवेशकों के लिए उत्साह के बीच सावधानी जरूरी
रिसोर्सफुल ऑटोमोबाइल्स की एसएमई प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) को लेकर मचने वाला हो हल्ला संकेत करता है कि प्राथमिक बाजार अतिउत्साह के दौर से गुजर रहा है। एसएमई आईपीओ भी सामान्य आईपीओ की तरह होते हैं जो छोटे और मझोले उपक्रमों द्वारा पेश किए जाते हैं, जिनकी मदद से पूंजी जुटाने और शेयर बाजार में […]
Editorial: भारत में खाद्य तेल की बढ़ती खपत और आयात निर्भरता, फसल विविधीकरण से हो सकता है सुधार
भारत खाद्य तेलों के अहम उत्पादकों में से एक है। दुनिया के कुल तिलहन रकबे का करीब 15-20 फीसदी भारत में है। जबकि वैश्विक उत्पादन में हमारी हिस्सेदारी 6-7 फीसदी और खपत में हमारा योगदान 9-10 फीसदी है। इसके बावजूद देश की खाद्य तेल खपत का करीब 57 फीसदी हिस्सा आयात से पूरा किया जाता […]
Editorial: सरकारी व्यय और कृषि के दबाव में विकास दर में गिरावट, फिर भी दिखाई दे रहे आशा के संकेत
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के अपने तिमाही आंकड़े जारी कर दिए हैं। अप्रैल और जून 2024 के बीच की अवधि में जीडीपी की वास्तविक सालाना वृद्धि 6.7 फीसदी रही। इसे गिरावट के रूप में देखा जा रहा है क्योंकि पिछली तिमाही में जीडीपी में सालाना 7.8 फीसदी की वृद्धि दर्ज की […]
Editorial: ISS में फंसे NASA के अंतरिक्ष यात्री- स्टारलाइनर मिशन की विफलता, आगामी चुनौतियां और ISRO के लिए सबक
अंतरिक्ष यात्रियों सुनीता विलियम्स और बैरी विलमोर के फरवरी 2025 तक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) में फंसे रहने की खबर उन चुनौतियों को सामने लाती है जो मानवयुक्त अंतरिक्ष अभियानों में सामने आ सकती हैं। अंतरिक्ष यात्रियों का यह अनुभवी जोड़ा जून के आरंभ में बोइंग स्टारलाइनर पर सवार होकर आईएसएस पहुंचा था। यह मिशन […]









