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लेखक : बीएस संपादकीय

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: पूंजीगत लाभ कर ढांचे को सहज बनाना बजट की अच्छी बात, अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन पर निर्भर होगा शेयर बाजार

Union Budget 2024: मंगलवार को प्रस्तुत केंद्रीय बजट में एक अच्छी बात रही पूंजीगत लाभ ढांचे को सहज बनाना। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि चुनिंदा वित्तीय परिसंपत्तियों पर अल्पावधि का पूंजीगत लाभ कर 20 फीसदी की दर से लगाया जाएगा जबकि पहले यह 15 फीसदी की दर से लगाया जाता था। अन्य […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: संतुलन साधने वाला बजट

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2024-25 का बजट पेश करते समय उस राजनीतिक संदर्भ का जिक्र नहीं किया, जिसमें उनके मंत्रालय को बजट तैयार करना पड़ा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली इस नई सरकार के समक्ष पहले की तुलना में अधिक चुनौतियां हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कुछ कट्टर समर्थकों […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए टिकाऊ विकास की राह

मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) वी अनंत नागेश्वरन और वित्त मंत्रालय की उनकी टीम द्वारा तैयार आर्थिक समीक्षा (Economic Survey 2024) से एक स्पष्ट संकेत नजर आता है। वह यह कि भारतीय अर्थव्यवस्था महामारी से मजबूती से उबर चुकी है लेकिन विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए टिकाऊ वृद्धि के लिए निरंतर हस्तक्षेप की […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: मुद्रास्फीति प्रबंधन पर ध्यान

जून माह की हेडलाइन मुद्रास्फीति दर 5.08 फीसदी के साथ चार माह के उच्चतम स्तर पर है जबकि उससे पिछले माह यह 4.8 फीसदी के स्तर पर थी। यह दर रिजर्व बैंक के 4 फीसदी के मुद्रास्फीति लक्ष्य से काफी अधिक है। बहरहाल, बाजार में एक नजरिया यह भी है कि चूंकि कोर मुद्रास्फीति की […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: इलेक्ट्रिक वाहनों में निवेश

भारत का 2030 तक उत्सर्जन में 45 प्रतिशत की कमी करने तथा 2070 तक उत्सर्जन को विशुद्ध शून्य तक लाने का लक्ष्य, काफी हद तक इस बात पर निर्भर करता है कि हम इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को किस हद तक अपना पाते हैं। हम पहले ही खुद को दुनिया में इलेक्ट्रिक व्हीकल के सबसे तेज बढ़ते […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: राजकोषीय मजबूती और केंद्र-राज्य कोष प्रबंधन पर जोर

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अगले सप्ताह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश करेंगी। बजट से अपेक्षाएं हैं कि करों को युक्तिसंगत बनाने, पूंजीगत व्यय बढ़ाने और रोजगार तैयार करने के मुद्दे इसमें अहम रहेंगे। यह संभव है कि पूर्ण बजट अंतरिम बजट के साथ तालमेल वाला […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: प्रतिगामी है कर्नाटक का प्रस्तावित कानून, बेहतरीन प्रतिभाएं चुनने की उद्योगों को होनी चाहिए आजादी

कर्नाटक मंत्रिमंडल ने निजी नौकरियों में स्थानीय आरक्षण को अनिवार्य करके इस विवाद को नया मोड़ दे दिया है। संबंधित विधेयक को वर्तमान विधानसभा सत्र में पेश किया जाना है और इसमें कहा गया है कि स्थानीय कंपनियों के रोजगार में प्रबंधन के पदों पर 50 फीसदी और गैर प्रबंधकीय पदों पर 75 फीसदी नियुक्तियां […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: निजी भागीदारी में हो इजाफा, हथियारों पर विदेशी मुद्रा खर्च कम करने की जरूरत

बीते तकरीबन पांच साल में देश की रक्षा खरीद नीति में ‘स्वदेशीकरण’ का बड़ा लक्ष्य तय किया गया। भारत समेत किसी भी देश में ऐसे प्रयास करने के लिए पर्याप्त वजह होती हैं। यह महत्त्वपूर्ण है, खासकर एक बढ़ती असुरक्षा वाले विश्व में जरूरी हथियारों और उन्हें चलाने वाले प्लेटफॉर्मों पर अधिकतम नियंत्रण आवश्यक है। […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: 2080 तक दुनिया की आबादी 10 अरब, विकास के लिए सीमित संभावनाएं

संयुक्त राष्ट्र ने गत सप्ताह विश्व जनसंख्या संभावना रिपोर्ट जारी की। इस रिपोर्ट में व्यापक तौर पर वैश्विक जनांकिकी के भविष्य की राह समेत कई अनुमान जताए गए हैं तथा चुनिंदा देशों और क्षेत्रों को लेकर भविष्यवाणी की गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया की आबादी में इजाफा जारी रहेगा और 2080 […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: विकास का सूचकांक, सुधार के बावजूद चुनौतियां बरकरार

सरकारी थिंक टैंक नीति आयोग ने अपने ताजा सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) भारत सूचकांक में एक उम्मीद भरी तस्वीर पेश की है। सूचकांक में भारत को 100 में से समग्र रूप से 71 अंक मिले हैं जबकि 2021 में उसे 66 तथा आधार वर्ष 2018 में 57 अंक प्राप्त हुए थे। यह रिपोर्ट 113 अलग-अलग […]

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