facebookmetapixel
India manufacturing PMI: जनवरी में आर्थिक गतिविधियों में सुधार, निर्माण और सर्विस दोनों सेक्टर मजबूतसोना, शेयर, बिटकॉइन: 2025 में कौन बना हीरो, कौन हुआ फेल, जानें हर बातट्रंप ने JP Morgan पर किया 5 अरब डॉलर का मुकदमा, राजनीतिक वजह से खाते बंद करने का आरोपShadowfax Technologies IPO का अलॉटमेंट आज होगा फाइनल, फटाफट चेक करें स्टेटसGold and Silver Price Today: सोना-चांदी में टूटे सारे रिकॉर्ड, सोने के भाव ₹1.59 लाख के पारSilver के बाद अब Copper की बारी? कमोडिटी मार्केट की अगली बड़ी कहानीAI विश्व शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे स्पेन के 80 विश्वविद्यालयों के रेक्टरभारत–कनाडा सहयोग को नई रफ्तार, शिक्षा और व्यापार पर बढ़ा फोकसIndia-EU trade deal: सीमित समझौते से नहीं मिल सकता पूरा लाभनागर विमानन मंत्री नायडू बोले: भारत अब उभरती नहीं, वैश्विक आर्थिक शक्ति है

ऋण के सार्वजनिक निर्गम में चुनिंदा निवेशकों को प्रोत्साहन पर विचार

प्रस्ताव का मकसद व्यापक खुदरा भागीदारी को प्रोत्साहित करना तथा सार्वजनिक बॉन्ड पेशकशों के माध्यम से रकम जुटाने को फिर से गति देना है।

Last Updated- October 27, 2025 | 10:50 PM IST
SEBI

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने सोमवार को ऋण वाले सार्वजनिक निर्गमों में निवेशकों की खास श्रेणियों को प्रोत्साहन की अनुमति का प्रस्ताव रखा। यह कदम ऋण बाजार में भागीदारी बढ़ाने और इसे लेकर रुचि को फिर से जगाने के प्रयासों का हिस्सा है। प्रस्ताव का मकसद व्यापक खुदरा भागीदारी को प्रोत्साहित करना तथा सार्वजनिक बॉन्ड पेशकशों के माध्यम से रकम जुटाने को फिर से गति देना है। हाल में इसमें काफी गिरावट आई है।

सेबी के आंकड़ों के अनुसार सार्वजनिक ऋण निर्गमों के माध्यम से जुटाई गई धनराशि वित्त वर्ष 2024 में 19,168 करोड़ रुपये थी जो वित्त वर्ष 2025 में घटकर 8,149 करोड़ रुपये रह गई। इस गिरावट से निवेशकों की कमजोर दिलचस्पी का पता चलता है।

प्रस्तावित मसौदे के तहत बॉन्ड जारी करने वाले निर्गमकर्ता कुछ निवेशक वर्गों, जिनमें खुदरा ग्राहक, वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं और सशस्त्र बलों के जवान शामिल हैं, को ज्यादा ब्याज दर या निर्गम मूल्य पर छूट जैसे प्रोत्साहन दे सकते हैं।

ये प्रोत्साहन व्यक्तियों को आकर्षित करने के साथ-साथ सार्वजनिक बॉन्ड जारी करने की संख्या बढ़ाने के लिहाज से तय किए जाएंगे। सेबी ने स्पष्ट किया है कि कोई भी ऊंची ब्याज दर केवल प्रारंभिक आवंटियों पर लागू होगी और बॉन्ड के हस्तांतरण जैसी स्थिति में समाप्त हो जाएगी।

ऐसे प्रोत्साहन देने का निर्णय पूरी तरह से जारीकर्ता के पास होगा और प्रस्ताव दस्तावेज में इसका स्पष्ट खुलासा करना होगा। यह प्रस्ताव अन्य निवेश क्षेत्रों में प्रचलित परंपराओं की तरह है। उदाहरण के लिए, स्टॉक एक्सचेंजों के माध्यम से प्रवर्तकों की बिक्री पेशकश (ओएफएस) में जारीकर्ताओं को खुदरा निवेशकों को छूट देने की अनुमति होती है, बशर्ते कि विवरण पहले से बता दिया जाए। इसी प्रकार बैंक वरिष्ठ नागरिकों को सावधि जमा की ऊंची दरों की पेशकश करते हैं।

First Published - October 27, 2025 | 10:44 PM IST

संबंधित पोस्ट