इस हफ्ते 97 प्रति डॉलर के करीब पहुंचने के बाद रुपये ने पिछले दो दिनों में जोरदार वापसी की और चालू सप्ताह में एशिया की सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली मुद्रा बन गई। इसकी वजह भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा हाजिर और वायदा दोनों ही बाजारों में भारी दखल देना रहा। कच्चे तेल की कीमतों […]
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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ‘अर्थव्यवस्था की स्थिति’ पर जारी मासिक रिपोर्ट में कहा गया है कि पश्चिम एशिया युद्ध के बाद कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी बाह्य क्षेत्र के लिए चुनौती पेश करती है। तेल में तेजी के असर पर नजर रखना जरूरी है, भले ही हेडलाइन मुद्रास्फीति दर तय सीमा के भीतर […]
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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के सेंट्रल बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 2.87 लाख करोड़ रुपये का अधिशेष केंद्र सरकार को हस्तांतरित करने का फैसला किया है जो पिछले साल के रिकॉर्ड 2.69 लाख करोड़ रुपये लाभांश से भी करीब 7 फीसदी अधिक है। हालांकि केंद्रीय बैंक ने आकस्मिक जोखिम बफर (सीआरबी) के तहत […]
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वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल सोमवार से कनाडा की तीन दिवसीय यात्रा पर जाएंगे। उनके साथ व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल और वार्ताकारों की एक छोटी टीम भी होगी। इस दौरे का मकसद प्रस्तावित व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) पर दिसंबर तक बातचीत को आगे बढ़ाना है। भारत और कनाडा ने 8 मई को व्यापार वार्ता का […]
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भारत और साइप्रस ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंचा दिया है। शुक्रवार को दोनों देशों ने अगले पांच वर्षों के लिए रक्षा के क्षेत्र में सहयोग की एक कार्ययोजना भी तैयार की। इस कार्य योजना के तहत भारतीय रक्षा उद्योग साइप्रस को यूरोपीय रक्षा बाजार में प्रवेश करने के लिए […]
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आगामी मंगलवार को नई दिल्ली में होने वाली बैठक में क्वाड (क्वाडिलैटरल सिक्योरिटी डायलॉग) देशों के विदेश मंत्री पश्चिम एशिया संकट पर चर्चा करेंगे। इसमें होर्मुज संकट और उससे उत्पन्न चुनौतियां शामिल हैं। भारत में होने वाली क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक इसी वर्ष आगे चलकर भारत द्वारा क्वाड शिखर सम्मेलन की मेजबानी का मार्ग […]
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केरल में हाल ही में कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार का नेतृत्व संभालने वाले मुख्यमंत्री वडश्शेरी दामोदर मेनन सतीशन, वीडी नाम से लोकप्रिय हैं। सतीशन कांग्रेस के उन गिने-चुने नेताओं में से एक हैं जो किसी गुट से नहीं जुड़े हैं। केरल कांग्रेस में यह इस मायने में एक विरोधाभास है […]
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आर्थिक उदारीकरण भारत के पारिवारिक स्वामित्व वाले व्यापारिक समूहों के लिए अनुकूल नहीं रहा है। वर्ष 2000 के दशक की शुरुआत में खुले बाजारों में प्रतिस्पर्धा करने में असमर्थता ने तीखे आंतरिक झगड़ों को जन्म दिया, जिसके कारण प्रसिद्ध ‘लाइसेंस राज’ के दिग्गज समूह बिखर गए। इनमें सिंघानिया, श्रीराम, मफतलाल कुछ प्रमुख नाम हैं। यही […]
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भारतीय व्यापारिक अभिजात वर्ग की अंतरराष्ट्रीयकरण संबंधी रणनीति पारंपरिक रूप से अमेरिका पर केंद्रित रही है। दशकों तक यह एक तार्किक विकल्प था। अमेरिका ने दुनिया का सबसे गहरा पूंजी बाजार, सबसे उन्नत तकनीक और एक पूर्वानुमानयोग्य संस्थागत वातावरण प्रदान किया। अब यह परिदृश्य बदल गया है। अमेरिका में संस्थानों की गुणवत्ता में गिरावट आई […]
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सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) अगले 2 वित्त वर्ष में 35,000 करोड़ रुपये से अधिक की महत्त्वाकांक्षी पूंजीगत व्यय योजना पर काम कर रही है। यह मुख्य रूप से आईआईएससीओ, बोकारो और भिलाई इस्पात संयंत्रों में क्षमता विस्तार पर खर्च किया जाएगा। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 में लगभग 15,000 […]
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