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टाटा समूह के नए कारोबार मांग रहे बड़ी पूंजी, सेमीकंडक्टर से एयर इंडिया तक कई लाख करोड़ के निवेश पर नजरटीवी रेटिंग का संकट गहराया, सरकार की नई नीति के चलते विज्ञापन बाजार पर बढ़ी चिंताEditorial: कॉरपोरेट मुनाफे की रफ्तार तेज, निवेश पीछे; विनिर्माण को नई ताकत देना बड़ी चुनौतीरोजगार की नई राह बनेगा सेवा क्षेत्र, शिक्षा और स्वास्थ्य में छिपी बड़ी संभावनाएंउदारीकरण ने बदली दूरसंचार की तस्वीर, कभी फोन कनेक्शन के लिए सालों इंतजार करता भारत आज बना डिजिटल ताकतपरमाणु संयंत्रों के लिए नए नियमों का ड्राफ्ट, सुरक्षा और निवेश दोनों पर फोकसFCNR (B) स्वैप सुविधा समय से पहले बंद, रुपये पर दबाव बढ़ा; सरकारी बॉन्ड यील्ड भी चढ़ीशेयर बाजार को मजबूत करने की तैयारी: SLBM का दायरा बढ़ाएगा SEBI, CAS को मिलेगी मजबूतीरिवॉल्विंग क्रेडिट पर रोक के प्रस्ताव से NBFC चिंतित, RBI को देंगे फीडबैकभाजपा ने बनाई नई टीम, 65 पदाधिकारियों में 51 नए चेहरे; स्मृति ईरानी महासचिव तो राम माधव बने उपाध्यक्ष

लेखक : शेखर गुप्ता

आज का अखबार, लेख

40 साल बाद भी अनसुना है जनरल वैद्य का बलिदान, क्या भारत अपने युद्ध नायकों को भूल गया?

‘पुराने सैनिक कभी नहीं मरते, वे बस भुला दिए जाते हैं।’ जनरल डगलस मैकआर्थर ने इस पंक्ति को अमर कर दिया। इस विडंबना को इस सप्ताह एक महान भारतीय सैनिक की याद ने दोबारा स्मृति में ला दिया। बस इतना ही कि गोलीबारी में उनकी मौत हो गई और फिर उन्हें भुला दिया गया। यह […]

आज का अखबार, लेख

भागवत का Gen Z आउटरीच, RSS नेतृत्व के रुख में व्यावहारिक बदलाव का संकेत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख या सरसंघचालक मोहन भागवत ने संघ की शताब्दी की तैयारी के दौरान संगठन को नए सिरे से प्रस्तुत करने की प्रक्रिया में अपनी छवि में भारी बदलाव किया है। वह हमें यह तो नहीं बताएंगे कि यह बदलाव उन्हें रातों को करवटें बदलने पर विवश करता है या अच्छी […]

आज का अखबार, लेख

जेनज़ी ने उजागर की खामी क्या लाभ ले पाएगा विपक्ष?

आप अपने राजनीतिक रुझान के अनुसार जंतर मंतर को एक क्रांति के रूप में अथवा एक गुजरे हुए तूफान के रूप में देख सकते हैं। मेरे तर्कों से किसी की सोच नहीं बदलने वाली। बहरहाल, क्या मैं यह कहने का प्रयास करूं कि क्या हुआ और क्या नहीं? जो कुछ हुआ वह मोदी सरकार के […]

आज का अखबार, लेख

भारत की शिक्षा व्यवस्था को नौकरशाही में फेरबदल नहीं, प्रणालीगत सुधारों की जरूरत

नरेंद्र मोदी सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेताओं के बीच सीधी बातचीत हुई, सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल खत्म कर दी है और प्रदर्शनकारियों को मनाने के लिए नाटकीय कदम उठाते हुए गुरुवार देर रात उच्च शिक्षा सचिव को पद से हटा दिया गया। प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा चाहते थे […]

आज का अखबार, लेख

भारत की उभरती एकदलीय राजनीति में कांग्रेस के लिए खुला नया रास्ता

महज दो सप्ताह पहले मैंने इसी स्तंभ में लिखा था कि कैसे नरेंद्र मोदी और अमित शाह के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) लोक सभा में बहुमत से दूर होने के बाद भी देश को एकदलीय व्यवस्था की ओर ले जा रही है। संसद के मॉनसून सत्र में इसका भी परीक्षण होगा। इस दौरान […]

आज का अखबार, लेख

‘सतलुज’ विवाद से पंजाब की चुनावी राजनीति में क्या आएगा बड़ा बदलाव?

चाहे जितना मासूम समय हो लेकिन पंजाब में कोई इस बात पर यकीन नहीं करेगा कि हनी त्रेहन/दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज का ओटीटी पर रिलीज होना और उसे अचानक हटा दिया जाना बिना किसी राजनीतिक निहितार्थ के उठाया गया कदम था। षडयंत्र सिद्धांतों के इस दौर में पंजाब में हर व्यक्ति इस मामले में […]

आज का अखबार, लेख

कांग्रेस से कैसे छूटा राष्ट्रवाद का मुद्दा? 2014 के बाद की रणनीति पर पुनर्विचार

राष्ट्रीय राजनीति में चल रहे मंथन के दो पहलू हैं और चिंता मत कीजिए मैं मंत्रिमंडल के संभावित विस्तार के बारे में बात नहीं कर रहा हूं। यह काम राजधानी के कमोबेश बेरोजगार अंदरूनी जानकारी वाले ज्ञानी लोगों के लिए छोड़ता हूं। मेरी रुचि दो ऐसी बातों में है जो विरोधाभासी नजर आती हैं लेकिन […]

आज का अखबार, लेख

‘कॉमिक्स’ पत्रकारिता से यह कैसा डर? जो सैको की किताब हटाना ‘प्रकाशन जगत का मजाक’

माल्टा मूल के अमेरिकी कार्टूनिस्ट जो सैको ने अनूठी ‘कॉमिक्स पत्रकारिता’ के बूते दुनिया भर में तो लोकप्रियता हासिल की ही है, अपने भारी-भरकम बायोडाटा में उन्होंने अपनी नवीनतम किताब ‘द वन्स ऐंड फ्यूचर रायट’ के रूप में एक और उपलब्धि जोड़ ली। हालांकि, पें​ग्विन रैंडम हाउस इंडिया ने इस किताब का वितरण रोक दिया […]

आज का अखबार, लेख

सत्ता से नहीं, विचारधारा से कायम रहती है दलों की एकजुटता

व्यापक दलबदल के इस दौर में जब सभी दलबदल करने वाले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर रुख कर रहे हैं तब तीन ऐसे राजनीतिक प्रश्न उठते हैं जो आपस में संबद्ध हैं। राजनीतिक दल क्यों टूटते हैं? लोग दलबदल क्यों करते हैं? क्या विचारधारा, सिद्धांत और यहां तक कि निष्ठा की कोई अहमियत है? […]

आज का अखबार, लेख

प्रधानमंत्री मोदी की अगली परीक्षा इतिहास को दोहराने की नहीं, बल्कि भविष्य को संवारने की चुनौती 

बीते सप्ताह यही बात खबरों में रही कि नरेंद्र मोदी ने निरंतर सबसे लंबी अवधि तक प्रधानमंत्री के रूप में पद संभालने का जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ दिया। मोदी और नेहरू के बीच यह तुलना खूब होती रही है कि दरअसल किसने भारत के लिए क्या किया। अब वक्त आ गया है कि हम […]

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