वित्त मंत्रालय ने अगले महीने से तंबाकू उत्पादों पर नई कर व्यवस्था की घोषणा की है। इसके बाद गुरुवार को तंबाकू कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई। सिगरेट बनाने वाली अग्रणी कंपनी आईटीसी के शेयर में 9.7 फीसदी की गिरावट आई और यह सत्र के अंत में 364 रुपये पर बंद हुआ। यह 3 अप्रैल 2023 के बाद का इसका सबसे निचला स्तर है और 23 मार्च, 2020 के बाद से एक दिन में सबसे बड़ी गिरावट ।
आईटीसी पर एक नोट में जेफरीज ने कहा कि कंपनी को उपभोक्ताओं पर पूरा असर डालने के लिए कीमतों में कम से कम 15 फीसदी की वृद्धि करनी होगी। नोट में कहा गया है, यह स्पष्ट रूप से नकारात्मक पहलू होगा क्योंकि इससे बिक्री की मात्रा प्रभावित होगी और सिरगेट के अवैध बाजार के हाथों कुछ बिक्री खोने के जोखिम की चिंताएं फिर से उभरेंगी।
इक्विनॉमिक्स के संस्थापक जी. चोकालिंगम ने कहा, कर में बढ़ोतरी का सिगरेटों की मांग पर असर पड़ेगा। चोकालिंगम ने कहा, आईटीसी की समस्या यह है कि उसका पेपर सेगमेंट अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहा है। उसकी आईटी की सहायक कंपनी की वृद्धि नहीं हो रही है और अन्य एफएमसीजी सेगमेंट भी वृद्धि नहीं दिखा रहे हैं। सिगरेट उसकी आय का प्रमुख स्रोत रहा है और इस सेगमेंट को झटका लगना नकारात्मक है। लेकिन अपने विशिष्ट उत्पाद मिश्रण के कारण कंपनी बेहतर स्थिति में है। यह काफी मजबूत है। लेकिन करों में काफी इजाफा किया गया है और यह तंबाकू पर कर यहीं खत्म नहीं हो जाते।
चोकालिंगम ने कहा कि ब्रिटिश अमेरिकन टोबैको (बीएटी) आईटीसी में अपनी हिस्सेदारी और कम कर सकती है, जिससे इसके शेयरों पर और दबाव पड़ेगा। दिसंबर में बीएटी ने आईटीसी होटल्स की 9 फीसदी हिस्सेदारी 3,820 करोड़ रुपये में बेची थी, जिससे कंपनी में उसकी हिस्सेदारी घटकर 6.3 फीसदी रह गई थी।
भारत में मार्लबोरो सिगरेट का निर्माण और वितरण करने वाली कंपनी गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया के शेयर की कीमत में 17.09 फीसदी की भारी गिरावट आई जो 16 नवंबर 2016 के बाद सबसे बड़ी एकदिवसीय गिरावट है। एनटीसी इंडस्ट्रीज के शेयरों पर 2.6 फीसदी और वीएसटी इंडस्ट्रीज के शेयरों पर 0.6 फीसदी की चोट पड़ी।
अधिसूचनाओं के मुताबिक बीड़ी को छोड़कर अन्य तंबाकू उत्पादों पर जीएसटी की नई दर 40 फीसदी होगी और सिगरेट सहित अन्य उत्पादों पर अस्थायी शुल्क की जगह केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक 2025 लेगा। यह विधेयक 1 फरवरी, 2026 से प्रभावी होगा। सिगरेट की लंबाई के आधार पर उत्पाद शुल्क 2,050 रुपये से 8,500 रुपये प्रति 1,000 स्टिक तक होगा और यह जीएसटी के अतिरिक्त होगा।
विश्लेषकों ने कहा कि नए करों का प्रभाव मार्च तिमाही के आंकड़ों में दिखाई देगा और उन्होंने निवेशकों को तंबाकू शेयरों में सावधानी बरतने की सलाह दी है।