facebookmetapixel
Gold and Silver Price Today: सोना-चांदी में टूटे सारे रिकॉर्ड, सोने के भाव ₹1.59 लाख के पारSilver के बाद अब Copper की बारी? कमोडिटी मार्केट की अगली बड़ी कहानीAI विश्व शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे स्पेन के 80 विश्वविद्यालयों के रेक्टरभारत–कनाडा सहयोग को नई रफ्तार, शिक्षा और व्यापार पर बढ़ा फोकसIndia-EU trade deal: सीमित समझौते से नहीं मिल सकता पूरा लाभनागर विमानन मंत्री नायडू बोले: भारत अब उभरती नहीं, वैश्विक आर्थिक शक्ति हैजल्द लागू होगा DPDP ऐक्ट, बड़ी कंपनियों के लिए समय-सीमा घटाने की तैयारीनिर्यातकों की बजट में शुल्क ढांचे को ठीक करने की मांगबजट में सीमा शुल्क एसवीबी खत्म करने की मांगऑटो, ग्रीन एनर्जी से लॉजिस्टिक्स तक, दावोस में CM मोहन यादव ने बताया एमपी का पूरा प्लान

2025 में भारती ग्रुप का MCap सबसे ज्यादा बढ़ा, परिवार की अगुआई वाला देश का तीसरा सबसे बड़ा कारोबारी घराना बना

भारती ग्रुप की 3 कंपनियों का कुल MCap पिछले साल 37.3 फीसदी बढ़कर 14.7 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो दिसंबर 2024 के अंत में 10.7 लाख करोड़ रुपये था

Last Updated- January 01, 2026 | 10:50 PM IST
Bharti Airtel

दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल का स्वामित्व और संचालन करने वाला भारती समूह साल 2025 में देश के शीर्ष कारोबारी घरानों में बाजार पूंजीकरण (एमकैप) लाभ के लिहाज से सबसे आगे रहा। समूह की 3 कंपनियों का कुल एमकैप पिछले साल 37.3 फीसदी बढ़कर 14.7 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो दिसंबर 2024 के अंत में 10.7 लाख करोड़ रुपये था। इससे यह टाटा और रिलायंस समूह के बाद परिवार की अगुआई वाला देश का तीसरा सबसे बड़ा समूह बन गया है। इसने अदाणी, बजाज, आदित्य बिड़ला और महिंद्रा आदि को पीछे छोड़ दिया है।

साल 2025 में भारती समूह की 3 कंपनियों ने बेहतर प्रदर्शन किया लेकिन सबसे बड़ा लाभ भारती एयरटेल से हुआ। दिसंबर 2025 के अंत तक भारती एयरटेल का बाजार पूंजीकरण 40.1 फीसदी बढ़कर 12.67 लाख करोड़ रुपये हो गया।

एमकैप बढ़त के मामले में अनिल अग्रवाल के स्वामित्व वाला वेदांत दूसरा बड़ा समूह रहा। वेदांत समूह की 3 सूचीबद्ध कंपनियों का कुल एमकैप 2025 के अंत में 36.3 फीसदी बढ़कर लगभग 5 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो 2024 के अंत में 3.67 लाख करोड़ रुपये था। वेदांत समूह को हिंदुस्तान जिंक के शेयर में तेजी का लाभ मिला।

हिंदुस्तान जिंक का बाजार पूंजीकरण पिछले साल 38 फीसदी बढ़कर 2.59 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो 2024 में 1.88 लाख करोड़ रुपये था। हिंदुस्तान जिंक देश की सबसे बड़ी और दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी चांदी उत्पादक कंपनी है।

मुकेश अंबानी की अगुआई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज एमकैप बढ़त पाने वालों की सूची में तीसरे स्थान पर है और समूह की 9 सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 24.7 फीसदी बढ़कर 23.4 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो दिसंबर 2024 के अंत में 18.73 लाख करोड़ रुपये था।

समूचा लाभ रिलायंस इंडस्ट्रीज से आया, जिसका एमकैप 2025 के अंत तक 29.1 फीसदी बढ़कर 21.24 लाख करोड़ रुपये हो गया। साल 2024 के अंत में यह 16.45लाख करोड़ रुपये था। इसके उलट समूह की अन्य सूचीबद्ध कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में गिरावट देखी गई।

एमकैप के लिहाज से शीर्ष 10 बड़े परिवार-स्वामित्व कारोबारी समूहों में से आठ ने लाभ कमाया जबकि टाटा और इन्फोसिस का एमकैप घटा है। आईटी कंपनियों के शेयरों की कीमत में तेज गिरावट के कारण टाटा और इन्फोसिस को नुकसान हुआ।

2025 में टीसीएस का एमकैप21.8 फीसदी घट गया जबकि इन्फोसिस के एमकैप में 16.1 फीसदी की गिरावट आई। बजाज समूह का एमकैप 21.1 फीसदी, आदित्य बिड़ला समूह का 17 फीसदी, महिंद्रा समूह का 17 फीसदी, जेएसडब्ल्यू समूह का 8.3 फीसदी और अदाणी समूह का एमकैप 8 फीसदी बढ़ा है।

टाटा समूह का एमकैप 2024 के 31.08 लाख करोड़ रुपये से 10.9 फीटसदी गिरकर 2025 में 27.7 लाख करोड़ रुपये रहा। एमकैप घटने के बावजूद यह समूह सूची में शीर्ष स्थान पर बना रहा। दूसरे स्थान पर मुकेश अंबानी समूह का स्थान रहा। हालांकि अदाणी समूह की कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में अपेक्षाकृत कम वृद्धि हुई जिससे वह तीसरे स्थान से फिसल गया। तीसरे स्थान पर भारती समूह रहा। बजाज समूह चौथे स्थान से ​खिसक कर 5वें पर आ गया। वेदांत समूह 2024 के 13वें स्थान से 2025 में चार स्थान ऊपर 9वें स्थान पर पहुंच गया।

बाजार पूंजीकरण के लिहाज से देश के 10 सबसे बड़े कारोबारी समूहों का कुल बाजार पूंजीकरण 10 फीसदी बढ़कर 126.4 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो साल 2024 के अंत में 114.9 लाख करोड़ रुपये था।

इसकी तुलना में बिज़नेस स्टैंडर्ड के नमूने में शामिल सभी 1,461 कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 4.2 फीसदी बढ़कर 449.59 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो 2024 के अंत में 431.47 लाख करोड़ रुपये था। 2025 में केंद्र के स्वामित्व वाले सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 7 फीसदी बढ़कर 70.4 लाख करोड़ रुपये हो गया। हिंदुस्तान यूनिलीवर और मारुति सुजूकी जैसी सूचीबद्ध बहुराष्ट्रीय कंपनियों का कुल एमकैप 0.6 फीसदी बढ़कर 36.84 लाख करोड़ रुपये रहा।

एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, ऐक्सिस बैंक, एलऐंडटी और आईटीसी जैसी स्वतंत्र या संस्था के स्वामित्व वाली कंपनियों का एमकैप 2024 के अंत में 53.71 लाख करोड़ रुपये से 2025 में 9.2 फीसदी बढ़कर 58.7 लाख करोड़ रुपये हो गया। एचडीएफसी, आईसीआईसीआई व एलऐंडटी समूह एमकैप के मामले में इन्फोसिस, वेदांत और जेएसडब्ल्यू समूह से आगे शीर्ष 10 व्यावसायिक समूहों में शामिल थे।

First Published - January 1, 2026 | 10:46 PM IST

संबंधित पोस्ट