facebookmetapixel
Advertisement
सरकारी अस्पताल या जेब पर बोझ? गरीब राज्यों के मरीजों को देना पड़ रहा राष्ट्रीय औसत से अधिक पैसाचुनाव और रोजगार: पनप्पाक्कम में टाटा की फैक्ट्री बनी चुनावी मुद्दा, स्थानीय युवाओं को नौकरी की आसव्यापार घाटे की चुनौती: 2030 तक $50 अरब के लक्ष्य के बीच कोरिया को निर्यात में आई कमीभारत-कोरिया के बीच हुआ ‘वॉयजेस’ समझौता: अब चीन पर नहीं रहेगी निर्भरता, देश में ही बनेंगी हाई-टेक क्रेनेंउपद्रवियों पर कड़ी नजर, निडर होकर करें मतदान: अमित शाहNSE कंपनियों का CSR खर्च 23% बढ़ा, FY25 में 22,212 करोड़ रुपये पर पहुंचामोदी-कुक की वो मुलाकात और बदल गई किस्मत: कैसे 9 साल में भारत बना ऐपल का ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हबपश्चिम एशिया संकट से भारत का तेल आयात बिल घटा, कच्चे तेल की मात्रा में बड़ी गिरावटHDFC और ICICI बैंक पर ब्रोकरेज का पॉजिटिव रुख, कर्ज वृद्धि और वैल्यूएशन बने फोकसQ4 Results: HCLTech, Nestle से लेकर Persistent तक; चौथी तिमाही में किसने कितना कमाया?

मजबूत मार्जिन परिदृश्य से मैरिको को BSE पर मिली बढ़त

Advertisement
Last Updated- May 10, 2023 | 10:54 PM IST
Marico

दैनिक उपभोक्ता वस्तु क्षेत्र की प्रमुख कंपनी मैरिको का शेयर सोमवार को सात प्रतिशत चढ़ने के बाद मंगलवार को बीएसई पर 1.22 प्रतिशत बढ़त बनाए रहा। हालांकि बुधवार को इसमें 0.76 प्रतिशत की मामूली गिरावट आई। कंपनी ने वित्त वर्ष 2022-23 की मार्च तिमाही (वित्त वर्ष 23 की चौथी तिमाही) में उम्मीद से बेहतर परिणाम दर्ज किया है, जो बेहतर मार्जिन परिदृश्य के साथ लाभ का कारण बना। परिणाम के बाद कुछ ब्रोकरेज फर्मों ने बेहतर परिदृश्य और आकर्षक मूल्यांकन, दोनों की ही वजह से कमाई के अपने अनुमानों में संशोधन किया है।

पैराशूट और सफोला ब्रांड की मालिक की राजस्व वृद्धि वित्त वर्ष 22 की चौथी तिमाही की तुलना में 3.7 प्रतिशत के स्तर पर आ गई है। शहरी बाजारों में स्थिर वृद्धि दर्ज किए जाने से घरेलू वृद्धि 1.9 प्रतिशत पर सुस्त रही, हालांकि ग्रामीण क्षेत्र में कुछ तेजी रही। भारतीय बाजार में मात्रात्मक वृद्धि पांच प्रतिशत थी।

कुल राजस्व अंतरराष्ट्रीय परिचालन से प्रेरित रहा, जिसमें 9.9 प्रतिशत का इजाफा हुआ। मैरिको के कुल राजस्व में कंपनी के अंतरराष्ट्रीय कारोबार का योगदान एक-चौथाई रहा। खोपरा (केश तेल के कच्चे माल) की कीमतों में कम उतार-चढ़ाव की वजह से उपभोक्ता कीमतों में स्थिरता के कारण पैराशूट का वॉल्यूम एक अंक में ऊंचे स्तर तक पहुंचने में मदद मिली।

मध्य और महंगे खंडों में दमदार प्रदर्शन के कारण केश तेल खंड में मूल्य के लिहाज से 13 प्रतिशत और बाजार हिस्सेदारी में 60 आधार अंक (बीपीएस) का इजाफा हुआ। कम आधार और बेहतर परिचालन माहौल से चालू वर्ष में रफ्तार बनाए रखने में मदद मिलेगी। हालांकि मार्च तिमाही में खाद्य कारोबार 18 प्रतिशत बढ़ा, लेकिन उम्मीद है कि नवोन्मेष और वितरण में विस्तार की वजह से वित्त वर्ष 24 में यह 40 प्रतिशत तक बढ़ेगा।

व्यक्तिगत देखभाल के महंगे क्षेत्र में चौथी तिमाही के दौरान 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। उम्मीद है कि यह जारी रहेगी। खोपरा की गिरती कीमतों के कारण दामों में कटौती की वजह से सफोला फ्रैंचाइजी में मूल्य के लिहाज से नौ प्रतिशत तक की गिरावट आई है। आगे चलकर यह रुझान उल्टा हो सकता है क्योंकि इस खंड में एक अंक की वॉल्यूम वृद्धि होने की उम्मीद है।

कंपनी को उम्मीद है कि चालू वर्ष के अंत तक डिजिटल ब्रांड 400 करोड़ रुपये का आंकड़ा छू लेंगे। कुल मिलाकर वित्त वर्ष 24 में वॉल्यूम और राजस्व वृद्धि में लगातार बढ़ोतरी हो सकती है।

हालांकि स्थिर वृद्धि का परिदृश्य सकारात्मक है, लेकिन मार्जिन के मोर्चे पर प्रमुख लाभ की उम्मीद है। चौथी तिमाही के दौरान सकल मार्जिन सालाना आधार पर 294 बीपीएस बढ़कर 47.4 प्रतिशत हो गया, जबकि परिचालन लाभ मार्जिन सालाना आधार पर 153 बीपीएस तक बढ़कर 17.5 प्रतिशत हो गया। खोपरा की नरम कीमतों और बेहतर मिश्रण के कारण यह वृद्धि हुई। परिचालन स्तर पर कम मार्जिन विस्तार की वजह अधिक कर्मचारी लागत रही।

कंपनी को सकल मार्जिन में 200 से 250 बीपीएस तक सुधार की उम्मीद है, जबकि वित्त वर्ष 24 में इनपुट कीमतों में कमी, बेहतर लागत प्रबंधन और बेहतर उत्पाद मिश्रण की वजह से परिचालन लाभ मार्जिन में 100 बीपीएस तक का सुधार हो सकता है। अलबत्ता आने वाले समय में बिक्री के प्रतिशत के रूप में विज्ञापन खर्च बढ़ सकता है।

Advertisement
First Published - May 10, 2023 | 10:54 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement