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ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों पर सरकार ने कसा शिकंजा, फर्मों को 55 हजार करोड़ रुपये के टैक्स नोटिस भेजे गए

DGGI की तरफ से कुल गेमिंग आय पर GST का भुगतान न करने के लिए नोटिस जारी किए जा रहे हैं।

Last Updated- September 26, 2023 | 12:32 PM IST
जीएसटी कलेक्शन से भरी सरकार की तिजोरी, मार्च में आया 1.78 लाख करोड़ रुपये , GST Collection: Government's coffers filled with GST collection, Rs 1.78 lakh crore received in March

सरकार कसीनो और ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों के खिलाफ शिकंजा कस कर रही है। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ GST इंटेलिजेंस  (DGGI) ने तकरीबन 12 ऑनलाइन रियल-मनी गेमिंग कंपनियों को उनके 55,000 करोड़ रुपये के GST बकाया को लेकर नोटिस जारी किए हैं।

इस लिस्ट में Dream 11, Games Play 24×7, हेड डिजिटल वर्क्स भी शामिल है।

DGGI की तरफ से कुल गेमिंग आय पर GST  का भुगतान न करने के लिए नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इसलिए जिन मामलों की जांच हो चुकी है, उनमें नोटिस को स्पष्ट करने की जरूरत है। साथ ही यह भी स्पष्ट करने की जरूर है कि उनमें शुरुआती दांव को आधार बनाया जाएगा या नहीं।

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Dream 11 को मिला सबसे बड़ा टैक्स नोटिस

द इकोनॉमिक टाइम्स (ET) ने मंगलवार को एक रिपोर्ट में बताया कि गेमिंग यूनिकॉर्न Dream11 को कथित तौर पर 25,000 करोड़ रुपये के GST बकाए के लिए  नोटिस मिला है। माना जा रहा है कि यह देश में दिया गया सबसे बड़ा इनडायरेक्ट टैक्स नोटिस है।

इन कंपनियों को भी मिला है नोटिस

रिपोर्ट के अनुसार, जिन अन्य कंपनियों को नोटिस मिला है उनमें हेड डिजिटल वर्क्स और प्ले गेम्स 24*7 शामिल हैं। इंडस्ट्री से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, आगामी हफ्तों में गेमिंग कंपनियों को 1 लाख करोड़ रुपये तक के नोटिस पहुंच सकते हैं।  बता दें कि यह नोटिस सरकार ने कसीनो और ऑनलाइन गेमिंग पर 28% जीएसटी लगाने के निर्णय के बाद भेजे  हैं।

Dream11 ने खटखटाया कोर्ट का दरवाजा

मनी कंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, ड्रीम11 ने पूर्व-कारण बताओ नोटिस मिलने के बाद बॉम्बे हाई कोर्ट रुख किया है।

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Dream11 से पहले इस कंपनी को मिला था सबसे बड़ा कर नोटिस

बेंगलूरु की ऑनलाइन गेमिंग कंपनी गेम्सक्राफ्ट टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड को सितंबर 2022 में 21,000 करोड़ रुपये का कर नोटिस मिला था। अप्रत्यक्ष कर के इतिहास में इससे पहले इस तरह का यह सबसे बड़ा दावा था। कर्नाटक उच्च न्यायालय ने उस नोटिस को ​खारिज कर दिया था। बाद में राजस्व विभाग ने उसे सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। सर्वोच्च न्यायालय ने इस महीने के आरंभ में उच्च न्यायालय के फैसले पर रोक लगाते हुए मामले की सुनवाई इस महीने के अंत या अगले महीने के आरंभ में करने का फैसला किया था।

इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय का फैसला ऑनलाइन गेमिंग क्षेत्र के अन्य मामलों के लिए नजीर बन सकता है। डीजीजीआई ने ऑनलाइन गेमिंग फर्मों के अलावा करों का भुगतान न करने वाली कसीनो कंपनियों पर भी सख्ती दिखाई है। पिछले सप्ताह डेल्टा कॉर्प पर भी दांव की कुल रकम पर जीएसटी का भुगतान न करने का आरोप लगा था। विभाग ने उसे ब्याज और जुर्माने के साथ 11,139 करोड़ रुपये का कर नोटिस भेजा है। कंपनी का कहना है कि वह इसे चुनौती देने के लिए सभी उपलब्ध कानूनी उपायों का सहारा लेगी।

नए नियम के तहत स्पष्ट किया गया है कि उपयोगकर्ताओं द्वारा ऑनलाइन गेमिंग के लिए चुकाई रकम के कुल मूल्य पर कर लगाया जाएगा। इससे कौशल और अवसर वाले खेल के बीच कोई अंतर नहीं होगा। अ​धिकतर मामलों में इस पर विवाद है।

नए नियम के तहत ‘ऑनलाइन मनी गेमिंग’ की नई परिभाषा दी गई है। इसमें कौशल और अवसर दोनों पर आधारित गेम में कर वसूला जाएगा। ऑनलाइन गेमिंग को ‘इंटरनेट या इलेक्ट्रॉनिक नेटवर्क के जरिये खेले जाने वाले गेम’ के रूप में परिभाषित किया गया है। इसमें ऑनलाइन मनी गेमिंग भी शामिल है।

गोवा, सिक्किम और दिल्ली सहित कुछ राज्यों की असहमति के बावजूद जीएसटी परिषद ने अपनी जुलाई की बैठक में बिना वोटिंग के ही सबसे अ​धिक कर लगाने का निर्णय लिया था क्योंकि अ​धिकतर राज्य इसके लिए सहमत थे। संसद ने शीतकालीन सत्र के दौरान नई कराधान व्यवस्था को सुविधाजनक बनाने के लिए केंद्रीय जीएसटी अधिनियम में प्रस्तावित संशोधन को मंजूरी दे दी।

First Published - September 26, 2023 | 12:15 PM IST

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