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REITs, InvITs में निवेशकों का भरोसा बढ़ाने के लिए SEBI ने नियमों में किया बड़ा बदलाव

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Reits और InviTs म्यूचुअल फंड की तरह ही हैं, इसमें बांड या सिक्योरिटी के जरिए रियल एस्टेट या इफ्रांस्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के लिए इन्वेस्टर्स से पूंजी जुटाई जाती है।

Last Updated- August 26, 2023 | 2:51 PM IST
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SEBI New Rules: बाजार नियामक सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने हाल ही में रियल एस्टेट निवेश ट्रस्ट (Reits) और बुनियादी ढांचा निवेश ट्रस्ट (InvITs) को नियंत्रित करने वाले नियमों में बदलाव को मंजूरी दे दी है ताकि उन्हें निवेशकों के लिए अधिक स्वीकार्य बनाया जा सके।

यह भी पढ़ें : अब इ​क्विटी व हाइब्रिड पर नजर: MD और CEO, एडलवाइस म्युचुअल फंड

जानें Reits और InviTs के बारे में

Reits और InviTs म्यूचुअल फंड की तरह ही हैं, इसमें बांड या सिक्योरिटी के जरिए रियल एस्टेट या इफ्रांस्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के लिए इन्वेस्टर्स से पूंजी जुटाई जाती है।

Reits

आरईआईटी (Reits) काफी हद तक म्यूचुअल फंड की तरह हैं, क्योंकि वे भी एकत्रित निवेश हैं।

हालांकि, अंतर यह है कि म्यूचुअल फंड कई एसेट क्लास जैसे इक्विटी, डेट, सोना आदि में निवेश करते हैं, जबकि आरईआईटी सूचीबद्ध उपकरण हैं जो अकेले रियल एस्टेट प्रोजेक्ट में निवेश करते हैं।

आरईआईटी खुदरा निवेशकों को उच्च स्तर की लिक्विडिटी प्रदान करते हुए लाभांश भुगतान के माध्यम से पैसिव इनकम अर्जित करने में मदद करते हैं। इसी तरह, आरईआईटी एक कमर्शियल रियल एस्टेट परियोजना में आंशिक स्वामित्व प्रदान करते हैं।

यह भी पढ़ें : Freedom SIP: म्युचुअल फंड में करना चाहते हैं निवेश तो फ्रीडम एसआईपी हो सकता है नया विकल्प, जानें इसके बारे में

InvITs

इसी तरह, InvITs पेशेवर रूप से प्रबंधित निवेश ट्रस्ट हैं जो इफ्रांस्ट्रक्चर परियोजनाओं से अधिक संबंधित हैं।

म्यूचुअल फंड की तरह, ये निवेशक को इफ्रांस्ट्रक्चर प्रोजेक्ट परियोजनाओं, जैसे सड़क और राजमार्ग, पावर डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क, टेलीकॉम, आदि में आंशिक स्वामित्व प्रदान करते हैं।

InvITs को अपनी आय का लगभग 90% अपने निवेशकों को तिमाही या अर्धवार्षिक आधार पर देना अनिवार्य है। इसके अलावा, ब्याज भुगतान भी तिमाही या द्वि-वार्षिक आधार पर शुरू किया जाता है।

पिछले कुछ वर्षों में, InvITs ने देश की बुनियादी ढांचा क्षमता के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, वित्तीय वर्ष 2021 में कुल इक्विटी 550 बिलियन रुपये और वित्त वर्ष 2022 में 220 बिलियन रुपये है।

SEBI REITs और InvITs के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाते हुए रेगुलेटरी स्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के प्रयास कर रहा है। आरईआईटी (REITs) और इनविट के सार्वजनिक निर्गम में आसानी सुनिश्चित करने के लिए, मार्केट रेगुलेटर ने इश्यू बंद करने और आवंटन या लिस्टिंग के बीच के समय को 12 से घटाकर 6 वर्किंग डे कर दिया है।

यह भी पढ़ें : म्युचुअल फंडों को डायरेक्ट प्लान के लिए अधिक खर्च वसूलने की अनुमति दे सकता है SEBI

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First Published - August 26, 2023 | 2:51 PM IST

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