नया साल 2026 शुरू होते ही कई बड़े बदलाव लागू हो जाएंगे, जो आम लोगों की जेब और रोजमर्रा की जिंदगी पर सीधा असर डालेंगे। बैंकिंग से लेकर किसानों की योजनाओं तक, और घरेलू बजट तक, सबमें कुछ नया आने वाला है। ये बदलाव दिशानिर्देशों को मजबूत बनाने और लोगों को राहत देने के लिए हैं। आइए देखते हैं मुख्य बदलाव क्या हैं।
सबसे बड़ा बदलाव क्रेडिट स्कोर में होगा। अब क्रेडिट ब्यूरो ग्राहकों का डेटा हर हफ्ते अपडेट करेंगे, पहले ये हर 15 दिन में होता था। मतलब, अगर आप लोन की EMI समय पर चुकाते हैं या कोई गलती सुधारते हैं, तो आपका क्रेडिट स्कोर जल्दी बेहतर दिखेगा। इससे लोन मिलना आसान हो सकता है और ब्याज दरें भी जल्दी प्रभावित होंगी।
कर्ज लेने वालों को थोड़ी राहत मिल सकती है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक और HDFC बैंक जैसे बड़े बैंक पहले ही लोन की ब्याज दरें कम कर चुके हैं। जनवरी से फिक्स्ड डिपॉजिट की नई दरें भी लागू होंगी।
एक और जरूरी नियम पैन और आधार को लिंक करने का है। ज्यादातर बैंकिंग और सरकारी सेवाओं के लिए दोनों को लिंक करना अनिवार्य हो जाएगा। अगर नहीं किया तो खाते बंद हो सकते हैं या सेवाएं रुक सकती हैं।
डिजिटल पेमेंट पर भी नजर रखी जाएगी। UPI ट्रांजेक्शन पर बैंक जांच बढ़ाएंगे। साथ ही व्हाट्सएप, टेलीग्राम और सिग्नल जैसे ऐप्स के लिए सिम वेरिफिकेशन के नियम सख्त होंगे, ताकि धोखाधड़ी रुके।
सरकारी कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर हो सकती है। 7वीं पे कमीशन की अवधि 31 दिसंबर 2025 को खत्म हो रही है, इसलिए 8वीं पे कमीशन 1 जनवरी 2026 से लागू होने की उम्मीद है। इससे केंद्रीय और राज्य कर्मचारियों की सैलरी संरचना बदल सकती है।
महंगाई भत्ते (डियरनेस अलाउंस) में भी जनवरी से बढ़ोतरी होने की संभावना है, जो महंगाई से कुछ राहत देगी। हरियाणा जैसे कुछ राज्यों में दिहाड़ी और पार्ट टाइम मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी की समीक्षा हो सकती है।
किसानों को नई जरूरतों का ध्यान रखना होगा। उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में PM-किसान की किस्त पाने के लिए यूनिक फार्मर ID जरूरी हो जाएगी। बिना इसके पेमेंट रुक सकता है या देरी हो सकती है।
फसल बीमा में अच्छा बदलाव आएगा। PM किसान फसल बीमा योजना में अब जंगली जानवरों से हुए नुकसान को भी कवर किया जाएगा। लेकिन इसके लिए नुकसान की रिपोर्ट 72 घंटे के अंदर देनी होगी।
घर का बजट प्रभावित हो सकता है। 1 जनवरी से LPG, कमर्शियल गैस और एविएशन टर्बाइन फ्यूल की कीमतें बदलेंगी। इससे रसोई का खर्च और हवाई यात्रा की टिकट महंगी या सस्ती हो सकती हैं।