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2025 में म्युचुअल फंड्स में नए निवेशकों की रफ्तार धीमी, बाजार की अस्थिरता बनी बड़ी वजह

साल 2025 में उद्योग ने 58 लाख निवेशक जोड़े जबकि 2024 में 1.06 करोड़ निवेशक जुड़े थे

Last Updated- December 30, 2025 | 9:13 PM IST
Mutual Fund

म्युचुअल फंडों (एमएफ) में नए निवेशकों के जुड़ने की रफ्तार साल 2025 में धीमी पड़ गई। इसकी वजह शेयर बाजार में गिरावट और अस्थिरता बढ़ना रही, जिसने इक्विटी योजनाओं का आकर्षण कम कर दिया। म्युचुअल फंडों में 2025 में (30 नवंबर तक) 58 लाख नए निवेशक जुड़े जो कैलेंडर वर्ष 2024 में जुड़े रिकॉर्ड 1.06 करोड़ निवेशकों की तुलना में काफी कम है। हालांकि यह 2023 में जुड़े 53 लाख निवेशकों से अभी भी अधिक है।

प्रतिशत के हिसाब से देखें तो 2025 में निवेशकों की वृद्धि पिछले पांच वर्षों में सबसे कमजोर रहने की संभावना है। इस वर्ष म्युचुअल फंडों में निवेश करने वाले नए निवेशकों की संख्या में अब तक लगभग 11 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है और इसके 2023 में दर्ज की गई 15 फीसदी की वृद्धि दर को पार करने की संभावना नहीं है।

स्थायी खाता संख्या (पैन) पंजीकरण के आधार पर यूनिक इन्वेस्टरों की कुल संख्या का हिसाब लगाया जाता है। नवंबर 2025 के अंत तक इस उद्योग में 5.84 करोड़ यूनिक इन्वेस्टर थे। विशेषज्ञों के अनुसार हाल के महीनों में नए निवेशकों के निवेश में गिरावट का मुख्य कारण शेयर बाजार का उतार-चढ़ाव है।

पूर्व म्युचुअल फंड कार्यकारी और सेंस ऐंड सिम्प्लिसिटी के संस्थापक एवं सीईओ सुनील सुब्रमण्यम ने कहा, सितंबर 2024 से शेयर बाजारों की अस्थिरता ने नए निवेशकों के जुड़ने की रफ्तार को प्रभावित किया है। इक्विटी योजनाओं, विशेष रूप से स्मॉलकैप और मिडकैप फंडों, के अल्पकालिक प्रदर्शन पर असर पड़ा है। यहां तक ​​कि लार्जकैप फंडों ने भी केवल एकल अंक में रिटर्न दिया है।

बाजार में आई गिरावट और उसके बाद सीमित दायरे में रहने से इक्विटी म्युचुअल फंडों के पिछले रिटर्न चार्ट में प्रदर्शन पर असर पड़ा है, खासकर एक साल के प्रदर्शन पर।

एनएफओ नए निवेशकों को आकर्षित करने का एक प्रमुख जरिया है। लेकिन इस वर्ष इसके निवेशकों की रुचि में गिरावट देखी गई है। नवंबर 2025 तक उद्योग ने 222 नए फंडों की पेशकश (एनएफओ) के माध्यम से 63,631 करोड़ रुपये जुटाए हैं, जो 2024 में 239 एनएफओ से जुटाई गई करीब 1.2 लाख करोड़ रुपये की राशि से काफी कम है। हालांकि, शेयर बाजार की सुस्ती का मौजूदा निवेशकों के निवेश पर, विशेष रूप से एसआईपी के माध्यम से, नगण्य प्रभाव पड़ा। एसआईपी के माध्यम से निवेश 2025 में पहली बार एक कैलेंडर वर्ष में 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया।

एचडीएफसी एएमसी के एमडी और सीईओ नवनीत मुनोत ने कहा, 2025 में खुदरा निवेशकों की भागीदारी लगातार बढ़ती गई है। कुल म्युचुअल फंड फोलियो की संख्या बढ़कर लगभग 25.6 करोड़ हो गई है, जिसमें अकेले अक्टूबर 2025 में 40 लाख से अधिक फोलियो जुड़े हैं। कुछ साल पहले तक इस आंकड़े के बारे में सोचा भी नहीं जा सकता था। इक्विटी वाली श्रेणियों में अब लगभग 20 करोड़ फोलियो हैं, जो इस बात को बताते हैं कि म्युचुअल फंड अब विशिष्ट योजना होने के बजाय घरेलू वित्तीय नियोजन का अभिन्न हिस्सा बन गए हैं।

First Published - December 30, 2025 | 9:07 PM IST

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