ऑस्ट्रेलिया का क्यूबीई इंश्योरेंस ग्रुप अपने भारतीय साझेदार प्रिज्म जॉनसन से रहेजा क्यूबीई जनरल इंश्योरेंस में शेष 51 प्रतिशत हिस्सेदारी 324 करोड़ रुपये में खरीदने के लिए तैयार है। नियामक मंजूरी के बाद क्यूबीई इंश्योरेंस ग्रुप कंपनी का एकमात्र मालिक बन जाएगा।
सरकार द्वारा बीमा क्षेत्र में पूर्ण प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को अनुमति देने के बाद यह पहला सौदा होगा, जिसमें एक विदेशी बीमा कंपनी का घरेलू बीमा कंपनी पर 100 प्रतिशत स्वामित्व हो जाएगा।
रहेजा क्यूबीई, क्यूबीई इंश्योरेंस ग्रुप और राजन रहेजा ग्रुप की कंपनी प्रिज्म जॉनसन लिमिटेड का संयुक्त उपक्रम है। इसमें प्रिज्म जॉनसन लिमिटेड की हिस्सेदारी 51 प्रतिशत है।
शेयर बाजार को दी गई जानकारी में प्रिज्म जॉनसन ने कहा, ‘कंपनी की अहम गैर सूचीबद्ध सहायक कंपनी में शेयरधारिता की बिक्री के लिए 324 करोड़ रुपये राशि तय की गई है।’ कंपनी ने यह भी कहा कि प्रस्तावित लेनदेन में कंपनी द्वारा प्राप्त कुल भुगतान कुछ समायोजन पर निर्भर करेगा। यह शेयर खरीद समझौते (एसपीए) के मुताबिक होगा। एसपीए लागू होने से 9 महीने के भीतर प्रस्तावित लेनदेन पूरा होने का अनुमान है, जिसे 2 मार्च, 2026 को किया गया था।
प्रिज्म जॉनसन ने कहा, ‘प्रस्तावित लेनदेन के बाद भारत में जनरल इंश्योरेंस व्यवसाय में ऑस्ट्रेलिया के क्यूबीई ग्रुप और मौजूदा शेयरधारक समझौते के साथ कंपनी का संयुक्त उपक्रम समाप्त हो जाएगा। प्रस्तावित लेनदेन पूरा होने पर आरक्यूबीई कंपनी की सहायक इकाई नहीं रहेगी।’
कंपनी को दिसंबर 2008 में बीमा लाइसेंस मिला था। इसमें प्रिज्म जॉनसन की हिस्सेदारी 74 प्रतिशत और क्यूईबी की हिस्सेदारी शेष 26 प्रतिशत थी। बहरहाल एफडीआई की सीमा में बदलाव के बाद अंतरराष्ट्रीय बीमाकर्ता ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 49 प्रतिशत कर दी थी, जिसके लिए उसने 2015 में 111 करोड़ रुपये निवेश किया।
उसके बाद जुलाई 2020 में पेटीएम ने रहेजा क्यूईबी जनरल में 290 करोड़ रुपये में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया। बहरहाल दोनों पक्ष इस समझौते को समय से पूरा नहीं कर पाए और यह सौदा समाप्त हो गया था।