वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में गोल्ड लोन का वितरण सालाना आधार पर 94 प्रतिशत बढ़ा। वित्त वर्ष 26 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में गोल्ड लोन वितरण बढ़कर 8.16 लाख करोड़ रुपये हो गया जबकि यह बीते साल की इस अवधि में 4.23 लाख करोड़ रुपये था। इक्विफैक्स रिटेल इनसाइट की रिपोर्ट के अनुसार ऋण लेने वालों ने व्यवसाय की जरूरतों के लिए अन्य ऋण विकल्पों की तुलना में गोल्ड समर्थित ऋण को अधिक प्राथमिकता दी।
निजी क्षेत्र के बैंकों में गोल्ड लोन का वितरण सालाना आधार 65.75 प्रतिशत बढ़कर 1.21 लाख करोड़ रुपये हो गया जबकि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) में 71.24 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 3.75 लाख करोड़ रुपये हुआ।
गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) में सबसे तेज वृद्धि दर्ज की गई। इसका वितरण सालाना आधार पर 189 प्रतिशत बढ़कर 2.5 लाख करोड़ रुपये हो गया। हालांकि सरकारी बैंक सबसे बड़े योगदानकर्ता बने रहे और यह कुल वितरण का लगभग 46 प्रतिशत है।
रिपोर्ट में इंगित किया गया है कि पिछले तीन वर्षों में सोने की कीमतों में सालाना 25 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) से वृद्धि हुई, वहीं पिछले एक साल में गोल्ड लोन की वृद्धि 94 प्रतिशत तक पहुंच गई। यह प्रोडक्ट सब्स्टिट्यूशन का मजबूत मामला दर्शाता है। एनबीएफसी के लिए अन्य व्यावसायिक क्षेत्रों में वृद्धि धीमी रही।