डेट म्युचुअल फंड योजनाओं का शानदार प्रदर्शन इस साल भी जारी रहा। हालांकि यह केवल चुनिंदा श्रेणियों में ही था। मीडियम ड्यूरेशन, फ्लोटर, शॉर्ट ड्यूरेशन और कॉरपोरेट बॉन्ड जैसी श्रेणियों की अधिकांश योजनाओं ने ब्याज दरों में कटौती के चलते पिछले एक वर्ष में 8 फीसदी से अधिक का रिटर्न दिया है।
मीडियम ड्यूरेशन फंडों का औसत एक वर्षीय रिटर्न अभी 8.7 फीसदी के साथ किसी भी श्रेणी में उच्चतम स्तर पर है। ये योजनाएं 4-7 वर्षों की वेटेड औसत अवधि बनाए रखने के लिए होती हैं और शॉर्ट से मीडियम ड्यूरेशन के बॉन्ड में निवेश करती हैं। पिछले एक वर्ष में अल्पकालिक यील्ड में गिरावट से इनको लाभ हुआ है।
कोटक म्युचुअल फंड के फिक्स्ड इनकम हेड अभिषेक बिसेन ने कहा, ब्याज दरों में कटौती से मीडियम ड्यूरेशन के फंडों को फायदा हुआ क्योंकि ये योजनाएं स्वाभाविक रूप से ब्याज दर के निचले स्तर पर थीं। यील्ड में गिरावट से पूंजीगत लाभ हुआ। संचय और स्प्रेड में सिकुड़न ने भी रिटर्न में योगदान दिया। साल की अधिकांश अवधि में यील्ड में अनुकूल उतार-चढ़ाव देखा गया, जिसमें 2025 में अब तक 5 वर्षीय और 10 वर्षीय सरकारी प्रतिभूतियों की यील्ड क्रमशः लगभग 38 आधार अंक और 17 आधार अंक गिर गई है।
आदित्य बिड़ला सन लाइफ एएमसी की फिक्स्ड इनकम की सह-प्रमुख सुनैना दा कुन्हा के अनुसार फंड हाउस के मीडियम ड्यूरेशन फंडों को 2025 में अपेक्षित ब्याज दर में कटौती से लाभ मिलना था और ऐसा ही हुआ।
उन्होंने कहा, इस योजना का ड्यूरेशन और क्रेडिट के दो मुख्य बिंदुओं पर सक्रिय रूप से प्रबंध किया जाता है। साल की शुरुआत में ड्यूरेशन का कारक प्रभावी रहा क्योंकि ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों को ध्यान में रखा गया था। पिछले कुछ महीनों में ब्याज दरों में अस्थिरता बढ़ने से एक्रुअल ने मुख्य भूमिका निभाई है और उच्च रेटिंग वाले बॉन्डों के स्प्रेड में कमी आई है। हालांकि, ब्याज दरों में और कटौती की संभावना कम होने के कारण इन योजनाओं के लिए इस प्रदर्शन को जारी रखना मुश्किल हो सकता है।
बिसेन ने कहा, मीडियम ड्यूरेशन का कारोबार लगभग समाप्त हो चुका है। अगर अगले साल भी इसी तरह ब्याज दरों में कटौती नहीं होती है तो मीडियम ड्यूरेशन के फंडों के लिए इस साल का प्रदर्शन दोहराना मुश्किल होगा। लेकिन अगर लंबी अवधि के बॉन्ड यील्ड में गिरावट नहीं आती है और इसके बजाय बढ़ती है तो मध्यम अवधि के फंड आकर्षक बने रह सकते हैं।
जहां एक ओर शॉर्ट से मीडियम ड्यूरेशन वाली योजनाओं ने 2025 में अच्छा प्रदर्शन किया, वहीं लंबी अवधि की योजनाओं को यील्ड में वृद्धि के कारण नुकसान उठाना पड़ा। 30 वर्षीय गिल्ट बॉन्ड की यील्ड साल की शुरुआत से 27 आधार अंक बढ़ गई है।