भारत के प्रति विदेशी पर्यटकों की आमद के मामले में साल 2025 कुछ फीका रहा, जबकि चीन और दक्षिणी-पूर्वी देशों में इनकी संख्या तेजी से बढ़ी है। आबो-हवा, जायके, रहन-सहन, सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक स्थल समेत अनूठी चीजों से रूबरू होने के लिए यह बड़ा ही व्यापक और समृद्ध पर्यटन केंद्र है, लेकिन 2025 में अप्रैल से सितंबर के बीच 61.8 लाख पर्यटक यहां आए जबकि उससे पहले साल यानी 2024 की इसी अवधि में यह संख्या 70.6 लाख दर्ज की गई थी यानी विदेशी पर्यटकों की आमद में 12.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
वर्ष 2019 में भारत में रिकॉर्ड 1.09 करोड़ विदेशी पर्यटक आए थे। इसके बाद कोविड महामारी ने विश्व को अपनी जकड़ में ले लिया और लगातार तीन वर्षों के दौरान पर्यटकों की संख्या में गिरावट आई, लेकिन कोविड से जुड़ी वैश्विक पाबंदियां हटने के बाद जनजीवन सामान्य होने पर 2024 में दोबारा पर्यटकों का आगमन तेज हुआ और उस साल यह संख्या पुन: बढ़कर 99.5 लाख पहुंच गई। अब पहली तीन तिमाहियों में बड़ी गिरावट के कारण पर्यटकों की आमद के मामले में 2025 फिर पिछड़ सकता है।
इसके विपरीत, दक्षिण पूर्व एशिया में वियतनाम विदेशी पर्यटकों के आगमन के मामले में सबसे तेज बढ़ने वाला बाजार बनकर उभरा है और यहां इनकी आमद में नाटकीय रूप से तेजी आई और यह संख्या जनवरी से सितंबर के बीच वार्षिक हिसाब से 21 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करते हुए 1.54 करोड़ तक पहुंच गई।
साल के पहले 11 महीने पूरे होने तक यह संख्या लगभग 1.91 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। इस बड़ी वृद्धि का कारण इस देश की आक्रामक वीजा-मुक्त नीति है, जिसमें कुछ देशों के लिए 45 दिनों तक विस्तारित प्रवास और हवाई संपर्क में पर्याप्त वृद्धि रही है। उदाहरण के लिए भारत से यहां के लिए सीधी उड़ानें हैं।
अपनी सफलता से उत्साहित वियतनाम ने 2026 के लिए 2.6 करोड़ विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने का लक्ष्य बना रहा है। यह संख्या 2024 में भारत आए पर्यटकों से लगभग ढाई गुना अधिक है। पर्यटकों के लिए एक और बड़ा आकर्षण मलेशिया है, जिसने जनवरी और अगस्त के बीच 2.82 करोड़ विदेशी पर्यटकों का स्वागत किया। यह इस देश के लिए 14.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है और इसने थाईलैंड को पीछे छोड़ दिया है, जहां अप्रैल से सितंबर के बीच पर्यटकों की संख्या में 75.6 लाख की गिरावट आई। इस गिरावट के बावजूद यहां 2.41 करोड़ विदेशी पर्यटक आए।
लगभग 180 देशों में अपनी वीजा-मुक्त नीति के कारण मलेशिया की तरफ पर्यटक खिंचे चले आते हैं। भारत और चीन के नागरिकों को यहां दिसंबर 2026 तक 30 दिनों तक वीजा मुक्त आवाजाही की सुविधा है और इस नीति का बड़े जोर-शोर से प्रचार किया गया है।
चीनी अखबार ग्लोबल टाइम्स के आंकड़ों के अनुसार चीन में साल के पहले हिस्से में यहां 3.80 करोड़ विदेशी नागरिक घूमने-फिरने आए, जो वार्षिक आधार पर 30.2 प्रतिशत की वृद्धि है। इनमें से 1.36 करोड़ लोगों ने बिना वीजा ही इस देश में प्रवेश किया। साल के शुरू में चीन की सरकार ने आसियान देशों के पर्यटक समूहों के लिए वीजा-मुक्त नीति लागू की थी, जिसमें इंडोनेशिया को उन देशों की सूची में जोड़ा गया, जिन्हें 240 घंटे की वीजा-मुक्त ट्रांजिट नीति की लाभ दिया गया।