Stock Market 2025: साल 2025 का आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए मजबूत और सकारात्मक साबित हुआ। उतार–चढ़ाव भरे साल के बावजूद बाजार ने आखिरकार हरी झंडी के साथ विदाई ली, जहां निफ्टी और सेंसेक्स दोनों ने साल का अंत मजबूती के साथ किया। खास बात यह रही कि निफ्टी ने लगातार 10वें साल सालाना बढ़त दर्ज कर रिकॉर्ड बनाया, जबकि सेंसेक्स ने भी अपनी जीत की रफ्तार को बरकरार रखा। 2025 में सेंसेक्स 7,081.59 अंक या 9 प्रतिशत बढ़ा है और निफ्टी 2,484.8 अंक या 10.50 प्रतिशत बढ़ा।
वहीं, बाजार बुधवार (31 दिसंबर) को साल 2025 के आखिरी ट्रेडिंग सेशन में जोरदार बढ़त के साथ बंद हुए। इसी के साथ बाजार में पिछले पांच ट्रेडिंग सेशन से जारी गिरावट का सिलसिला थम गया। इंडेक्स हैवीवेट रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी से बाजार को ऊपर की तरफ पुश मिला। जबकि आईटी शेयरों में बिकवाली ने तेजी पर नेगेटिव असर डाला।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार ने कहा कि आने वाले दिन काफी अहम रहने वाले हैं। इसकी शुरुआत दिसंबर के ऑटो बिक्री आंकड़ों, तीसरी तिमाही के कॉरपोरेट नतीजों, बजट से जुड़ी उम्मीदों और वैश्विक अर्थव्यवस्था से संबंधित खबरों से होगी, जिनमें 2026 में फेड की संभावित कार्रवाई भी शामिल है।
उन्होंने कहा, ”2026 में बाजार की दिशा तय करने वाला सबसे अहम फैक्टर अर्निंग्स ग्रोथ होगी। 2026 में एफआईआई फ्लो भी काफी हद तक कंपनियों के प्रदर्शन और उससे जुड़ी उम्मीदों पर निर्भर करेगा।”
विश्लेषकों ने इक्विटी बाजारों को लेकर सकारात्मक रुख बरकरार रखा है और लार्ज-कैप शेयरों को प्राथमिकता देने की बात कही है। उनका मानना है कि 2026 में भू-राजनीतिक जोखिमों में कमी और टैरिफ अंतर के नरम पड़ने की उम्मीदें बाजार के लिए सहायक रह सकती हैं।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स ने बुधवार को दिसंबर 2026 के लिए अपना बेस टारगेट हल्का बढ़ाकर 29,150 कर दिया, जो पहले 28,500 था। इसका मतलब कैलेंडर वर्ष 2026 में साल-दर-साल (Y-o-Y) आधार पर करीब 12 प्रतिशत का संभावित अपसाइड है। ब्रोकरेज का कहना है कि नरम होती महंगाई और बेहतर होती मांग का माहौल, जिसे राजकोषीय और मौद्रिक दोनों उपायों से समर्थन मिल रहा है, घरेलू अर्निंग्स साइकल में सुधार की ओर इशारा करता है।