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मजबूत फंडामेंटल के साथ शेयर बाजार में बढ़त की उम्मीद, BFSI क्षेत्र सबसे आगे: रमेश मंत्री

उनका कहना है कि निकट भविष्य में बाजार की गतिविधियों का अनुमान लगाना कठिन है। लेकिन मौजूदा रुझानों के आधार पर शेयर बाजार 2026 में वापसी के लिए तैयार दिख रहा है

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अभिषेक कुमार   
Last Updated- January 05, 2026 | 11:11 PM IST

व्हाइटओक कैपिटल एएमसी के मुख्य निवेश अधिकारी रमेश मंत्री का कहना है कि मजबूत फंडामेंटल और आकर्षक मूल्यांकन के कारण बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा (बीएफएसआई) क्षेत्र के शेयर अभी सबसे आगे हैं। मुंबई में अभिषेक कुमार को दिए साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि फार्मास्युटिकल और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के लिए भी दृष्टिकोण सकारात्मक है। संपादित अंश:

नया साल शुरू हो गया है। आप शेयर बाजार का आकलन कैसे करते हैं और वे कौन से प्रमुख कारक हैं जिन पर आप बारीकी से नजर रखेंगे?

निकट भविष्य में बाजार की गतिविधियों का अनुमान लगाना कठिन है। लेकिन मौजूदा रुझानों के आधार पर शेयर बाजार 2026 में वापसी के लिए तैयार दिख रहा है। सितंबर 2024 से बाजार काफी हद तक सीमित दायरे में ही बना हुआ है, जो समय के साथ होने वाली गिरावट का संकेत है। साथ ही, वृद्धि में सुधार के शुरुआती संकेत दिख रहे हैं। नवंबर के मजबूत औद्योगिक उत्पादन आंकड़ों से पता चलता है कि औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आई है। महंगाई नियंत्रण में बनी हुई है। कम महंगाई और बेहतर वृद्धि दर से शेयर बाजार को समर्थन मिलता है।

सितंबर तिमाही भी अपेक्षा से बेहतर साबित हुई है जबकि टैरिफ संबंधी चिंताओं और जीएसटी के फायदों में देरी के कारण  इसके कमजोर रहने की उम्मीद थी। हमारे परिसंपत्ति आवंटन मॉडल में सितंबर 2024 के आसपास पिछले ढाई वर्षों में शेयर बाजार में निवेश सबसे निचले स्तर पर था। अभी शेयर बाजार में निवेश करीब 10 फीसदी अधिक है।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौता बाजार की तेजी के लिए कितना अहम है?

यह समझौता अब तक हो जाना चाहिए था। लेकिन इसमें देरी हुई है। एक सीमा के बाद इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि यह कुछ हफ्तों में होता है या कुछ महीनों में, जब तक कि परिणाम तर्कसंगत हो। मेरा मानना ​​है कि दोनों देश अपनी रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को देखते हुए मध्यम अवधि में किसी समझौते पर पहुंचने के लिए व्यावहारिक हैं।

इस समय आपको कौन-कौन से प्रमुख जोखिम नजर आ रहे हैं?

वृद्धि में तेजी आ रही है, इसलिए इस मोर्चे पर जोखिम कम हो गए हैं। सबसे बड़ा अनिश्चित पहलू वैश्विक भू-राजनीति है, जो स्वभाव से ही अप्रत्याशित है, जिसमें हमारे पड़ोस में होने वाले घटनाक्रम भी शामिल हैं। एक और चिंता का विषय है सरकारी धन का कल्याणकारी सब्सिडी की ओर बढ़ता झुकाव, विशेषकर राज्य स्तर पर। इससे पूंजीगत व्यय सीमित हो सकता है, जो दीर्घकालिक वृद्धि के लिए महत्त्वपूर्ण है।

आय वृद्धि को लेकर आपको क्या उम्मीद है?

पिछला वित्त वर्ष कमजोर रहा। चालू वर्ष (वित्त वर्ष 26) भी जीएसटी से संबंधित उठापटक और अमेरिका के साथ व्यापार समझौते में देरी जैसे कारकों से प्रभावित हुआ है। अगले वर्ष स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। आय वृद्धि मोटे तौर पर नॉमिनल जीडीपी वृद्धि के अनुरूप होनी चाहिए। हम आय में 10-14 फीसदी की वृद्धि देख सकते हैं। हालांकि कम महंगाई नॉमिनल वृद्धि पर दबाव डालती है, लेकिन मुझे नहीं लगता कि कम महंगाई दीर्घकाल में टिकाऊ है।

वर्तमान में कौन से क्षेत्र आकर्षक प्रतीत होते हैं?

बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा (बीएफएसआई) सेक्टर मजबूत फंडामेंटल और आकर्षक मूल्यांकनों के साथ सबसे आगे है। फार्मास्यूटिकल्स और स्वास्थ्य सेवाएं भी स्थिर वृद्धि और उचित मूल्यांकनों के कारण आकर्षक दिखती हैं। सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सेक्टर के मूल्यांकन ऐतिहासिक रूप से आकर्षक हैं। लेकिन इसे लेकर अनिश्चिततता है कि आर्टिफिशल इंटेलिजेंस इस उद्योग में क्या उथल-पुथल करेगा। तथापि अतीत में भी डिजिटल प्रौद्योगिकियों को लेकर इसी तरह की चिंताएं थीं, लेकिन वे अंततः वृद्धि का कारक बन गईं।

आपके संकेतक इक्विटी में ज्यादा निवेश का संकेत देते हैं। ऐसे में निवेशकों को क्या करना चाहिए?

मल्टी-ऐसेट फंड संरचनात्मक रूप से मजबूत प्रोडक्ट हैं क्योंकि वे कई परिसंपत्ति वर्गों आमतौर पर इक्विटी, ऋण और कीमती धातुओं में निवेश का मौका देते हैं और कर संबंधी प्रभावों के बिना पेशेवर पुनर्संतुलन की अनुमति देते हैं। लेकिन हाल के वर्षों में मल्टी-ऐसेट फंडों का मजबूत प्रदर्शन काफी हद तक कीमती धातुओं के कारण रहा है। सोने और चांदी के प्रति मौजूदा उत्साह को देखते हुए पिछले वर्षों जैसे रिटर्न की दुबारा संभावना कम लगती है। अनिश्चितता और अविश्वास के दौर में सोने का प्रदर्शन आमतौर पर अच्छा रहता है। अगर यहां से इसका प्रदर्शन उल्लेखनीय रूप से बेहतर होता है तो यह गहरी वैश्विक समस्याओं का संकेत हो सकता है। बाजार के मौजूदा रुझान बताते हैं कि शेयरों में निवेशकों की हिस्सेदारी कम है और उनका सापेक्ष प्रदर्शन बेहतर हो सकता है।

पोर्टफोलियो बनाते समय आपका क्या नजरिया होता है और इतनी अधिक संख्या में निवेश क्यों रखते हैं?

एक बॉटम-अप निवेशक के रूप में हम पोर्टफोलियो को उचित रूप से संतुलित रखते हुए विभिन्न सेक्टरों में अवसर पहचानने पर ध्यान देते हैं। हम एक ही जगह सारे दांव लगाने से बचते हैं, जिससे नतीजों की निर्भरता कुछ ही थीम पर हो जाती है। हमें विशाल शोध टीम से भी फायदा है, जो व्यापक क्षेत्र पर ध्यान देती है, जिससे हमें अल्फा अवसरों की पहचान में मदद मिलती है। उच्च गुणवत्ता वाली छोटी कंपनियों में छोटा निवेश भी समय के साथ महत्वपूर्ण अल्फा सृजित कर सकता है। तरलता और निवेश संबंधी बाधाओं के कारण स्वाभाविक रूप से निवेश की संख्या अधिक रहती है।

लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में आपका आवंटन किस तरह से विकसित हो रहा है?

हमारे फ्लेक्सीकैप फंड पोर्टफोलियो में वर्तमान में बेंचमार्क की तुलना में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का भार लगभग 6-7 फीसदी ज्यादा है। यह तीन साल पहले की तुलना में कम है। हम लार्जकैप शेयरों में बेहतर अवसरों की तलाश कर रहे हैं, विशेष रूप से बैंकिंग जैसे क्षेत्र में जिसमें स्वाभाविक रूप से लार्जकैप शेयरों की संख्या अधिक है।

First Published : January 5, 2026 | 11:11 PM IST