अमेरिकी थिंक टैंक की एक रिपोर्ट में साल 2026 में भारत-पाकिस्तान के बीच जंग होने का खतरा बताया गया है। यह रिपोर्ट काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस (CFR) ने जारी की है, जिसमें अमेरिकी विदेश नीति के एक्सपर्ट्स से सर्वे किया गया। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दोनों देशों के बीच हथियारबंद झड़प की संभावना है और ये अमेरिकी हितों पर मध्यम असर डाल सकती है। इसकी वजह यह बताई गई है कि आतंकवादी गतिविधियां बढ़ने से दोनों देशों के बीच तनाव भड़क सकता है।
बता दें कि मई में दोनों देशों के बीच चार दिनों की एक छोटी जंग हो चुकी है, जिसमें ड्रोन और मिसाइल हमले हुए थे। यह सब भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद शुरू हुआ था, जिसमें भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। ये हमला पाकिस्तान प्रायोजित आतंकियों द्वारा पहलगाम में 22 निर्दोष भारतीय नागरिकों की हत्या के बाद हुआ था। पाकिस्तान ने सीजफायर की अपील की, लेकिन उसके बाद भी वहां के नेताओं ओर सैन्य अधिकारियों के भड़काऊ बयान आते रहे।
सीजफायर के बावजूद भारत और पाकिस्तान अपनी डिफेंस तैयारियां तेज कर रहे हैं। भारत की डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल ने हाल ही में 79 हजार करोड़ रुपये की नई हथियार खरीद को मंजूरी दी है, जिसमें ड्रोन, एयर-टू-एयर मिसाइल और गाइडेड बम आदि शामिल हैं।
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दूसरी तरफ, पाकिस्तान नए ड्रोन और एयर डिफेंस सिस्टम लेने के लिए तुर्की और चीन जैसे देशों से बात कर रहा है । ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को अपनी कमजोरियां पता चलीं, जिन्हें वो अब दूर करने की कोशिश में है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ट्रंप सरकार ने कई चल रहे संघर्षों को खत्म करने की कोशिश की, जिनमें कांगो, गाजा पट्टी, यूक्रेन, भारत-पाकिस्तान और कंबोडिया-थाईलैंड आदि के बीच हो रहे झड़प शामिल हैं।
इस रिपोर्ट में पाकिस्तान के एक और फ्लैशपॉइंट का जिक्र है। 2026 में अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच हथियारबंद संघर्ष की संभावना बताई गई है, लेकिन दावा किया गया है कि इससे अमेरिकी हितों पर इसका असर कम होगा। सीमा पार से आतंकी हमले बढ़ने को इसकी वजह बताई गई है।
बीते अक्टूबर में दोनों देशों की 2600 किलोमीटर लंबी डुरंड लाइन पर भारी गोलीबारी हुई। इसमें कम से कम सात जगहों पर लड़ाई हुई, जिसमें दोनों तरफ के सैनिक मारे गए थे। अफगानिस्तान ने पाकिस्तान पर काबुल में बमबारी का आरोप लगाया, जबकि पाकिस्तान का कहना था कि तालिबान शासन आतंकियों को पनाह दे रहा है जो उस पर हमला करते हैं। दोनों ने एक-दूसरे के बॉर्डर पोस्ट पर कब्जा करने और तबाह करने का दावा किया।
ये हाल के सालों में दोनों देशों के बीच सबसे बड़ा झड़प था। इसके बाद दोनों देशों के रिश्ते और बिगड़ गए। द्विपक्षीय व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ, जो पाकिस्तान पर ज्यादा असर डाल रहा है। अफगानिस्तान का तालिबान शासन अब भारत, ईरान और तुर्की जैसे दूसरे देशों से व्यापार और कॉमर्स के रास्ते तलाश रहा है।