जब 1990 के दशक की शुरुआत में भारत ने अपना आसमान निजी क्षेत्र की विमानन कंपनियों के लिए खोला तो सबसे पहले तिरुवनंतपुरम की ईस्ट वेस्ट एयरलाइंस ने अपने पंख फैलाए। समय गुजरता गया और दक्षिण भारत ने कई विमानन कंपनियों का उत्थान और पतन देखा जिनमें किंगफिशर, एयर डेक्कन, एयर पेगासस, एयर कार्निवाल, पैरामाउंट और ट्रूजेट आदि शामिल हैं । अब हाल यह है कि दक्षिण भारत की कंपनियों ने देश के विमानन मानचित्र पर अपना वजूद लगभग खो दिया है।
हालांकि, दिसंबर 2025 के अंत में केंद्रीय नागर विमानन मंत्री के राममोहन नायडू ने कहा कि केरल स्थित अल हिंद एयर और हैदराबाद स्थित फ्लाईएक्सप्रेस को उनके मंत्रालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र मिल गए हैं। नायडू की इस घोषणा के बाद दक्षिण भारत से उड़ान भरने वाली नई पीढ़ी की कंपनियों की सूची में नई जान आ गई। अन्य कंपनियों में मैसूर स्थित मेडटेक की दिग्गज कंपनी स्कैनरे का विमानन उद्यम और केरल की ही एक अन्य कंपनी एयर केरल शामिल हैं। जब बिज़नेस स्टैंडर्ड ने उनसे संपर्क साधा तो अल हिंद और स्कैनरे दोनों के अधिकारियों ने 2026 के मध्य तक परिचालन शुरू करने की उम्मीद जताई।
इतना ही नहीं, इस क्षेत्र में चेन्नई स्थित द ईप्लेन कंपनी (वीटीओएल, एयर टैक्सी), हैदराबाद स्थित ब्लूजे एयरोस्पेस (हाइड्रोजन-इलेक्ट्रिक वीटीओएल) और बेंगलूरु स्थित सरला एविएशन जैसी नई पीढ़ी की इलेक्ट्रिक प्लेन कंपनियां भी उड़ान भरने के लिए कतार में खड़ी हैं। इनमें अधिकांश कंपनियों के छह महीने से एक साल के भीतर परिचालन शुरू करने की उम्मीद है जो कहीं न कहीं इस बात का संकेत है कि दक्षिण भारत के आसमान के सुनहरे दिन फिर वापस आने वाले हैं।
अल हिंद एयर के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया कि कंपनी छह महीने के भीतर परिचालन शुरू कर सकती है। समूह के एक वरिष्ठ कार्यकारी नूरुद्दीन अहमद ने कहा,‘हम विमान और एयर ऑपरेटर सर्टिफिकेट (एओसी) मिलने का इंतजार कर रहे हैं। कोच्चि हमारा प्रमुख केंद्र होगा और शुरुआत में हम मंगलूरु, तिरुवनंतपुरम, कालीकट, बेंगलूरु, मैसूर और चेन्नई जैसे सभी आस-पास के हवाई अड्डों के लिए सेवाएं शुरू करेंगे।’
एओसी नागर विमानन महानिदेशालय से एक औपचारिक अनुमोदन है जो किसी कंपनी को वाणिज्यिक हवाई परिवहन संचालित करने का अधिकार देता है। अल हिंद एटीआर 72-600 मॉडल के विमानों के बेड़े के साथ अपनी उड़ान शुरू करेगी जो शुरू में कुशल और विश्वसनीय घरेलू हवाई यात्रा प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित करेगा। वर्ष1992 में एक ट्रैवल एंड टूर ऑपरेटर कंपनी के रूप में शुरू हुए इस समूह की वेबसाइट में 10 लाख ग्राहकों के साथ 20,000 करोड़ रुपये का कारोबार हासिल करने का दावा किया गया है।
खबरों के अनुसार हैदराबाद स्थित फ्लाईएक्सप्रेस को लॉजिस्टिक, कोरियर और माल वहन संचालन में व्यापक अनुभव वाले प्रवर्तकों का समर्थन प्राप्त है। कंपनी इस साल परिचालन शुरू कर सकती है और यह टियर-2 व टियर-3 शहरों पर ध्यान केंद्रित करेगी।
मैसूर की एक अन्य कंपनी स्कैनरे एनओसी हासिल करने से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी कर रही है। स्कैनरे मेडटेक क्षेत्र में अग्रणी खिलाड़ियों में से एक है जो रेडियोलॉजी और क्रिटिकल केयर सेगमेंट में उत्पादों की एक श्रृंखला में उच्च गुणवत्ता वाले, लागत प्रभावी समाधान प्रदान करती है। इसके सात देशों में विनिर्माण और अनुसंधान एवं विकास केंद्र भी हैं।
कंपनी ने कोविड महामारी के दौरान आठ हफ्तों में देश में 42,000 उन्नत आईसीयू वेंटिलेटर की आपूर्ति कर एक विश्व रिकॉर्ड बनाया था। स्कैनरे टेक्नॉलजीज के प्रबंध निदेशक विश्वप्रसाद अल्वा ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया,‘हम इस साल अप्रैल-मई तक परिचालन शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं और लाइसेंस के लिए आवेदन कर दिया है। हम मैसूर से हैदराबाद, गोवा, मंगलूरु, कोच्चि, चेन्नई, तिरुपति और मुंबई तक तीन एटीआर 72 विमानों के साथ सेवाओं की शुरुआत करने की योजना तैयार कर रहे हैं। एक साल के भीतर हम इन विमानों की संख्या बढ़ाकर छह तक कर लेंगे।’
उन्होंने कहा,‘विमानन क्षेत्र काफी आकर्षक लग रहा है इसलिए नई कंपनियां दस्तक दे रही हैं। हम तीन विमानों के साथ आगे बढ़ रहे हैं जिनमें प्रत्येक 10 घंटे तक उड़ान भरेगी। हमने पहले ही एक मजबूत तंत्र स्थापित कर लिया है और एक यूरोपीय भागीदार की भी तलाश कर रहे हैं। शहर तक संपर्क तंत्र मजबूत बनाने के लिए मैसूर हमारा केंद्र होगा और अगले चरण में हम राष्ट्रीय संपर्क के लिए आंध्र प्रदेश को केंद्र बनाएंगे।’
कंपनी 150-200 करोड़ रुपये के शुरुआती निवेश करने की योजना बना रही है।
दुबई स्थित जेट फ्लाई एविएशन समर्थित एयर केरल को भी सरकार से एनओसी मिल गया है। यह शुरू में छोटे और मध्यम लंबाई के घरेलू मार्गों पर तीन एटीआर 72-600 विमान तैनात करने की योजना बना रही है जिसमें कोच्चि को हब बनाया जाएगा और बाद में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार किया जाएगा। घरेलू एयरलाइंस की वर्तमान सूची में स्टार एयर का मुख्यालय बेंगलूरु में है और फ्लाई91 का गोवा में जो इसी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।
इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ एंड लैंडिंग खंड (ईवीटीओएल) में कई नई पीढ़ी की कंपनियां भी उन्नत चरणों में हैं। पिछले हफ्ते सरला एविएशन ने अपनी बेंगलूरु संयंत्र में एसवाईएल-एक्स1 के लिए जमीनी परीक्षण शुरू करने की घोषणा की है। एसवाईएल-एक्स1 फिलहाल भारत में अपनी तरह का सबसे बड़ा और सबसे उन्नत निजी ईवीटीओएल प्रदर्शक है। चेन्नई स्थित द ईप्लेन कंपनी भी इस साल की दूसरी छमाही तक यात्रियों के लिए इलेक्ट्रिक फ्लाइंग टैक्सी लेकर आने की तैयारी कर रही है।
सरला एविएशन के सह-संस्थापक और मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी राकेश गावंकर ने कहा,‘हम कभी सबसे पहले कदम आगे बढ़ाने की ललक के पीछे नहीं भागे। हमारा ध्यान मजबूती से टिके रहने और विमानन क्षेत्र की दिग्गज कंपनी बनने पर है। हम कुछ ऐसा बना रहे हैं जिस पर भारत को गर्व हो सकता है। यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जिसे प्रमाणित, उत्पादित और सुरक्षित रूप से संचालित किया जा सकता है। इसका खाका पूरी तरह भारत में तैयार किया गया है। हमारा लक्ष्य भारत के लिए विमानन प्रौद्योगिकी के इस नए युग के अंतिम पड़ाव तक पहुंचना और इसे भारत लाना है।’