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Year Ender: SIP और खुदरा निवेशकों की ताकत से MF इंडस्ट्री ने 2025 में जोड़े रिकॉर्ड ₹14 लाख करोड़

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AMFI के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में नेट इनफ्लो सात लाख करोड़ रुपये रहा। वहीं निवेशक आधार में 3.36 करोड़ की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई

Last Updated- December 31, 2025 | 3:25 PM IST
Mutual Fund

Year Ender 2025: म्युचुअल फंड इंडस्ट्री ने 2025 में अपनी तेजी जारी रखते हुए एसेट बेस में रिकॉर्ड 14 लाख करोड़ रुपये जोड़े। खुदरा निवेशकों की बढ़ती भागीदारी तथा सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) में रिकॉर्ड निवेश से कुल एसेट अंडर मैनजमेंट (AUM) नवंबर तक बढ़कर 81 लाख करोड़ रुपये हो गईं।

MF इंडस्ट्री का आउटलुक पॉजिटिव

एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के सीईओ वेंकट चालसानी ने कहा कि इंडस्ट्री का आउटलुक पॉजिटिव बना हुआ है। निरंतर एसआईपी निवेश विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) की निकासी की भरपाई कर रहे हैं और बाजार की मजबूती को सहारा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में फंड इनफ्लो का रुख वैल्युएशन और वैश्विक घटनाक्रमों से तय होगा जिसमें निवेशक बड़े शेयर (लार्ज-कैप), डायवर्सिफाइड और हाइब्रिड स्ट्रैटेजीज को ज्यादा अहमियत दे रहे हैं।

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AUM ₹81 लाख करोड़ के पार

AMFI के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में नेट इनफ्लो सात लाख करोड़ रुपये रहा। वहीं निवेशक आधार में 3.36 करोड़ की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। केवल एसआईपी के जरिये ही करीब तीन लाख करोड़ रुपये का निवेश हुआ। इन इनफ्लो से इंडस्ट्री का AUM 2024 के अंत में 67 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर नवंबर 2025 के अंत तक 81 लाख करोड़ रुपये हो गया। यानी इसमें 21 फीसदी की वृद्धि हुई।

यह वृद्धि दर हालांकि 2024 की 31 फीसदी और 2023 की 27 फीसदी की तुलना में कम रही लेकिन लॉन्ग टर्म रुझान अब भी मजबूत बना हुआ है। म्युचुअल फंड इंडस्ट्री ने 2022 में सात फीसदी और 2021 में लगभग 22 फीसदी की वृद्धि दर्ज की थी। पिछले पांच वर्ष में कुल मिलाकर एसेट बेस में 50 लाख करोड़ रुपये जोड़े हैं।

क्यों तेजी से आगे बढ़ रही MF इंडस्ट्री?

मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया में प्रिंसिपल मैनेजर रिसर्च हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि 2025 में AUM में तेज वृद्धि का कारण मजबूत शेयर बाजार प्रदर्शन और एसआईपी के माध्यम से लगातार खुदरा भागीदारी रही। उन्होंने कहा, “घरेलू बचत का लगातार वित्तीयकरण, पहली बार निवेश करने वाले निवेशकों की बढ़ती संख्या और म्युचुअल फंड को एक पारदर्शी एवं अच्छी तरह विनियमित निवेश विकल्प के रूप में बढ़ती प्राथमिकता ने भी इसमें अहम भूमिका निभाई।”

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लॉन्ग टर्म निवेश का बढ़ रहा रुझान

चालसानी ने कहा, “मध्यम से लंबी अवधि में बढ़ती वित्तीय जागरूकता, महानगरों से बाहर खुदरा निवेशकों की बढ़ती भागीदारी और एसआईपी को लगातार अपनाया जाना उद्योग की स्वस्थ, मजबूत एवं व्यापक वृद्धि को समर्थन देता रहेगा।” इसके साथ ही, म्युचुअल फंड इंडस्ट्री ने AUM में लगातार 13वें साल वृद्धि दर्ज की है। इससे पहले पिछले दशक में दो वर्षों तक गिरावट देखी गई थी। यह लॉन्ग टर्म निवेश की ओर संरचनात्मक बदलाव को दर्शाता है। इस गति को मुख्य रूप से इक्विटी योजनाओं में खासकर एसआईपी के माध्यम से, लगातार निवेश से समर्थन मिला।

2025 में कुल ₹7 लाख करोड़ का निवेश आया

इस उद्योग की 49 कंपनियों में नवंबर तक 2025 में कुल सात लाख करोड़ रुपये का निवेश आया जिसे इक्विटी फंड, आर्बिट्राज फंड, इंडेक्स फंड और एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETFs) में मजबूत निवेश रुचि का समर्थन मिला। श्रीवास्तव ने कहा कि यह इनफ्लो मुख्य रूप से मजबूत एसआईपी निवेश और भारत की लॉन्ग टर्म ग्रोथ की कहानी में निरंतर विश्वास से संभव हुआ। बाजार प्रदर्शन ने भी निवेशकों की धारणा को समर्थन दिया। 2025 में निफ्टी 50 में 8.4 फीसदी और बीएसई सेंसेक्स में लगभग 10 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई।

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SIP इनफ्लो बनी MF इंडस्ट्री की रीढ़

इक्विटी-ओरिएंटेड स्कीम्स में नेट इनफ्लो 3.53 लाख करोड़ रुपये रहा, जो अनुशासित और लंबे समय तक निवेश की ओर संरचनात्मक बदलाव को दर्शाता है। एसआईपी निवेश इनफ्लो की रीढ़ बने रहे। सितंबर, अक्टूबर और नवंबर में यह लगातार 29,000 करोड़ रुपये से ऊपर रहा और अक्टूबर में रिकॉर्ड 29,529 करोड़ रुपये के ऑलटाइम हाई पर पहुंच गया। इसके अलावा, 2025 में एसआईपी के माध्यम से सालाना निवेश 3.03 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया जो अब तक का रिकॉर्ड स्तर है।

(PTI इनपुट के साथ)

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First Published - December 31, 2025 | 3:23 PM IST

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