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Stock Market Closing Bell, December 31: एशियाई बाजारों में कमजोर रुख के बावजूद भारतीय शेयर बाजार बुधवार (31 दिसंबर) को साल 2025 के आखिरी ट्रेडिंग सेशन में जोरदार बढ़त के साथ बंद हुए। इसी के साथ बाजार में पिछले पांच ट्रेडिंग सेशन से जारी गिरावट का सिलसिला थम गया। इंडेक्स हैवीवेट रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी से बाजार को ऊपर की तरफ पुश मिला। जबकि आईटी शेयरों में बिकवाली ने तेजी पर नेगेटिव असर डाला।
तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 100 से ज्यादा अंक चढ़कर 84,793.58 पर खुला। खुलने के बाद इंडेक्स में बढ़त देखी गई। कारोबार के दौरान यह 85,437 अंक तक चढ़ गया था। अंत में 545.52 अंक या 0.64 प्रतिशत चढ़कर 85,220.60 पर बंद हुआ।
इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) बढ़त के साथ 25,971.05 पर खुला। खुलते ही यह 26 हजार के पार चला गया। अंत में 190.75 अंक या 0.74 फीसदी की तेजी लेकर 26,129.60 पर बंद हुआ।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा, ”2026 में सकारात्मक उछाल की उम्मीदें बढ़ रही हैं। इसे मांग की बेहतर होती स्थितियों से समर्थन मिल सकता है। निवेशकों की धारणा आने वाले समय में कॉरपोरेट अर्निंग्स और जीडीपी ग्रोथ में संभावित तेजी पर निर्भर रहने की संभावना है।”
उन्होंने कहा, ”आज के कारोबार में मेटल शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली। सरकार के स्टील उत्पादों पर आयात शुल्क (टैरिफ) लगाने की घोषणा की वजह से। वहीं ऑयल एंड गैस सेक्टर ने भी बेहतर प्रदर्शन किया, जहां स्थिर मांग और मजबूत रिफाइनिंग मार्जिन की उम्मीदों ने शेयरों को सपोर्ट दिया।”
बेंचमार्क निफ्टी 50 इंडेक्स ने साल 2025 में 10.5 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद होकर लगातार दसवें साल सालाना बढ़त का रिकॉर्ड बनाया। इसी तरह सेंसेक्स भी 2025 में 9.06 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ और उसकी जीत का सिलसिला भी 10 साल तक पहुंच गया। वहीं निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स ने 2025 में 5.7 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की और लगातार छठे साल सालाना बढ़त बनाए रखी। इसके उलट निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 2025 में 5.6 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ, जिससे उसका दो साल से चला आ रहा बढ़त का सिलसिला टूट गया।
सेंसेक्स की कंपनियों में टाटा स्टील, कोटक बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL), टाइटन और एक्सिस बैंक टॉप गेनर्स में शामिल रहे। वहीं दूसरी ओर टीसीएस, टेक महिंद्रा, इंफोसिस, बजाज फाइनेंस और सन फार्मा टॉप लूजर्स रहे।
ब्रोडर मार्केट में बीएसई मिडकैप इंडेक्स 1.01 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.19 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी आईटी (0.3 प्रतिशत की गिरावट) को छोड़कर अन्य सभी इंडेक्स में तेजी देखी गई। निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 2.66 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इसके बाद निफ्टी बैंक, रियल्टी, मेटल, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, मीडिया और केमिकल्स इंडेक्स में भी 1 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई।
एशियाई बाजारों में साल के अंतिम कारोबारी दिन कमजोरी देखने को मिली। ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 इंडेक्स 0.17 फीसदी गिरा, हांगकांग का हैंगसेंग 0.42 फीसदी नीचे रहा, जबकि चीन का CSI 300 लगभग स्थिर रहा। जापान और दक्षिण कोरिया के बाजार बंद रहे। हांगकांग और ऑस्ट्रेलिया में बाजार जल्दी बंद हुए।
अमेरिकी शेयर बाजारों के फ्यूचर्स शुरुआती एशियाई कारोबार में सपाट रहे। इससे पहले वॉल स्ट्रीट लगातार तीसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुआ। टेक शेयरों में कमजोरी के कारण S&P 500 में 0.14 फीसदी, नैस्डैक में 0.24 फीसदी और डॉव जोंस में 0.20 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Nvidia और Palantir जैसे टेक शेयर दबाव में रहे।