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म्युचुअल फंडों की परिसंपत्तियां 34 फीसदी बढ़ीं, FY2017 के बाद सबसे ज्यादा

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Mutual Funds AUM: मजबूत निवेश और बाजार में तेजी के दम पर औसत AUM बढ़कर 54 लाख करोड़ रुपये पर पहुंचा

Last Updated- April 04, 2024 | 10:38 PM IST
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देसी म्युचुअल फंडों की प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियों में वित्त वर्ष 2023-24 में 34 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई, जो वित्त वर्ष 2017 के बाद सबसे अधिक है। इक्विटी बाजारों में तेजी और मजबूत निवेश के दम पर फंडों का एयूएम बढ़ा है। मार्च 2024 में समाप्त तिमाही में औसत प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियां (एयूएम) 54.1 लाख करोड़ रुपये रहीं जो वित्त वर्ष 23 की चौथी तिमाही में 40.5 लाख करोड़ रुपये थीं।

एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया के आंकड़ों से यह जानकारी मिली। हाल में समाप्त वित्त वर्ष उद्योग की एयूएम वृद्धि के लिहाज से लगातार 12वां वर्ष था, जो मोटे तौर पर खुदरा निवेशकों को निवेश विकल्प मुहैया कराता है। सालाना आधार पर एयूएम में गिरावट पिछली बार वित्त वर्ष 2012 में दर्ज हुई थी। म्युचुअल फंड उद्योग ने हालांकि लंबा रास्ता तय किया है लेकिन उसका एयूएम अभी भी बैंकों की कुल जमाओं का करीब एक चौथाई ही है।

सबसे बड़े फंड एसबीआई ने चौथी तिमाही में 9.1 लाख करोड़ रुपये के औसत एयूएम के साथ अग्रणी स्थान बरकरार रखा जो वित्त वर्ष 23 की चौथी तिमाही के मुकाबले 27 फीसदी ज्यादा है। 10 अग्रणी फंडों में चौथे पायदान पर रही निप्पॉन इंडिया की परिसंपत्तियां सबसे ज्यादा तेजी से बढ़ीं। उसका औसत एयूएम 47 फीसदी बढ़कर 4.3 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। 15 अग्रणी फंडों में टाटा एमएफ औसत एयूएम में करीब 50 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ अग्रणी स्थान पर रहा।

फंडों के एयूएम की चाल निवेशकों के निवेश और बाजार की चाल पर निर्भर करती है। वित्त वर्ष 24 में इक्विटी बाजार में शानदार तेजी देखने को मिली। बेंचमार्क निफ्टी इंडेक्स 29 फीसदी चढ़ा जो कोविड वर्ष 2020-21 के बाद उसका सबसे अच्छा प्रदर्शन था। व्यापक बाजारों में निफ्टी स्मॉलकैप 100 और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में क्रमश: 70 फीसदी व 60 फीसदी की तेजी दर्ज हुई।

इस बीच, निवेश हासिल करने के मोर्चे पर फंडों ने वित्त वर्ष 24 के पहले 11 महीनों में शुद्ध रूप से 5.1 लाख करोड़ रुपये हासिल किए। सक्रियता से प्रबंधित इक्विटी योजनाओं ने इसमें से 1.6 लाख करोड़ रुपये हासिल किए। एसआईपी के जरिये सकल निवेश अप्रैल 2023 से फरवरी 2024 की अवधि में वित्त वर्ष 23 के आंकड़ों के मुकाबले 15 फीसदी बढ़कर 1.8 लाख करोड़ रुपये रहा।

मार्च के निवेश आंकड़े अगले हफ्ते जारी हो सकते हैं। मार्च में म्युचुअल फंडों के रिकॉर्ड निवेश को देखें तो उद्योग ने शायद इक्विटी योजनाओं में खासा निवेश हासिल किया है।

फरवरी में बिजनेस स्टैंडर्ड की तरफ से किए गए विश्लेषण से पता चलता है कि फरवरी 2023 के बाद फंडों की परिसंपत्तियों में तीव्र बढ़ोतरी मोटे तौर पर इक्विटी परिसंपत्तियों में मार्क टु मार्केट लाभ के कारण दर्ज हुई है।

फरवरी 2023 से जनवरी 2024 की अवधि में म्युचुअल फंडों ने शुद्ध रूप से 3.86 लाख करोड़ रुपये हासिल किए और बाजार से मिले फायदे के कारण एयूएम बढ़कर 13 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

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First Published - April 4, 2024 | 10:38 PM IST

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