facebookmetapixel
Advertisement
रनवे से रियल्टी तक: जेवर एयरपोर्ट ने बदली नोएडा की प्रोपर्टी की कहानी, 2027 तक आ सकती है 28% और तेजी‘हेडलाइन्स’ से कहीं आप भी तो नहीं हो रहे गुमराह? SIP पर जारी रखें ये स्ट्रैटेजीAM/NS India में बड़ा बदलाव: दिलीप ओम्मन होंगे रिटायर, अमित हरलका बनेंगे नए सीईओभारत में पेट्रोल, डीजल या LPG की कोई कमी नहीं, 60 दिन का स्टॉक मौजूद: सरकारभारत की तेल जरूरतें क्यों पूरी नहीं कर पा रहा ईरानी क्रूड ऑयल? चीन की ओर मुड़े जहाजलाइन लगाने की जरूरत नहीं, घर पहुंचेगा गैस सिलेंडर: सीएम योगी आदित्यनाथऑल टाइम हाई के करीब Oil Stock पर ब्रोकरेज सुपर बुलिश, कहा- खरीद लें, 65% और चढ़ने का रखता है दमBharat PET IPO: ₹760 करोड़ जुटाने की तैयारी, सेबी में DRHP फाइल; जुटाई रकम का क्या करेगी कंपनीतेल, रुपये और यील्ड का दबाव: पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी अस्थिरता, लंबी अनिश्चितता के संकेतवैश्विक चुनातियों के बावजूद भारतीय ऑफिस मार्केट ने पकड़ी रफ्तार, पहली तिमाही में 15% इजाफा

अमेरिकी टैरिफ का विकल्प खोजने में लगे कपड़ा कारोबारी

Advertisement

मुंबई के कपड़ा कारोबारियों के दिवाली स्नेह सम्मेलन महाराष्ट्र विधान सभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने कहा कि खेती के बाद कपड़े से सबसे अधिक रोजगार सृजित होता है।

Last Updated- October 30, 2025 | 7:06 PM IST
Textile Industry

अमेरिकी टैरिफ की चोट से भारतीय कपड़ा उद्योग फिलहाल भले ही परेशान नजर आ रहा है लेकिन इस चोट से निपटने में उद्योग जगत सक्षम है। महाराष्ट्र सरकार का दावा है कि अमेरिका द्वारा भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ लगाये जाने के कारण कपड़ा उद्योग पर विशेष प्रभाव नहीं पड़ने वाला है । कपड़ा उद्योग घरेलू मांग के साथ अन्य देशों में भी संभावनाएं तलाश रहा है। इसके लिए केंद्र सरकार व महाराष्ट्र सरकार प्रयत्नशील है।

कपड़ा कारोबारियों की प्रमुख संस्था भारत मर्चेंट्स चेम्बर में कपड़ा उद्योग के लोगों को संबोधित करते हुए महाराष्ट्र के वस्त्र उद्योग मंत्री संजय सावकारे ने कहा कि अमेरिकी टैरिफ का कपड़ा उद्योग पर बहुत ज्यादा असर नहीं पड़ने वाला है क्योंकि हमारी घरेलू मांग बहुत अच्छी है, इसके साथ ही वैश्विक स्तर पर दूसरे बाजार भी तलाशे जा रहे हैं जहां बेहतर संभावनाएं हैं। महाराष्ट्र की कपड़ा नीति देश की सर्वश्रेष्ठ नीति है। उन्होंने कहा कि सरकार पिछली बकाया सब्सिडी के भुगतान कर रही है। जिससे जल्द ही बकाया सब्सिडी क्लियर हो जाएगी।

Also Read: ट्रंप ने दी भारत को बड़ी राहत, चाबहार पोर्ट पर अमेरिकी प्रतिबंधों से मिली 6 महीने की छूट

मुंबई के कपड़ा कारोबारियों के दिवाली स्नेह सम्मेलन महाराष्ट्र विधान सभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने कहा कि खेती के बाद कपड़े से सबसे अधिक रोजगार सृजित होता है। यह बात सरकार अच्छे से समझती है। सियाराम ग्रुप के चेयरमेन रमेश पोद्दार ने कहा कि देश में स्किल्ड लेबर की कमी नहीं है। इसका फायदा हमे अपने उत्पाद को विश्वस्तरीय बनाने में करना चाहिए।

कपड़ा कारोबारियों ने बताया कि अमेरिका में कम खरीद की भरपाई के लिए, भारतीय निर्माता यूरोपीय संघ और यूनाइटेड किंगडम के साथ व्यापार बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। घरेलू निर्यातक अब ब्रिटेन और यूरोपीय संघ पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं । हाल ही में ब्रिटेन के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौते और यूरोप में बढ़ते अवसरों ने भारतीय कंपनियों के लिए नए रास्ते खोले हैं।

संस्था के अध्यक्ष मनोज जालान ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि कपड़ा कारोबार कई तरह के उतार चढ़ाव देख चुका है, इसे कारोबार का एक हिस्सा मानकर काम करना होगा। संस्था के ट्रस्टी राजीव सिंगल ने कहा कि मौजूदा चुनौतियों के बावजूद तीन प्रमुख कारक भारतीय कपड़ा उद्योगों को सहारा दे सकते हैं। इसमें अप्रैल से अगस्त 2025 के बीच बिक्री का मजबूत वृद्धि। दूसरा चीन, पाकिस्तान और तुर्की जैसे प्रतिस्पर्धी देशों की सीमित निर्यात क्षमता खासकर उन उत्पाद श्रेणियों में जहां भारत को कम टैरिफ का फायदा है और भारतीय विनिर्माताओं का वैकल्पिक वैश्विक बाजारों की ओर रुख करना शामिल है। इसके अलावा कंपनियों की कर्जमुक्त बैलेंस शीट क्रेडिट प्रोफाइल पर पड़ने वाले दबाव को आंशिक रूप से कम कर सकती है।

Advertisement
First Published - October 30, 2025 | 7:06 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement