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विदेशी निवेशकों की पहली पसंद महाराष्ट्र, सिर्फ छह महीने में मिला 1.13 लाख करोड़ रुपये का FDI

प्रत्यक्ष विदेश निवेश के टॉप-10 राज्यों में महाराष्ट्र के बाद कर्नाटक, गुजरात, दिल्ली, तमिलनाडु, हरियाणा, तेलंगाना, झारखंड, राजस्थान और पश्चिम बंगाल है।

Last Updated- January 03, 2025 | 6:12 PM IST
Maharashtra is the first choice of foreign investors, received FDI worth Rs 1.13 lakh crore in just six months विदेशी निवेशकों की पहली पसंद महाराष्ट्र, सिर्फ छह महीने में मिला 1.13 लाख करोड़ रुपये का FDI

Maharashtra FDI: चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में सबसे ज्यादा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) महाराष्ट्र में हुआ है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने निवेश के आंकड़े पेश करते हुए कहा कि राज्य को 2024-25 में केवल छह महीने में 1.13 लाख करोड़ रुपये का FDI मिला है। यह पिछले चार वर्षों में सालाना प्राप्त होने वाली राशि के लगभग बराबर है।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि राज्य को सितंबर 2024 में समाप्त होने वाली वित्त वर्ष 2024-25 की पहली दो तिमाहियों में 1,13,236 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) मिला। राज्य को वित्त वर्ष 2020-21 में 1,19,734 करोड़ रुपये, 2021-22 में 1,14,964 करोड़ रुपये, 2022-23 में 1,18,422 करोड़ रुपये और 2023-24 में 1,25,101 करोड़ रुपये का FDI प्राप्त हुआ था।

अपने पोस्ट में फडणवीस ने लिखा कि इसका मतलब है कि राज्य को पिछले चार वर्षों में औसतन वार्षिक प्राप्त होने वाले FDI का 94.71 प्रतिशत छह महीने में प्राप्त हुआ। वह उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे तथा अजित पवार और उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि यह गति आगे भी जारी रहे।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी किये गए आंकड़ों के मुताबिक प्रत्यक्ष विदेश निवेश के टॉप-10 राज्यों में महाराष्ट्र के बाद कर्नाटक, गुजरात, दिल्ली, तमिलनाडु, हरियाणा, तेलंगाना, झारखंड, राजस्थान और पश्चिम बंगाल है। 10 में से चार राज्य ऐसे हैं जो कि भाजपा शासित हैं। महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा और राजस्थान में भाजपा की सरकार है जबकि अन्य राज्यों में इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों की सरकार है। महाराष्ट्र वित्त वर्ष 2023-24 में भी FDI के मामले में शीर्ष पर रहा था।

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महाराष्ट्र का FDI 31 फीसदी, कर्नाटक का 21 प्रतिशत, गुजरात का 16 प्रतिशत, दिल्ली का 13 प्रतिशत, तमिलनाडु का 5 प्रतिशत, हरियाणा का 4 प्रतिशत, तेलंगाना का 4 प्रतिशत, झारखंड, राजस्थान और पश्चिम बंगाल का एक-एक प्रतिशत रहा है।

महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था पर हाल ही में एक बयान में मुख्यमंत्री ने कहा था कि भारत ने पिछले 10 वर्षों में 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है। उन्होंने कहा कि 2030 तक भारत 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएगा, लेकिन यह लक्ष्य 2028 तक ही हासिल कर लिया जाएगा।

महाराष्ट्र इस राष्ट्रीय वृद्धि गाथा का एक अहम हिस्सा बनेगा। महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था आधा ट्रिलियन डॉलर का लक्ष्य पार कर चुकी है और 2028 से 2030 के बीच यह 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएगी। महाराष्ट्र को विकसित राज्य बनाने के लिए एक सलाहकार समिति बनाई गई है, जो यह अध्ययन करेगी कि राज्य किन क्षेत्रों में और आगे बढ़ सकता है। राज्य सरकार सड़कों, विमानन और बंदरगाहों के विकास पर जोर दे रही है।

First Published - January 3, 2025 | 6:12 PM IST

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