जनवरी के अमेरिका के खुदरा महंगाई दर (सीपीआई) के आंकड़े उम्मीद से बेहतर रहने की वजह से सरकारी बॉन्डों और रुपये में कमजोरी आई है। यूएस सीपीआई 2.9 फीसदी रहने की उम्मीद थी, जबकि यह 3.1 फीसदी है। 10 साल के बेंचमार्क सरकारी बॉन्ड का यील्ड 7.11 फीसदी रहा, जबकि मंगलवार को यह 7.10 फीसदी […]
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सरकारी बॉन्ड और कॉरपोरेट बॉन्ड के बीच प्रतिफल (yield) का अंतर घटता जा रहा है। दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक ने मौद्रिक नीति समिति की हालिया बैठक में आक्रामक रुख अपनाया। इससे शीघ्र दरों में कटौती की उम्मीद घट गई। इसके अलावा केंद्रीय बैंक के बीते सप्ताह नकदी कम करने के लिए परिवर्तनीय ब्याज रीवर्स रीपो […]
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मौद्रिक नीति समिति की बैठक के बाद गुरुवार को कारोबार के अंत तक सरकारी बॉन्डों की बढ़त वापस आ गई। बाजार भागीदारों ने कहा कि मौद्रिक नीति का फैसला उतना नरम नहीं था जितनी बाजार ने उम्मीद की थी। मौद्रिक नीति के फैसले से पहले शुरुआती कारोबार में बेंचमार्क बॉन्ड पर यील्ड 7.04 फीसदी तक […]
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अंतरिम बजट के बाद यील्ड (प्रतिफल) में नरमी आने से डेट फंड निवेशकों को बड़ा लाभ कमाने का मौका मिला है। वैल्यू रिसर्च के आंकड़ों से पता चलता है कि जहां गिल्ट फंडों में निवेशकों का निवेश बजट के दिन औसत 0.65 प्रतिशत तक बढ़ा वहीं डायनैमिक बॉन्ड फंडों की एनएवी में 0.51 प्रतिशत की […]
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सरकारी बॉन्डों की यील्ड में मिलने वाला फायदा शुक्रवार को कारोबार के अंत में पूरी तरह से खत्म हो गया। डीलरों के मुताबिक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने शुरुआती कारोबार में यील्ड में आई नरमी का फायदा उठाते हुए बॉन्ड बेचकर मुनाफा कमाना बेहतर समझा। कारोबारी घंटों के बाद अमेरिका से गैर कृषि पेरोल डेटा […]
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Budget 2024: अंतरिम बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा वित्त वर्ष 2024-25 के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य उम्मीद से कम रखे जाने के कारण सरकार के बॉन्ड का यील्ड गिरकर 6 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया। सरकार ने राजकोषीय घाटे का लक्ष्य सकल घरेलू उत्पाद का 5.1 प्रतिशत रखा है, जबकि […]
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करीब 50 लाख करोड़ रुपये मूल्य के घरेलू म्युचुअल फंड (एमएफ) उद्योग का कॉरपोरेट बॉन्ड निवेश पिछले पांच साल के दौरान काफी हद तक स्थिर बना रहा। सक्रिय तौर पर प्रबंधित डेट फंड अप्रैल 2019 के अंत में 6.73 लाख करोड़ रुपये की परिसंपत्तियों का प्रबंधन कर रहे थे। डेट फंडों को अपने कोष का […]
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वैश्विक निवेशक भारत के सरकारी बांड (India’s sovereign bonds) खरीद रहे हैं क्योंकि देश वैश्विक ऋण सूचकांक (global debt indexes) में शामिल होने वाला है। आगामी वित्तीय वर्ष में सरकारी उधारी की उच्च मांग को पूरा करने में यह एक महत्वपूर्ण फैक्टर होगा। भारत की अगले साल करीब 183 अरब डॉलर लोन लेने की योजना […]
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बॉन्ड बाजार के हिस्सेदारों को फरवरी में नीतिगत दर पर भारतीय रिजर्व बैंक के रुख में बदलाव की उम्मीद है। लगातार वैरिएबल रेट रीपो (वीआरआर) की नीलामियों को देखते हुए बाजार उम्मीद कर रहा है कि रिजर्व बैंक समावेशी रुख की वापसी से तटस्थ रुख अपनाएगा। केंद्रीय बैंक नकदी को लेकर समावेशी रुख अपना रहा […]
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बॉन्ड प्राइवेट प्लेसमेंट के माध्यम से 2023 में 9.58 लाख करोड़ रुपये धन जुटाया गया,जो अब तक का सर्वोच्च स्तर है। प्राइम डेटाबेस के आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल की तुलना में इसमें 23 प्रतिशत वृद्धि हुई है। प्राइम डेटाबेस ग्रुप के प्रबंध निदेशक प्रणव हल्दिया का कहना है कि तेज आर्थिक वृद्धि के बीच […]
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