facebookmetapixel
विमान हादसे में राकांपा प्रमुख अजित पवार की मौत, चार अन्य लोगों की भी गई जानराष्ट्रपति मुर्मू का बजट सत्र अभिभाषण: देश की आर्थिक बुनियाद मजबूत, ईयू-एफटीए से रोजगार और विकास को मिलेगी नई रफ्तारमारुति को दमदार बिक्री से मिली रफ्तार, Q3 में मुनाफा 4.1% बढ़ा, नए लेबर कोड का दिखा असरखपत के रुझान स्थिर, मार्जिन में सुधार के आसार; FMCG में ठोस वृद्धि की आस: मैरिकोIndia-EU FTA में बाजार पहुंच की बाधाओं से निपटने के लिए बनेगा स्पेशन ‘रैपिड रिस्पॉन्स मैकेनिज्म’India EU FTA में वाहन आयात पर सख्ती, टैरिफ कोटा का लाभ सिर्फ चुनिंदा यूरोपीय कंपनियों कोCBAM नियमों से संकट में छोटे स्टील निर्यातक, यूरोपीय बंदरगाहों पर माल जब्त; ऑर्डर रद्दIndia-EU FTA के उत्साह से लगातार दूसरे दिन चढ़े बाजार, सेंसेक्स 487 अंक उछलाEU से भारत सिर्फ 50,000 टन सेब का आयात करेगा, किसानों की आय बनी रहेगी सुरक्षितIndia-EU FTA से फुटवियर-लेदर सेक्टर को बूस्ट, भारतीय फुटवियर उद्योग के जमेंगे पांव

India-EU FTA में बाजार पहुंच की बाधाओं से निपटने के लिए बनेगा स्पेशन ‘रैपिड रिस्पॉन्स मैकेनिज्म’

यह अपने प्रकार का पहला ढांचा होगा जो दोनों देशों के बीच व्यापार में आने वाली बाधाओं को दूर करेगा

Last Updated- January 28, 2026 | 10:20 PM IST
Global Trade

भारत और यूरोपीय संघ ने अपने मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के तहत बाजार पहुंच को बा​धित करने वाले नियामकीय उपायों से निपटने के वास्ते एक समर्पित ढांचा स्थापित करने के लिए सहमति जताई है। यह अपने प्रकार का पहला ढांचा होगा जो दोनों देशों के बीच व्यापार में आने वाली बाधाओं को दूर करेगा।

सरकारी अधिकारियों ने बताया कि यह ढांचा भारत को उन नियामकीय चुनौतियों से निपटने में मदद करेगा जो यूरोपीय संघ द्वारा लागू किया गया है अथवा भविष्य में लागू किया जा सकता है। इस प्रकार यह एफटीए के तहत मिलने वाले फायदों की रक्षा करेगा। यह भारत को कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (सीबीएएम) जैसे यूरोपीय संघ के कानूनों से निपटने में भी मदद कर सकता है।

एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि दोनों पक्षों ने ‘रैपिड रिस्पॉन्स मैकेनिज्म’ के तहत एक समर्पित तंत्र स्थापित करने पर सहमति जताई है जो व्यापार की राह में बाधा पैदा करने वाले मौजूदा एवं भविष्य के कानूनों के बारे में चिंताओं को दूर करेगा।

उन्होंने कहा, ‘हमारे पास एक उच्चा​धिकार प्राप्त रैपिड रिस्पॉन्स मैकेनिज्म होगा जो दोनों पक्षों के बीच मुद्दे को तुरंत चर्चा के लिए लाएगा। अगर मामले का समाधान अधिकारियों के स्तर पर नहीं होता है उसे आगे बढ़ाने के लिए भी व्यवस्था है। मंत्री इस मुद्दे को सुलझाने के लिए दखल दे सकते हैं। यह एक नई बात है जिस पर भारत और यूरोपीय संघ के बीच सहमति बनी है।’

इसी प्रकार नॉन-वॉयलेशन कम्प्लेंट्स (एनवी) नए उपायों का समाधान तलाशने में मदद करेगा। अ​धिकारी ने बताया कि अगर मुक्त व्यापार समझौते के किसी भी प्रावधान का उल्लंघन किए बिना कोई नया कानून या नियम पेश किया जाता है तो भी वह समझौते के तहत उपलब्ध बाजार पहुंच को बा​धित नहीं कर सकता है। एनवी ऐसे मुद्दों को निपटाने में मदद करेगा।

First Published - January 28, 2026 | 10:14 PM IST

संबंधित पोस्ट