facebookmetapixel
Advertisement
होर्मुज में बारूदी सुरंगों का जाल: समंदर की सुरक्षा और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर यह क्यों है एक गंभीर खतरा?Gen Z का गुस्सा? राघव चड्ढा का BJP में जाना युवाओं को नहीं आया रास, 24 घंटे में घटे 14 लाख फॉलोअर्स!IDFC First Bank Q4 Results: नेट प्रॉफिट ₹319 करोड़ पर पहुंचा, ₹NII 15.7% बढ़कर 5,670 करोड़ के पारSBI vs ICICI vs HDFC Bank: 20 साल के लिए लेना है ₹30 लाख होम लोन, कहां मिलेगा सस्ता?‘पोर्टेबल KYC से बदलेगा निवेश का अंदाज’, वित्त मंत्री ने SEBI को दिया डिजिटल क्रांति का नया मंत्रबीमा लेते वक्त ये गलती पड़ी भारी, क्लेम रिजेक्ट तक पहुंचा सकती है सच्चाई छुपानाआसमान से बरस रही आग! दिल्ली से लेकर केरल तक लू से लोग परेशान, IMD ने जारी की नई चेतावनीपेटीएम की दोटूक: RBI की कार्रवाई का बिजनेस पर कोई असर नहीं, कामकाज पहले की तरह चलता रहेगाअमेरिका में बड़ा बवाल! H-1B वीजा पर 3 साल की रोक का बिल पेश, भारतीय प्रोफेशनल्स पर असर की आशंकाUpcoming Rights Issue: अगले हफ्ते इन 4 कंपनियों के शेयर सस्ते में खरीदने का मौका, चेक करें पूरी लिस्ट

बॉन्ड से धन जुटाने की तैयारी में REC, 50 करोड़ डॉलर जुटाने की योजना

Advertisement

चौधरी ने कहा कि सरकारी कंपनी आरईसी हरित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को धन देने के लिए 5 साल और 10 साल के बॉन्डों के माध्यम से क्रमशः 30 से 50 करोड़ डॉलर जुटाएगी।

Last Updated- January 04, 2024 | 10:48 PM IST
Bonds

ग्रामीण विद्युतीकरण निगम (आरईसी) ने 15 जनवरी तक येन मूल्य में हरित बॉन्ड जारी कर 50 करोड़ डॉलर तक जुटाने के लिए बैंकर नियुक्त किए हैं। आरईसी के वित्त निदेशक अजय चौधरी ने गुरुवार को रॉयटर्स को यह जानकारी दी।

चौधरी ने कहा कि सरकारी कंपनी आरईसी हरित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को धन देने के लिए 5 साल और 10 साल के बॉन्डों के माध्यम से क्रमशः 30 से 50 करोड़ डॉलर जुटाएगी।

कंपनी ने प्रस्तावित बॉन्ड जारी करने के लिए डीबीएस बैंक, मिजुहो, एमयूएफजी और एसएमबीसी निक्को को जॉइंट लीड मैनेजर्स नियुक्त किया है। कंपनी द्वारा नियुक्त एक विदेशी बैंक के सूत्र ने इसके ब्योरे की पुष्टि की, लेकिन उन्होंने नाम सार्वजनिक किए जाने से इनकार करते हुए कहा कि वह मीडिया से बातचीत के लिए अधिकृत नहीं हैं।

चौधरी ने कहा कि आरईसी ने अभी तक इश्यू के ब्योरों को अंतिम रूप नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि कंपनी येन बाजार पर ध्यान दे रही है क्योंकि डॉलर बॉन्ड बाजार में दरें ज्यादा हैं और इसमें 20 प्रतिशत विदहोल्डिंग टैक्स भी शामिल है, जो हतोत्साहित करने वाला है।

Also read: नए सेक्टर्स के लिए PLI योजना पर फिलहाल कोई विचार नहीं: DPIIT सेक्रेटरी

उन्होंने कहा, ‘येन बाजार में ब्याज बहुत कम है और इससे जुड़ा विदहोल्डिंग टैक्स भी कम होगा।’विदहोल्डिंग टैक्स ऐसा कर है, जो उन विदेशी निवेशकों द्वारा कमाए गए ब्याज पर लागू होता है, जो रुपये पर केंद्रित भारतीय डेट साधनों में निवेश करते हैं। भारतीय कंपनियों द्वारा डॉलर बॉन्ड से 2023 में जुटाया गया धन 14 साल के निचले स्तर पर रहा है।

चौधरी ने कहा कि प्रस्तावित इश्यू का पूरी तरह हेज्ड लागत करीब 6 से 6.5 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। यह सितंबर के अंत तक उधारी की औसत घरेलू लागत 7.20 प्रतिशत से कम है। भारत में 10 साल के बॉन्ड पर बॉन्ड प्रतिफल और सावधि ऋण की दरें इस समय 7.7 प्रतिशत से 7.8 प्रतिशत है।

कंपनी ने येन केंद्रित सावधि ऋण बाजार में संभावनाएं तलाशीं और अप्रैल से दिसंबर 2023 के बीच 70 करोड़ डॉलर ऋण लिया। कंपनी का येन में ऋण करीब 1.2 अरब डॉलर है। चौधरी ने कहा, ‘हम इस समय विदेश पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। खासकर येन पर, क्योंकि यह सस्ता है।’

Advertisement
First Published - January 4, 2024 | 10:48 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement