Stock Market Closing Bell, December 29: एशियाई बाजारों से मिलेजुले रुख के बीच भारतीय शेयर बाजार हफ्ते के पहले ट्रेडिंग सेशन यानी सोमवार (29 दिसंबर) को लाल निशान में बंद हुए। सपाट शुरुआत के बाद बाजार में उतार-चढ़ाव देखा गया और बाद में बिकवाली हावी हो गई। रिलायंस इंडस्ट्रीज और भारती एयरटेल जैसे हैवीवेट शेयरों में तेजी ने बाजार को नीचे की तरफ खींचा।
तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) लगभग सपाट रहते हुए 85,004 अंक पर खुला। खुलने के बाद इंडेक्स में थोड़ी बढ़त देखी गई। हालांकि, बाद में यह लाल निशान में फिसल गया। अंत में 345.91 अंक या 0.41 प्रतिशत फिसलकर 84,695.54 पर बंद हुआ।
इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) भी 26,063 अंक पर लगभग सपाट खुला। कारोबार के दौरान यह 25,920 अंक के इंट्रा-डे लो तक गया। अंत में 345.91 अंक या 0.41 प्रतिशत गिरकर 84,695.54 पर बंद हुआ।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड में रिसर्च प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि बाजार में फिलहाल आगे की तेजी के लिए मजबूत संकेतों की कमी दिख रही है। निवेशक अधिकतर छुट्टियों के मूड में हैं, जिससे शॉर्ट टर्म में बाजार के एक सीमित दायरे में रहने या ठहराव के दौर में जाने के संकेत मिलते हैं।
उन्होंने कहा कि हालांकि 2026 को लेकर नजरिया सकारात्मक बना हुआ है, लेकिन आने वाले समय में निवेशकों का ध्यान तीसरी तिमाही के नतीजों और अमेरिका के व्यापार समझौते को लेकर मिलने वाली स्पष्टता पर रहेगा। वैश्विक व्यापार को लेकर बढ़ती चिंता और रुपये में कमजोरी के माहौल में निवेशक तुलनात्मक रूप से सुरक्षित और कमाई की बेहतर स्पष्टता वाले बड़े शेयरों को प्राथमिकता दे सकते हैं।
सेंसेक्स की कंपनियों में पावरग्रिड, अदाणी पोर्ट्स, ट्रेंट, एचसीएल टेक और बीईएल सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयर रहे। वहीं दूसरी ओर टाटा स्टील, एशियन पेंट्स, एचयूएल, इटरनल, एनटीपीसी और एक्सिस बैंक प्रमुख बढ़त दर्ज करने वाले शेयरों में शामिल रहे।
ब्रोडर मार्केट की बात करे तो निफ्टी मिडकैप 100 में 0.52 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.72 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। सेक्टर के हिसाब से देखें तो निफ्टी आईटी इंडेक्स, रियल एस्टेट और ऑटोमोबाइल इंडेक्स सबसे ज्यादा नुकसान में रहे। इनमें क्रमशः 0.75 प्रतिशत, 0.67 प्रतिशत और 0.53 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके उलट निफ्टी मीडिया, पब्लिक सेक्टर के बैंक और कंज्यूमर गुड्स इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। इनमें क्रमशः 0.93 प्रतिशत, 0.05 प्रतिशत और 0.11 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।
एशियाई शेयर बाजार सोमवार को छह हफ्ते के उच्च स्तर पर पहुंच गए। जबकि डॉलर लगभग तीन महीने के निचले स्तर के पास बना रहा। इसकी वजह यह उम्मीद है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व अगले साल ब्याज दरों में कटौती कर सकता है, जिससे कीमती मेटल में भी जोरदार तेजी देखने को मिली है।
दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) इंडेक्स 1.5% चढ़कर लगभग दो महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया। इसके साथ ही इस साल अब तक इसमें करीब 74% की जबरदस्त बढ़त दर्ज हुई है, जो 1999 के बाद से इसकी सबसे मजबूत सालाना तेजी की ओर इशारा करती है। वहीं, जापान का निक्केई 0.4% फिसला, जबकि ताइवान का शेयर बाजार 0.3% बढ़कर रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। छुट्टियों के कारण छोटे कारोबारी हफ्ते में निवेशकों की नजर मंगलवार को आने वाली फेड की पिछली बैठक के मिनट्स पर टिकी रहेगी।
मुख्यबोर्ड में आज कोई नया आईपीओ नहीं खुल रहा है। गुजरात किडनी आईपीओ की लिस्टिंग मंगलवार को शेयर बाजार में हो सकती है। यह इश्यू 22 से 24 दिसंबर को अप्लाई करने के लिए खुला था। वहीं, एसएमई सेगमेंट में E to E Transportation Infrastructure Ltd. का IPO आज दूसरे दिन प्रवेश करेगा।