Unnao rape case: उन्नाव रेप मामले में पूर्व बीजेपी नेता कुलदीप सिंह सेंगर को फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें सेंगर की जमानत मंजूर की गई थी। अब वह जेल में ही रहेंगे।
सोमवार को यह मामला सुप्रीम कोर्ट की अवकाशकालीन पीठ के सामने आया। पीठ में मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जे.के. महेश्वरी और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह शामिल थे। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि इस मामले में कानूनी सवालों पर गंभीरता से विचार की जरूरत है।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि आम तौर पर अगर कोई व्यक्ति बाहर आ चुका हो तो उसकी आज़ादी छीनी नहीं जाती, लेकिन यह मामला अलग है क्योंकि सेंगर पहले से ही एक अन्य केस में जेल में बंद हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि पोक्सो कानून में “लोक सेवक” की परिभाषा को लेकर चिंता है।
दरअसल, 23 दिसंबर को दिल्ली हाईकोर्ट ने सेंगर की उम्रकैद की सजा पर रोक लगाई थी। हाईकोर्ट का कहना था कि सेंगर सात साल पांच महीने की सजा पहले ही काट चुके हैं। इसके बाद सीबीआई ने 26 दिसंबर को इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।
गौरतलब है कि दिसंबर 2019 में ट्रायल कोर्ट ने कुलदीप सेंगर को उन्नाव रेप केस में उम्रकैद की सजा सुनाई थी। उन्होंने इस फैसले के खिलाफ अपील कर रखी है, जिस पर अभी सुनवाई बाकी है। उसी साल सुप्रीम कोर्ट ने इस केस को उत्तर प्रदेश से दिल्ली ट्रांसफर कर दिया था।
इसके अलावा, सेंगर पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के मामले में 10 साल की सजा भी काट रहे हैं। इस केस में भी उनकी अपील लंबित है और उन्होंने सजा पर रोक की मांग की है।