Nifty Outlook Today: पिछले चार लगातार कारोबारी सत्रों में एनएसई निफ्टी 50 इंडेक्स 230 अंक यानी 0.9% टूट चुका है। इस गिरावट के दौरान निफ्टी अब अपने 50-दिवसीय मूविंग एवरेज के पास कारोबार करता दिख रहा है, जो डेली चार्ट पर 25,923 के स्तर पर है।
सैमको सिक्योरिटीज के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट ओम मेहरा का कहना है कि निफ्टी हाल की रिकवरी को बनाए रखने में नाकाम दिख रहा है। सोमवार की डेली कैंडल एक बार फिर बिकवाली के दबाव को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि 26,100–26,000 के जोन में रेजिस्टेंस मिलने के बाद इंडेक्स फिर से फिसल गया।
ओम मेहरा के अनुसार, निफ्टी अब 20-दिवसीय मूविंग एवरेज (25,980) के नीचे चला गया है। इससे शॉर्ट-टर्म तेजी की ताकत कमजोर होती दिख रही है। हालांकि, निफ्टी अभी भी लोअर बोलिंजर बैंड के ऊपर बना हुआ है, जिससे बड़ी गिरावट और तेज उतार-चढ़ाव फिलहाल टलता नजर आ रहा है।
टेक्निकल एनालिस्ट का मानना है कि निफ्टी को 25,860 के आसपास सपोर्ट मिल सकता है, जो 78.6% रिट्रेसमेंट लेवल है। वहीं ऊपर की ओर 26,000–26,050 पहला रेजिस्टेंस जोन बना हुआ है, जबकि 26,150 का स्तर किसी भी मजबूत रिकवरी के लिए बड़ी बाधा बना रहेगा।
एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने चेतावनी दी है कि अगर निफ्टी 25,900 का स्तर, खासकर शुरुआती घंटे में, नहीं संभाल पाया तो इंडेक्स 25,800–25,700 तक फिसल सकता है। इस स्तर के नीचे निर्णायक गिरावट से बाजार में गहरी करेक्शन आ सकती है।
उन्होंने कहा कि मोमेंटम इंडिकेटर्स सतर्कता का संकेत दे रहे हैं। आरएसीआई (RSI) करीब 49 पर है और इसमें बेयरिश क्रॉसओवर दिख रहा है। वहीं MACD अभी भी नेगेटिव है, लेकिन हिस्टोग्राम सिकुड़ रहा है, जिससे संकेत मिलता है कि गिरावट की रफ्तार धीरे-धीरे कम हो सकती है। जब तक निफ्टी 25,950 के ऊपर बना रहता है, तब तक 26,050–26,100 तक रिकवरी की कोशिश संभव है, लेकिन शॉर्ट-टर्म रुख न्यूट्रल से हल्का नेगेटिव बना रहेगा।
असित सी. मेहता इन्वेस्टमेंट इंटरमीडिएट्स के असिस्टेंट वाइस प्रेसजीडेंट (टेक्निकल और डेरिवेटिव रिसर्च) ऋषिकेश येडवे का मानना है कि जब तक निफ्टी 25,800 के ऊपर बना रहता है, तब तक इंडेक्स शॉर्ट-टर्म में 25,800–26,325 के दायरे में कंसोलिडेट करता रह सकता है।
सैमको सिक्योरिटीज के डेरिवेटिव रिसर्च एनालिस्ट धूपेश धामेजा का कहना है कि डेरिवेटिव्स के नजरिए से F&O डेटा बाजार में सतर्क और संभले हुए रुख को दिखाता है।
उन्होंने कहा कि कॉल राइटर्स ने ATM और आसपास के स्ट्राइक्स पर नई पोजिशन जोड़ी है, जिससे ऊपर की ओर सप्लाई बढ़ी है और तेजी पर ब्रेक लगा है। खास बात यह है कि 26,000 स्ट्राइक पर करीब 2.30 करोड़ कॉल कॉन्ट्रैक्ट्स का जमावड़ा देखने को मिला है, जिससे यह स्तर मजबूत रेजिस्टेंस बन गया है।
वहीं दूसरी ओर, पुट राइटर्स ने अपनी पोजिशन घटाई है और निचले स्ट्राइक्स पर रोलओवर किया है, जो यह संकेत देता है कि बाजार फिलहाल किसी बड़े ब्रेकआउट के बजाय कंसोलिडेशन के मूड में है।
धूपेश धामेजा ने बताया कि 25,900 स्ट्राइक पर करीब 1.13 करोड़ पुट कॉन्ट्रैक्ट्स जुड़ने से निफ्टी को गिरावट में मजबूत सपोर्ट मिल रहा है। अगर इंडेक्स 25,900–25,860 के सपोर्ट जोन को बचाने में कामयाब रहता है, तो हल्की शॉर्ट-कवरिंग रैली से इनकार नहीं किया जा सकता।
निफ्टी F&O डेटा के विश्लेषण से पता चलता है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) का निफ्टी फ्यूचर्स में लॉन्ग-शॉर्ट रेशियो 0.16 है। इसका मतलब है कि FIIs की 86% से ज्यादा पोजिशन शॉर्ट साइड में है। 18 दिसंबर 2025 को यह रेशियो घटकर 0.09 तक पहुंच गया था।
इसके मुकाबले, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) और रिटेल निवेशकों का लॉन्ग-शॉर्ट रेशियो क्रमशः 2.13 और 2.48 है। इसका अर्थ है कि इन दोनों वर्गों में हर एक शॉर्ट पोजिशन के मुकाबले दो से ज्यादा लॉन्ग पोजिशन मौजूद हैं।