facebookmetapixel
Advertisement
प्राइमरी मार्केट में बंपर हलचल: 7 से 15 सितंबर के बीच खुलेंगे 11 IPOs, ₹7,055 करोड़ जुटाने की तैयारीविदेशी निवेशकों का बदला रुख, सितंबर के पहले हफ्ते में शेयर बाजार से निकाले ₹7,443 करोड़PM Kisan की 24वीं किस्त कब आएगी? जानें संभावित तारीख, पात्रता और e-KYC की पूरी जानकारीदेश भर में फिर सक्रिय हुआ मॉनसून, दिल्ली-NCR समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारीपश्चिम एशिया में जंग फिर तेज: अमेरिका ने खार्ग द्वीप के पास ईरानी जहाजों को बनाया निशाना, ईरान ने भी दी चेतावनी4000 लोगों की जा सकती है नौकरी! JLR बड़ी छंटनी की तैयारी में, बढ़ते खर्च से कंपनी परेशानसुभाष चंद्रा की बढ़ीं मुश्किलें: CBI ने दर्ज की FIR, फर्जी कागज दिखाकर ₹1,322 करोड़ के फ्रॉड का आरोपएक शेयर पर ₹60 का मोटा डिविडेंड! पावर ट्रांसमिशन सेक्टर से जुड़ी कंपनी का तोहफा, रिकॉर्ड डेट फिक्सNPS में ‘नो मिनिमम इन्वेस्टमेंट’ का क्या है सच? एक्सपर्ट से समझें, किसे मिलेगा फायदा और किसे नहींटाटा मोटर्स खरीदेगी इटली की मशहूर इवेको ग्रुप, €3.82 अरब की डील से ग्लोबल मार्केट में बढ़ेगा दबदबा

एनबीएफसी का सूक्ष्म ऋण बढ़ा

Advertisement
Last Updated- December 12, 2022 | 7:15 AM IST

वित्त कंपनियों की ओर से दिए जाने वाले सूक्ष्म ऋण में दिसंबर 2020 में इजाफा हुआ है। सकल ऋणों में से 30 दिन से अधिक की अवधि वाले ऋण की हिस्सेदारी बढ़कर 10.9 फीसदी हो गई जो एक वर्ष पहले 2.42 फीसदी रही थी। एमएफआईएन के आंकड़ों से पता चलता है कि ऐसा मुख्य तौर पर कोविड महामारी के दबाव के कारण हुआ है।
माइक्रोफाइनैंस इंस्टीट्यूशन नेटवर्क (एमएफआईएन) के मुताबिक सितंबर 2020 में 30 दिनों से अधिक का ऋण 2.51 फीसदी पर था।
उद्योग के कार्यकारियों ने कहा कि पुनर्भुगतान पर ऋणस्थगन (मार्च से अगस्त 2020) के अलावा भारतीय रिजर्व बैंक ने ऋणों के पुनर्गठन की अनुमति दी और तब वित्त कंपनियों ने बकाये की गणना नहीं की थी। उसकी साफ तस्वीर अब नजर आ रही है। अर्थव्यवस्था में मजबूती आने से परस्थिति में सुधार हो रहा है।
महामारी के कारण आर्थिक संकट खड़ा होना से वास्तव में लोगों को पुनर्भुगतान में मुश्किल हो रही है। पुराने ऋणों के साथ यह समस्या अधिक है। अधिकारियों ने कहा कि कुछ लोगों ने इस उम्मीद में पुनर्भुगतान रोक दिया है कि दोबारा से इसमें सहायता मिल सकती है। पुनर्भुगतान रुकने से आर्थिक अनुशासन पर असर पड़ रहा है। एक ओर जहां महामारी का असर बरकरार है वहीं वित्त वर्ष 2021 की दूसरी तिमाही से ऋण में आई तेजी भी कायम है। एमएफआईएन के मुख्य कायाधिकारी और निदेशक आलोक मिश्रा ने कहा दूसरी तिमाही में नए ऋण में आई तेजी सच साबित हुई और विभिन्न क्षेत्रों को किया जाने वाला ऋण आवंटन कोविड से पूर्व के स्तर पर पहुंच रहा है।

Advertisement
First Published - March 10, 2021 | 12:31 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement