facebookmetapixel
Republic Day 2026: छावनी बनी दिल्ली, 30 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात; AI से हर कदम पर नजरRepublic Day 2026: कर्तव्य पथ पर दिखेगी आत्मनिर्भर और मजबूत भारत की झलक‘मन की बात’ में बोले PM मोदी: भारतीय उत्पाद उच्च गुणवत्ता के प्रतीक बनें और उद्योग उत्कृष्टता अपनाएPadma Awards 2026: अ​भिनेता धर्मेंद्र, वीएस अच्युतानंदन, उदय कोटक समेत 131 को पद्म पुरस्कार दुनिया को शांति का संदेश दे रहा भारत, महिलाओं की भागीदारी को 2047 तक विकसित भारत की नींव: राष्ट्रपतिबच्चों की शिक्षा और भविष्य सुरक्षित करने के लिए चाइल्ड इंश्योरेंस प्लान जरूरी, लक्ष्य पूरे करने में होगा मददगार2026 में भारत की नजरें पांच अहम आर्थिक और वैश्विक घटनाओं पर टिकीं रहेंगीEditorial: बदलती वैश्विक परिस्थितियों में भारत का गणराज्य और तेज आर्थिक सुधारों की राहडॉलर के दबदबे को चुनौती देती चीन की मुद्रा रणनीति, भारत के लिए छिपे हैं बड़े सबकपेंशन फंड को आधुनिक बनाने की पहल: NPS निवेश ढांचे में बदलाव की तैयारी, PFRDA ने बनाई समिति

भारत से चाय का निर्यात 8% कम रहने की आशंका, कितना पड़ेगा इंडस्ट्री पर असर? रिपोर्ट ने बताया

रेटिंग एजेंसी CRISIL ने कहा कि चाय इंडस्ट्री का निर्यात आकार घटने से इसका सालाना राजस्व आठ प्रतिशत तक घट सकता है

Last Updated- September 15, 2023 | 4:35 PM IST
Assam Tea Garden

श्रीलंका से सप्लाई बढ़ने की वजह से चालू वित्त वर्ष में चाय इंडस्ट्री के निर्यात में सालाना आधार पर आठ प्रतिशत की गिरावट आने की आशंका है। एक रिपोर्ट में यह अनुमान जताया गया है।

क्रिसिल रेटिंग्स की शुक्रवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2023-24 में चाय इंडस्ट्री की ऑपरेशन प्रॉफिटेबिलिटी के पिछले साल की तुलना में एक प्रतिशत घटकर पांच प्रतिशत रह जाने का अनुमान है।

कितना पड़ेगा चाय इंडस्ट्री पर असर?

चाय की पैदावार कम होने से ऐसा होने की आशंका है। हालांकि पूंजीगत खर्च न के बराबर होने और कम वृद्धि से इस इंडस्ट्री का कर्ज ढांचा स्थिर बने रहने की उम्मीद है।

रेटिंग एजेंसी ने कहा कि चाय इंडस्ट्री का निर्यात आकार घटने से इसका सालाना राजस्व आठ प्रतिशत तक घट सकता है।

क्रिसिल रेटिंग्स के निदेशक नितिन कंसल ने कहा, ‘कुल बिक्री में 82 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाली घरेलू मांग इस साल भी 110 करोड़ किलो के साथ स्थिर रहने की उम्मीद है। लेकिन आकार में 18 प्रतिशत और मूल्य में 30 प्रतिशत हिस्सेदारी वाले निर्यात क्षेत्र के इस वित्त वर्ष में सालाना आधार पर 18 प्रतिशत गिरकर 20 करोड़ किलो ही रह जाने का अनुमान है।’

चाय निर्यात में गिरावट की क्या है मुख्य वजह?

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की निर्यात मात्रा में गिरावट के पीछे श्रीलंका से सप्लाई में बढ़ोतरी अहम वजह हो सकती है। उर्वरकों एवं कीटनाशकों की उपलब्धता सुधरने से इस साल श्रीलंका में चाय का उत्पादन सुधरने की उम्मीद है।

यह रिपोर्ट कहती है कि श्रीलंका में चाय उत्पादन बेहतर होने पर भारतीय चाय कंपनियों का निर्यात घट सकता है।

वर्ल्ड टी मार्केट में भारत चौथे नंबर पर

चालू वित्त वर्ष में भारत का चाय उत्पादन 135 करोड़ किलो पर स्थिर बने रहने की संभावना है। विश्व चाय बाजार में भारत 11 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ चौथे स्थान पर है। चीन, केन्या एवं श्रीलंका दुनिया के पहले तीन चाय निर्यातक देश हैं।

First Published - September 15, 2023 | 4:35 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट