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फर्मों ने विदेशों से जुटाई 12 प्रतिशत ज्यादा रकम

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एक बैंकर ने कहा कि अगर विदेशों में ब्याज दरों में कमी होती है, तो कई कंपनियां अपने पूंजीगत व्यय और अपने पुराने ऋणों के पुनर्वित्त के लिए धन जुटाएंगी।

Last Updated- June 30, 2023 | 10:38 PM IST
Investment through P-notes reached a five-year high in May

भारतीय कंपनियों ने विदेशी स्रोतों से कैलेंडर वर्ष 2023 की पहली छमाही में 12 प्रतिशत अधिक धन जुटाया है और यह राशि बढ़कर 9.7 अरब डॉलर हो गईं है, जबकि वर्ष 2021-22 की समान अवधि में 8.6 अरब डॉलर जुटाया गया था।

बदली हुई भू-राजनीतिक परिस्थितियों और बढ़ती ब्याज दरों के बावजूद रिलायंस इंडस्ट्रीज की अगुआई में कई कंपनियों ने विदेशों से धन जुटाया।

विदेशों से पैसा जुटाने की कवायद के सलाहकार प्रबल बनर्जी ने कहा कि भारत में कई कंपनियां धन जुटा रही हैं क्योंकि उनके नकदी प्रवाह में सुधार हुआ है और रुपये पर आधारित बॉन्ड में मयुचुअल फंड का पर्याप्त पैसा निवेश किया जा रहा है।

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फिलहाल रिलायंस जियो नोकिया से उपकरण के लिए 1.6 अरब डॉलर जुटाने के लिए बातचीत कर रही है। बैंकरों ने कहा कि विदेशों से धन जुटाने का दृष्टिकोण ब्याज दरों पर निर्भर करता है।

एक बैंकर ने कहा कि अगर विदेशों में ब्याज दरों में कमी होती है, तो कई कंपनियां अपने पूंजीगत व्यय और अपने पुराने ऋणों के पुनर्वित्त के लिए धन जुटाएंगी।

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First Published - June 30, 2023 | 10:38 PM IST

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