facebookmetapixel
Advertisement
बैंक ऑफ बड़ौदा में बड़ी सेंधमारी: 1TB डेटा डार्क वेब पर हुआ लीक, जांच में जुटी एजेंसियांHDFC Bank के बोर्ड ने अपने ही अधिकारियों पर की कार्रवाई, MD-CFO पर लगाया 1-1 लाख रुपये का जुर्मानासुप्रीम कोर्ट की दो टूक: शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार मौलिक, आंदोलन के नाम पर पुलिस ज्यादती जायज नहींटाटा पावर का मुनाफा 11% बढ़ा, 2030 तक ट्रांसमिशन में ₹40,000 करोड़ निवेश की तैयारी में कंपनीCoal India Q1 Results: पहली तिमाही में मुनाफा लगभग स्थिर, पर आय में 8.4% की बढ़ोतरीआइकिया इंडिया साल 2030 तक चार गुना राजस्व करने की तैयारी में, 30 स्टोर खोलने का भी लक्ष्यविपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा में पेश हुआ एंटी-पेपर लीक बिल, सजा और जुर्माने को बनाया गया और कठोरजल्द आ सकते हैं 10 और 20 रुपये के नए प्लास्टिक बैंक नोट, सरकार ने RBI को दी मंजूरीलोढ़ा डेवलपर्स डेटा सेंटर की जमीन बेचकर करेगी ₹10,000 करोड़ की कमाई, अगले 3-4 साल में बिक्री का लक्ष्यIndian Hotels Q1 Results: मजबूत घरेलू मांग के दम पर चमकी इंडियन होटल्स, राजस्व-मुनाफे में शानदार उछाल

समुद्री क्षेत्र को रफ्तार देने की कोशिश: सागरमाला फाइनैंस ने सरकार से मांगा ₹2,000 करोड़ का समर्थन

Advertisement

नाम बदलकर शुरू की गई इस इकाई को शुरुआत दौर में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है और यह आक्रामक रूप से उधारी को योजना बना रही है

Last Updated- January 05, 2026 | 9:53 PM IST
Sagarmala Finance
फोटो क्रेडिट: X@SDCL_India

भारत में समुद्री क्षेत्र को पहले ऋण देने वाले सागरमाला फाइनैंस कॉरपोरेशन (एसएमएफसीएल) ने बीते मंगलवार को 4,300 करोड़ के ऋण वितरण की घोषणा करके जबरदस्त शुरुआत की। इस सरकारी गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी ने अपनी शुरुआत के दो महीनों में इतनी राशि वितरित कर दी।

नाम बदलकर शुरू की गई इस इकाई को शुरुआत दौर में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है और यह आक्रामक रूप से उधारी को योजना बना रही है।

एसएमएफसीएल के प्रबंध निदेशक एलवीएस सुधाकर बाबू ने बिजनेस स्टैंडर्ड को साक्षात्कार में बताया, ‘अभी चुनौती यह है कि हमारी कुल संपत्ति सीमित है। हमें भारतीय रिजर्व बैंक के चुनिंदा मानदंडों को पूरा करना है। जैसे पूंजी से जोखिम भारित परिसंपत्ति के अनुपात और जोखिम के मानडंडों जैसे कुछ नियामक मानदंडों का पालन करना होगा।’

कंपनी प्रत्येक व्यक्तिगत रूप से ऋण लेने वाले को 25 प्रतिशत या समूह को 40 प्रतिशत से अधिक ऋण नहीं दे सकती है। 

बाबू ने कहा, ‘यह मुश्किल खड़ी कर रहा है। अभी अच्छा संभावित कारोबार उपलब्ध है। हम इन बंदिशों के कारण ऋण नहीं दे सकते हैं। लिहाजा हमने सरकार से अधिक धन मुहैया कराने का लिखित अनुरोध किया है। वे संभवत: अगले वित्तीय वर्ष तक कर दें। हमें न्यूनतम 2,000 करोड़ रुपये की उम्मीद कर रहे हैं।’

समुद्री क्षेत्र को ऋण मुहैया कराने के लिए नए नाम से सागरमाला डेवलमेंट कारपोरेशन बनाई गई थी। यह वित्तीय क्षेत्र को धन मुहैया कराएगी।

 दरअसल, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बीते बजट भाषण में पानी के जहाज के निर्माण और मजबूत पारिस्थितिकीतंत्र बनाने की घोषणा की थी। बाबू ने बताया , ‘कोई बकाया या गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां नहीं हैं। इसलिए हमारी लागत कम होगी। हम मौजूदा  बाजार दर से लगभग 20-30 आधार अंक कम ब्याज दर पर ऋण दे सकते हैं।’ एनबीएफसी की जहाज निर्माण क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर प्रवेश करने की योजना है।

Advertisement
First Published - January 5, 2026 | 9:48 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement