facebookmetapixel
Advertisement
Eternal Share Price: तिमाही नतीजों के बाद चमका Eternal का शेयर! ब्रोकरेज भी बुलिश, 40% तक तेजी की उम्मीदNew Brezza 2026: कॉम्पैक्ट SUV सेगमेंट में नई ब्रेजा देगी टक्कर! पहली बार कार खरीदने वालों पर मारुति का दांवसोना-चांदी की तेजी पर लगा ब्रेक, जानें आज कितने गिरे भावप्रधानमंत्री मोदी का पेपर लीक पर बड़ा ऐलान, दोषियों को सजा देने बनाएंगे फास्ट-ट्रैक कोर्टहाई-टेक स्टार्टअप के लिए कमजोर रही वीसी फंडिंग, क्या Semicon 2 के बाद बदलेगा माहौल?TVS Motor ने बनाया ग्लोबल ग्रोथ रोडमैप, अफ्रीका और यूरोप पर रहेगा फोकसबाजार की गिरावट में FMCG अकेला क्यों बचा? Nestle पर ब्रोकरेज रिपोर्ट में छिपा है जवाबभारत की रिन्यूएबल एनर्जी कैपेसिटी में बड़ी छलांग, एक साल में दोगुनी बढ़कर 47 लाख मेगावॉट हुईगिग वर्कर्स के लिए सामाजिक सुरक्षा की तैयारी, कंपनियों में अनुपालन को लेकर असमंजसDelhi Metro Updates: सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो के 16 स्टेशन बंद, चेक करें डीटेल

UPI साइन-अप में होगा बड़ा बदलाव: अब बिना SMS के संभव होगी डिवाइस बाइंडिंग की सुरक्षित प्रक्रिया

Advertisement

मौजूदा प्रक्रिया के तहत उपयोगकर्ता के डिवाइस से सिम आधारित एन्क्रिप्टेड एसएमएस भेजने की आवश्यकता होती है। मगर सुरक्षा अपग्रेड के बाद एसएमएस की जरूरत संभवत: नहीं होगी

Last Updated- February 21, 2026 | 9:19 AM IST
UPI
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

नैशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ग्राहकों के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के साथ साइन-अप के तरीके में बदलाव की तैयारी कर रहा है। इसके लिए एनपीसीआई दूरसंचार कंपनियों, तकनीकी सेवा प्रदाताओं और भुगतान इकोसिस्टम के साथ बातचीत कर रहा है ताकि इस घरेलू रियल टाइम भुगतान प्रणाली के लिए डिवाइस बाइंडिंग प्रॉसेस को अपग्रेड किया जा सके।

यूपीआई पर सुरक्षित तरीके से साइन-अप करने की प्रक्रिया को डिवाइस बाइंडिंग कहा जाता है। यह प्रक्रिया अगले 12 से 18 महीनों में उपयोगकर्ताओं के लिए काफी हद तक अदृश्य होने सकती है। मौजूदा प्रक्रिया के तहत उपयोगकर्ता के डिवाइस से सिम आधारित एन्क्रिप्टेड एसएमएस भेजने की आवश्यकता होती है। मगर सुरक्षा अपग्रेड के बाद एसएमएस की जरूरत संभवत: नहीं होगी।

यह पहल ऐसे समय में की जा रही है जब उद्योग यूपीआई साइन-अप के लिए एसएमएस पर निर्भरता को कम करने की संभावनाएं तलाश रहा है। इसी क्रम में टोकन आधारित प्रक्रिया और दूरसंचार नेटवर्क आधारित सत्यापन विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।  मामले से सीधे तौर पर अवगत एक सूत्र ने कहा, ‘कुछ प्रयोग किए जा रहे हैं लेकिन पूरी तरह बदलाव करने में 12 से 18 महीने लगेंगे।

Advertisement
First Published - February 21, 2026 | 9:19 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement