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UPI साइन-अप में होगा बड़ा बदलाव: अब बिना SMS के संभव होगी डिवाइस बाइंडिंग की सुरक्षित प्रक्रिया

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मौजूदा प्रक्रिया के तहत उपयोगकर्ता के डिवाइस से सिम आधारित एन्क्रिप्टेड एसएमएस भेजने की आवश्यकता होती है। मगर सुरक्षा अपग्रेड के बाद एसएमएस की जरूरत संभवत: नहीं होगी

Last Updated- February 21, 2026 | 9:19 AM IST
UPI
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

नैशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ग्राहकों के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के साथ साइन-अप के तरीके में बदलाव की तैयारी कर रहा है। इसके लिए एनपीसीआई दूरसंचार कंपनियों, तकनीकी सेवा प्रदाताओं और भुगतान इकोसिस्टम के साथ बातचीत कर रहा है ताकि इस घरेलू रियल टाइम भुगतान प्रणाली के लिए डिवाइस बाइंडिंग प्रॉसेस को अपग्रेड किया जा सके।

यूपीआई पर सुरक्षित तरीके से साइन-अप करने की प्रक्रिया को डिवाइस बाइंडिंग कहा जाता है। यह प्रक्रिया अगले 12 से 18 महीनों में उपयोगकर्ताओं के लिए काफी हद तक अदृश्य होने सकती है। मौजूदा प्रक्रिया के तहत उपयोगकर्ता के डिवाइस से सिम आधारित एन्क्रिप्टेड एसएमएस भेजने की आवश्यकता होती है। मगर सुरक्षा अपग्रेड के बाद एसएमएस की जरूरत संभवत: नहीं होगी।

यह पहल ऐसे समय में की जा रही है जब उद्योग यूपीआई साइन-अप के लिए एसएमएस पर निर्भरता को कम करने की संभावनाएं तलाश रहा है। इसी क्रम में टोकन आधारित प्रक्रिया और दूरसंचार नेटवर्क आधारित सत्यापन विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।  मामले से सीधे तौर पर अवगत एक सूत्र ने कहा, ‘कुछ प्रयोग किए जा रहे हैं लेकिन पूरी तरह बदलाव करने में 12 से 18 महीने लगेंगे।

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First Published - February 21, 2026 | 9:19 AM IST

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