अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के प्रमुख वास्तविक भुगतान प्रणाली यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) का लेनदेन वित्त वर्ष 2025-26 में पहली बार 10 लाख के आंकड़े को पार कर गया है। अब आठ देशों में चालू यह भुगतान प्रणाली का आंकड़ा वित्त वर्ष 26 में दिसंबर 2025 तक लगभग दोगुना होकर 14.8 लाख पहुंच गया है, जो वित्त वर्ष 25 की इसी अवधि में 7.5 लाख ही था।
वैल्यू के मामले में यूपीआई ने वित्त वर्ष 26 में 330.43 करोड़ रुपये का लेनदेन दर्ज किया, जबकि वित्त वर्ष 25 में यह आंकड़ा 258.53 करोड़ रुपये था। तुलनात्मक रूप से वित्त वर्ष 24 में 19.7 करोड़ रुपये के सिर्फ 37,060 लेनदेन ही किए गए थे। यूपीआई इस समय भूटान, फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, कतर, सिंगापुर, श्रीलंका और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जैसे देशों में चालू है। धीरे-धीरे जापान और मलेशिया जैसे दक्षिण एशियाई देशों में भी यह अपनी जगह बना रहा है।
नैशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) की शाखा, एनपीसीआई इंटरनैशनल के कंधों पर यूपीआई के अंतरराष्ट्रीय विस्तार की जिम्मेदारी है। एजेंसी ने 20 लाख से अधिक अंतरराष्ट्रीय मर्चेंट्स को अपने साथ जोड़ लिया है।