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DFS सचिव का सरकारी बैंकों को निर्देश: छोटे कारोबारियों के लिए कर्ज की ब्याज दर करें कम

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मुंबई में आयोजित आईपीए के एक कार्यक्रम में नागराजू ने कहा कि बैंकों के पास इस समय पर्याप्त पूंजी है जो हर तिमाही बढ़ रही है इसलिए वे ज्यादा कर्ज देने की क्षमता रखते हैं

Last Updated- February 20, 2026 | 9:49 PM IST
M. Nagaraju DFS
वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) के सचिव एम. नागराजू | फाइल फोटो

वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) के सचिव एम. नागराजू ने शुक्रवार को सरकारी बैंकों से कहा कि वे छोटे कारोबारियों को दिए जाने वाले छोटे ऋणों पर ब्याज दर कम करें जो खपत के उद्देश्य से नहीं ली जाती हैं। साथ ही उन्होंने भारतीय बैंक संगठन (आईबीए) से भी इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करने को कहा।

मुंबई में आयोजित आईपीए के एक कार्यक्रम में नागराजू ने कहा कि बैंकों के पास इस समय पर्याप्त पूंजी है जो हर तिमाही बढ़ रही है इसलिए वे ज्यादा कर्ज देने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने कहा कि बैंकों को इन छोटे ऋणों पर नुकसान उठाने की जरूरत नहीं है लेकिन बहुत ज्यादा मुनाफा भी नहीं कमाना चाहिए ताकि अधिक लोगों को सस्ता कर्ज मिल सके।

नागराजू ने कहा, ‘हम सबसे गरीब लोगों को सबसे ज्यादा ब्याज दर पर कर्ज देते हैं, जबकि अमीर लोगों को कम ब्याज पर ऋण मिलता है। उदाहरण के तौर पर, घरेलू सहायक/सहायिका, रिक्शा चालक, ड्राइवर या चौकीदार को कर्ज लेने की सबसे ज्यादा जरूरत पड़ती है और हम उन्हें 9 से 10 प्रतिशत ब्याज पर कर्ज देते हैं। वहीं, दूसरी ओर जहां तक कॉरपोरेट जगत को दिए जाने वाले ऋण की बात है हम उनसे यह पूछते रहते हैं कि उन्हें फंड की जरूरत है या नहीं और इन कंपनियों को 6 से 7 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण मिल जाता है।’

इस मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के अध्यक्ष सी. एस. शेट्टी ने कहा, ‘सरकार की मंशा छोटे कारोबारियों के लिए कर्ज की लागत कम करने की है। यह मांग सरकार काफी समय से कर रही है। हमने जहां भी सरकारी योजनाएं या सरकारी गारंटी वाले ऋण हैं, वहां ब्याज दर घटाकर 9 से 10 प्रतिशत के एक समान स्तर पर कर दी है।’

उन्होंने कहा कि अब यह उम्मीद की जा रही है कि क्या इस व्यवस्था को उन व्यावसायिक ऋणों तक भी बढ़ाया जा सकता है, जो सरकार की गारंटी के अंतर्गत नहीं आते। उन्होंने यह भी जोड़ा कि ऐसा करने के लिए बैंकों को अपने परिचालन खर्च कम करने होंगे तभी यह संभव हो पाएगा।

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First Published - February 20, 2026 | 9:45 PM IST

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