facebookmetapixel
Advertisement
Large Cap Funds: रिटर्न में पिछड़े, फिर भी SIP निवेशकों की पहली पसंद; क्या अब निवेश का सही समय है?NFOs की बहार: 7 दिन में लॉन्च होंगे 7 नए म्युचुअल फंड, ₹500 से इक्विटी और डेट दोनों में मिलेगा निवेश का मौकाग्लोबल FMCG कंपनियों के लिए भारत बना ‘ग्रोथ इंजन’, जून तिमाही में बिक्री और बाजार हिस्सेदारी में भारी उछालRBI MPC Meet: अगस्त में Repo Rate बढ़ेगी, घटेगी या रहेगी स्थिर? 10 अर्थशास्त्रियों ने दिया जवाबUpcoming IPOs This week: इस हफ्ते आ रहे हैं 6 नए IPO, 11 कंपनियों की लिस्टिंग भी होगीइस हफ्ते कैसा रहेगा शेयर बाजार का हाल? RBI के फैसले, क्रूड ऑयल व SBI-एयरटेल के नतीजों पर टिकी नजरेंMCap: टॉप 10 में से 9 कंपनियों का मार्केट कैप ₹2.51 लाख करोड़ बढ़ा, बजाज फाइनेंस रही सबसे आगेशेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की धमाकेदार वापसी, 4 महीने की बिकवाली के बाद जुलाई में लगाए ₹20,200 करोड़दिल्ली में छाए रहेंगे बादल, 23 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट; जानें आपके इलाके का कैसा रहेगा हाल8th Pay Commission की तैयारी तेज, कर्मचारियों से सुझाव लेने कई राज्यों का करेगा दौरा; जानें पूरा प्लान

RBI के नए नियमों के बाद अधिग्रहण फाइनैंसिंग के लिए जापानी बैंकों के साथ हाथ मिलाएगा SBI

Advertisement

चेयरमैन सीएस शेट्टी ने यह जानकारी देते हुए कहा कि बैंक शुरू में उपलब्ध लेनदेन का आकलन करेगा, ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि वे उसकी जोखिम लेने की क्षमता के अनुरूप हैं या नही

Last Updated- February 20, 2026 | 9:39 PM IST
State Bank of India
फोटो क्रेडिट: PTI

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा अधिग्रहण फाइनैंसिंग पर अंतिम दिशानिर्देश जारी करने के एक सप्ताह बाद देश का सबसे बड़ा ऋणदाता भारतीय स्टेट बैंक बड़े अधिग्रहण सौदों को धन मुहैया कराने के लिए जापानी ऋणदाताओं के साथ बातचीत कर रहा है, क्योंकि इस तरह के लेनदेन अकेले नहीं किए जा सकते हैं।

भारतीय स्टेट बैंक के चेयरमैन सीएस शेट्टी ने यह जानकारी देते हुए कहा कि बैंक शुरू में उपलब्ध लेनदेन का आकलन करेगा, ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि वे उसकी जोखिम लेने की क्षमता के अनुरूप हैं या नहीं। साथ ही बैंक सादे वेनिला संरचनाओं के साथ शुरुआत करेगा, जिसमें वह ऋण वित्तपोषण प्रदान करेगा जबकि अधिग्रहणकर्ता इक्विटी लाएगा।

शेट्टी ने मुंबई में इंडियन बैंकिंग एसोसिएशन (आईबीए) के एक कार्यक्रम के मौके पर कहा, ‘अधिकांश बड़े लेनदेन एक साथ किए जाने हैं। हम बैंकों से इस बारे में बात कर रहे हैं कि हम एक साथ कैसे काम कर सकते हैं। हम मुख्य रूप से जापानी बैंकों से बात कर रहे हैं, क्योंकि वे इस क्षेत्र में बहुत सक्रिय हैं।’

बैंक को अभी तक इस तरह के फाइनैंसिंग के लिए एसओपी तैयार करने हैं। शेट्टी ने कहा, ‘एक बार जब पॉलिसी को मंजूरी मिल जाएगी, तो हम स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) के साथ बोर्ड के पास जाएंगे।’ उन्होंने कहा कि बोर्ड से नीति को मंजूरी लेने में कम से कम एक या दो महीने लग जाएंगे।

उन्होंने कहा, ‘सबसे पहले हमें लेनदेन को समझने की जरूरत है, फिर अपनी जोखिम लेने की क्षमता को देखना होगा। अधिग्रहण फाइनैंसिंग संरचना बहुत गतिशील है , जिसमें मेजेनाइन फाइनैंसिंग, इक्विटी फाइनैंसिंग, बॉन्ड प्रोग्राम, लोन आदि शामिल है।  शुरू में हम जटिल संरचनाओं में नहीं जाएंगे। हम प्लेन वेनिला फाइनैंसिंग देखेंगे, जहां अधिग्रहणकर्ता इक्विटी ला रहा है, और हम ऋण देंगे।’ उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे बैंक को अनुभव होगा, हम विचार करेंगे कि जटिल संरचनाओं के साथ क्या किया जा सकता है।

उन्होंने आगे कहा,  ‘यह नियमित ऋण देने जैसा नहीं है। हम इसमें अवसर तलाश सकते हैं, जो हमें स्वीकार्य है।’ उन्होंने कहा कि अधिग्रहण में सबसे प्रमुख मूल्यांकन का मसला है।

पिछले हफ्ते रिजर्व बैंक ने अंतिम फ्रेमवर्क में पहले के एक मसौदा प्रस्ताव को हटा दिया। इसमें अधिग्रहण फाइनैंस के लिए बैंक के कुल एक्सपोजर को अपने टियर-1 पूंजी का 10 प्रतिशत पर सीमित कर दिया था। इसके बजाय, रिजर्व बैंक ने कहा कि अधिग्रहण फाइनैंस को समग्र कैपिटल मार्केट एक्सपोजर लिमिट के भीतर फाइनैंसिंग बैंक के योग्य कैपिटल बेस के 20 प्रतिशत तक की अनुमति दी जाएगी।

इसने बैंकों को सूचीबद्ध और गैर सूचीबद्ध दोनों गैर वित्तीय कंपनियों के अधिग्रहण को फाइनैंस करने की भी अनुमति दी, जबकि इस तरह के फाइनैंसिंग को कुल अधिग्रहण मूल्य के 75 प्रतिशत पर सीमित कर दिया।

बैंक अधिग्रहण मूल्य के 75 से अधिक धन नहीं मुहैया करा सकते। अंतिम नियमों में शेष 25 प्रतिशत के लिए ब्रिज फाइनैंस का प्रावधान किया गया है, जिसका भुगतान 1 साल के भीतर करना होगा।

Advertisement
First Published - February 20, 2026 | 9:39 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement