facebookmetapixel
Advertisement
अमेरिका की अगुवाई वाले Pax Silica गठबंधन में शामिल हुआ भारत, AI और क्रिटिकल मिनिरल्स सप्लाई चेन को मजबूतीमोतीलाल ओसवाल की नई रिपोर्ट: चश्मा कंपनी पर शुरू की कवरेज, 25% अपसाइड का दिया टारगेटIndia AI Impact Summit 2026 Day 5: कई बड़े बिजनेस लीडर्स होंगे स्पीकर, जानिए आज की पूरी डीटेलGold and Silver Rate today: MCX पर चांदी में ₹2,481 की तेजी से शुरू हुआ ट्रेड, सोना भी चमकाGaudium IVF IPO: ₹165 करोड़ का आईपीओ खुला, सब्सक्राइब करना चाहिए या नहीं? एक्सपर्ट्स ने बताया बिजनेस मॉडलकर्नाटक हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर में आईटीसी रिफंड पर नहीं लगेगी मनमानी रोककोयला खदानों का संचालन तेज करने के लिए समय-सीमा में होगा बदलाव! मंत्रालय ने रखा प्रस्तावसरकारी आंकड़ों से अपने आंकड़े जोड़ेगा ईपीएफओ!नई जीडीपी सीरीज में सरकारी आवास सुविधा को वेतन का हिस्सा माना जाएगा, PFCE में भी जोड़ा जाएगासाल के अंत तक शुरू होगा रेयर अर्थ मैग्नेट का उत्पादन, चार राज्यों में बनेंगे प्रसंस्करण पार्क

RBI के ड्रॉफ्ट नियमों से गिफ्ट सिटी में बढ़ सकता है बैंकों का रुझान

Advertisement

एनडीडीसी और अपतटीय ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर प्रस्तावित छूट से आईएफएससी में बैंकिंग गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद

Last Updated- February 20, 2026 | 9:23 AM IST
RBI
Representational Image

भारतीय रिजर्व बैंक के हाल के मसौदा मानदंडों से बैंकों का अहमदाबाद की गिफ्ट सिटी में रुझान बढ़ सकता है। रिजर्व बैंक ने इसमें अधिकृत डीलरों को आईएफसी (आईएफएससी) बैंकिंग यूनिट में संचालन करने वाले रुपये में नॉन डिलिवरेबल डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट (एनडीडीसी) करने की अनुमति दी है।

मसौदे में प्रस्ताव किया गया है कि अधिकृत डीलर (एडी) श्रेणी-1 बैंक, अन्य एडी और विदेशी संस्थाओं के साथ रुपये में नॉन डिलिवरेबल डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट (एनडीडीसी) कर सकते हैं, जिसमें अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (आईएफएससी) बैंकिंग इकाइयां (आईबीयू) और अपतटीय बैंकिंग इकाइयां (ओबीयू) शामिल हैं। कॉन्ट्रैक्ट सीधे या अपने विदेशी शाखाओं के माध्यम से बैक-टू-बैक आधार पर किए जा सकते हैं। ऐसे अनुबंधों का निपटान रुपये या किसी भी विदेशी मुद्रा में नकद में किया जा सकता है। शर्त यह होगी कि बैंक या उसके प्रवासी मूल के पास एक संचालन आईबीयू है।

सिंघानिया ऐंड कंपनी के मैनेजिंग पार्टनर रोहित जैन ने कहा, ‘अपतटीय इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म (ईटीएफ) की अनुमति एक महत्त्वपूर्ण शर्त के साथ मिली है। एनडीडीसी की पहुंच केवल ऐसे बैंकों को मिली है, जिनकी इकाई आईएफसी में है। यह अप्रत्यक्ष रूप से आईएफसी में कामकाज बढ़ाने का एक प्रयास है।’

विशेषज्ञों ने कहा कि अधिकृत डीलरों को अपतटीय इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म (ईटीएफ) पर एफएक्स और ब्याज दर डेरिवेटिव का व्यापार करने की अनुमति देने का केंद्रीय बैंक का प्रस्ताव भारत के फॉरेक्स के दौर के बढ़े उदारीकरण को दर्शाता है।

साइरिल अमरचंद मंगलदास के पार्टनर जियान जॉनसन ने कहा, ‘प्रस्तावित बदलाव से भारत के अधिकृत डीलर बैंकों की बढ़ी भूमिका दिए जाने की भारतीय रिजर्व बैंक की मंशा साफ होती है और इसका स्वागत किया जाएगा। ओटीसी लेनदेन के उद्देश्यों के रूप में बाजार निर्माण और मालिकाना पदों को विशिष्ट रूप से शामिल करना, गैर-बैंक संस्थाओं के साथ गैर-वितरण योग्य डेरिवेटिव में प्रवेश करने की अनुमति, और अपतटीय ईटीपी ट्रेड पर स्पष्टता विशेष रूप से स्वागत योग्य है। इससे भारतीय और विदेशी बैंकों के बीच प्रतिस्पर्धी अंतर को कुछ हद तक पाटने में मदद मिलेगी।’

रिजर्व बैंक ने नियामक सुरक्षा उपायों के तहत अधिकृत डीलरों को भारत के बाहर इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म (ईटीएफ) पर विदेशी मुद्रा और मुद्रा ब्याज दर डेरिवेटिव लेनदेन करने की अनुमति देने का प्रस्ताव किया है।

Advertisement
First Published - February 20, 2026 | 9:23 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement