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लेखक : मिहिर एस शर्मा

आज का अखबार, लेख

ट्रंप के टैरिफ ने भारत की रूस-चीन नीति पर उठाए सवाल, क्या गलत थे हमारे आकलन?

भारत में कई ऐसे लोग हैं जो चाहेंगे कि हम यह भूल जाएं कि गत वर्ष डॉनल्ड ट्रंप के दोबारा अमेरिका का राष्ट्रपति चुने जाने पर वे कितने खुश और उत्साहित थे। शेष विश्व भले ही उनके धैर्य की कमी, उनकी अजीब आर्थिक सोच और अमेरिका के मित्रों के साथ संबंध खराब करने के उनके […]

आज का अखबार, लेख

ट्रंप का टैरिफ वार: क्या अमेरिका को वाकई टी-शर्ट और जूते बनाने चाहिए?

अब यह बात स्पष्ट हो चुकी है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप वास्तव में यही मानते हैं कि उच्च आधार शुल्क उनके देश की कामयाबी के लिए आवश्यक है। हालांकि वे शायद उस ऊंचाई तक नहीं पहुंच पाएंगे जिसकी धमकी उन्होंने अप्रैल के आरंभ में अपने चर्चित संवाददाता सम्मेलन में दी थी और एक […]

आज का अखबार, लेख

अमेरिका की नीतियों की नकल खतरनाक

भले ही आने वाले दशकों में अमेरिका की आर्थिक और सैन्य शक्ति कमजोर हो जाए, लेकिन उसकी सांस्कृतिक मजबूती पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। तमाम महाशक्तियों के साथ अक्सर ऐसा ही होता आया है। समय के साथ उनकी अर्थव्यवस्थाओं के शिथिल पड़ने के बावजूद विचारों और संस्कृति की दुनिया में उनकी धमक लंबे समय […]

आज का अखबार, लेख

क्या पश्चिम का महान ‘खुलापन’ प्रयोग विफल हो रहा है?

पश्चिमी देशों का खुलेपन का महान प्रयोग क्या समाप्त हो रहा है? पूरे पश्चिमी जगत में, यूरोप, उत्तरी अमेरिका और यहां तक कि जापान में भी, विदेशी छात्रों, शोधकर्ताओं, कामगारों और शरणार्थियों को अपने यहां स्वीकार करने की अब उतनी तत्परता नहीं दिख रही है जितनी सिर्फ पांच साल पहले थी। आखिर इस रुझान के […]

आज का अखबार, लेख

त्रासदी और प्रहसन: एयर इंडिया दुर्घटना पर अटकल नहीं, तथ्य ज़रूरी

हमें शायद कुछ समय तक यह पता न चल पाए कि अहमदाबाद में एयर इंडिया 171 के उड़ान भरने के कुछ सेकंड बाद ही जमीन पर आ गिरने का कारण क्या था। विमान दुर्घटनाओं की जांच सबसे व्यापक जांचों में आती है। इसलिए यह बेहद महत्त्वपूर्ण है कि अटकलें लगाने के बजाय इस जांच प्रक्रिया […]

आज का अखबार, लेख

नीति नियम: एआई के असर के अनुमानों में भारी विविधता

आर्टिफिशल इंटेलिजेंस यानी एआई के विकास बाद जो तकनीकी क्रांति घटित होती दिख रही है उसकी किसी ऐतिहासिक तुलना के बारे में विचार कर पाना मुश्किल है। गति और संभावना दोनों ही मामलों में एआई असाधारण प्रतीत होता है। इसकी तुलना 19वीं सदी के सबसे प्रभावशाली विकास, मिसाल के तौर पर भाप के इंजन से […]

आज का अखबार, लेख

डॉनल्ड ट्रंप के कदम और वैश्वीकरण की हकीकत

अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप टैरिफ पर अपने सख्त रुख से क्या पीछे हट गए हैं? दुनिया भर के देशों पर टैरिफ 90 दिन के लिए टाला गया था, जिसमें से अब 50 से भी कम दिन बचे हैं। इस दरम्यान उन्होंने केवल एक व्यापार समझौते की घोषणा की है, जो यूनाइटेड किंगडम के साथ […]

आज का अखबार, लेख

जवाबदेही से पलायन करते लोकप्रिय नेता

अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में डॉनल्ड ट्रंप के पहले झंझावातों से भरे महीनों में सबसे ध्यान देने योग्य बात यह है कि उनके कट्टर समर्थकों ने उनमें अपना विश्वास जरा भी नहीं खोया है। राष्ट्रपति पद पर आते ही उन्होंने विभिन्न संधियों को खत्म करने की कोशिश की। इसके अलावा कानून, अदालती आदेशों और […]

आज का अखबार, लेख

सबसे बड़े हित समूह यानी उपभोक्ताओं की अनदेखी

आखिरकार बॉन्ड बाजार ने अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप को विवश किया कि वह पूरी दुनिया पर टैरिफ लगाने के अपने अभियान को ’90 दिन’ के लिए रोक दें। वॉल स्ट्रीट जर्नल में छपी एक खबर के मुताबिक वित्तीय बाजारों का वास्तविक अनुभव रखने वाले उनकी कैबिनेट के दो सदस्यों वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और वाणिज्य […]

आज का अखबार, लेख

आर्थिक सिद्धांतों को दरकिनार करते नेता

जनता को अपनी बातों से लुभाने में पारंगत नेताओं में एक बात मिलती-जुलती है। एक ऐसा दौर जरूर आता है जब ये लोकलुभावन नेता अपने जोशीले समर्थकों से कहते हैं कि राष्ट्र की समस्याएं तभी दूर हो सकती हैं जब साहसिक एवं कठोर कदम उठाए जाएं और उन्हें छोड़कर अन्य लोगों या दलों में ऐसा […]

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