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लेखक : मिहिर एस शर्मा

आज का अखबार, लेख

आर्टिफिशल इंटेलिजेंस के अकल्पनीय विकास से उभरा नया वाणिज्यिक राष्ट्रवाद और सुरक्षा का खतरा

हमारे जीते-जी शायद ही कोई तकनीक इतनी तेजी से आगे बढ़ी हो, जितनी तेजी से आज आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) बढ़ रही है। ओपनएआई का चैटजीपीटी 2023 की शुरुआत में जब पहली बार लोगों के सामने आया था तब पहले के टेक्स्ट चैटबॉट्स की तुलना में इसे बहुत आगे माना गया। मगर केवल तीन वर्ष में […]

आज का अखबार, लेख

मौत और अरबों रुपयों का नुकसान, फिर भी भारत में चुनावी मुद्दा क्यों नहीं बनती अत्यधिक गर्मी?

भारतीय राजनीति में अक्सर पूछा जाने वाला एक प्रश्न यह है कि आखिर स्वास्थ्य, तथा हवा और पानी की गुणवत्ता कब सरकारों या विधायकों के भविष्य को निर्धारित करने वाला मुद्दा बनेगा? साल के इन दिनों में यह प्रश्न विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण हो जाता है। इस बार गर्मी के मौसम में हीट इंडेक्स (गर्मी […]

आज का अखबार, लेख

डॉनल्ड ट्रंप का चीन के मामले में समर्पण: क्या ड्रैगन को घेरने की अमेरिकी नीति पूरी तरह नाकाम?

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप से पद पर रहते हुए अगर एक काम की अपेक्षा थी तो वह यह कि वह चीन का मुकाबला करेंगे। अपने पूरे राजनीतिक करियर में और उससे पहले भी उन्होंने बार-बार कहा है कि अमेरिका और चीन के बीच व्यापार की शर्तें अनुचित हैं। हालांकि पिछले सप्ताह उनकी चीन यात्रा से […]

आज का अखबार, लेख

क्या फेल हो गई पाकिस्तान को अलग-थलग करने की नीति? कूटनीति के मोर्चे पर भारत को नए सिरे से सोचना होगा

पिछले कई वर्षों से पाकिस्तान के प्रति भारत के आधिकारिक दृष्टिकोण के तीन भाग हैं। पहला, भारत ने उसे राजनयिक तौर पर अलग-थलग करने का प्रयास किया है क्योंकि उसे लगता है कि मित्र देशों  के बगैर पाकिस्तान इस क्षेत्र में अशांति कम फैला पाएगा। दूसरा, भारत ने हर उकसावे का जवाब देने का विकल्प […]

आज का अखबार, लेख

स्ट्रेट और संकरे रास्ते: ग्लोबल चोकपॉइंट बंद करने की भारी कीमत

अपने सबसे संकरे स्थान पर होर्मुज स्ट्रेट की चौड़ाई 40 किलोमीटर से भी कम है। सामान्य समय में इस संकरे मार्ग के भीतर दो सावधानीपूर्वक निर्धारित गलियारों से 100 से अधिक जहाज गुजरते हैं लेकिन वे केवल तेल और गैस के रूप में ही करोड़ो डॉलर मूल्य का माल ले जाते हैं। जहाज यातायात के […]

आज का अखबार, लेख

ट्रंप की अमेरिका: वैश्विक प्रभाव और शून्य जवाबदेही की ऐतिहासिक समस्या

प​श्चिम ए​शिया की जंग शायद जल्दी समाप्त हो जाए लेकिन यह भी संभव है कि शायद ऐसा न हो। इस जंग के पीछे का मुख्य कारक यानी डॉनल्ड ट्रंप का अमेरिकी प्रशासन रोज विरोधाभासी संकेत देता है। शुक्रवार को कहा गया कि अमेरिका ईरान के चुनिंदा तटीय ढांचों पर नौ सेना के जरिये जमीनी हमले […]

आज का अखबार, लेख

डेविड बनाम गोलियत: ईरान युद्ध ने हथियार प्रणालियों की कीमतों में असमानता उजागर कर दी

पिछले कुछ वर्षों में दुनिया ने कई संघर्षों को जन्म दिया है। कुछ पुराने थे लेकिन उन्हें नया बल मिला, जैसे गाजा पर इजरायल की बमबारी या यूक्रेन पर रूस का आक्रमण। अन्य अचानक ही भड़क उठे, जैसे ईरान में चल रहा मौजूदा संघर्ष। इतिहासकार कोरेली बार्नेट के अनुसार युद्ध ही अंतिम परीक्षा होती है। […]

आज का अखबार, लेख

डॉनल्ड ट्रंप को 6-3 का संदेश: व्यापारिक शक्ति का असली नियंत्रण अमेरिकी कांग्रेस के पास

अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा शुल्क को व्यापार नीति के ह​थियार के रूप में अंधाधुंध इस्तेमाल करने के प्रयास को खारिज कर दिया है। इसके साथ ही ट्रंप के दूसरे कार्यकाल का एजेंडा कुछ हद तक भ्रमित हो गया है। यह घटनाक्रम एक साथ चकित करने वाला भी था और नहीं भी। […]

आज का अखबार, लेख

दुनिया की मझोली ताकतों की दुविधा: क्या वे टेबल पर हैं या शिकार बन रहे हैं?

किसी केंद्रीय बैंक के प्रमुख से आप कभी आपसी संबंध बिगाड़ देने वाले और दुनिया हिला देने वाले भाषण की उम्मीद नहीं कर सकते। केंद्रीय बैंक संभालना ऐसा पेशा है, जिसमें लोगों को सिखाया जाता है कि कम से कम और जरूरत भर ही बोलना चाहिए और वह भी सहज तथा शांत भाव से बोलना […]

आज का अखबार, लेख

जिसकी कामना करें, सोच-समझकर करें: ‘नियम-आधारित व्यवस्था’ से परे की दुनिया

दुनिया में आर्थिक रूप से कमजोर एवं विकासशील देशों (ग्लोब​ल साउथ) को द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अस्तित्व में आई तथाकथित नियम-आधारित व्यवस्था से कई शिकायतें रही हैं। उन्हें इस बात का दुख सताता रहा है कि इस व्यवस्था ने औपनिवेशिक काल से बाहर निकले राष्ट्रों के पदानुक्रम को संस्थागत रूप दे दिया और लगभग […]

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