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संकट के बीच सरकार का बड़ा झटका: वाणिज्यिक सिलिंडर ₹993 महंगा, दिल्ली में कीमत ₹3,000 के पारVI को सरकार से बड़ी संजीवनी: AGR बकाये में 27% की कटौती, बैंकों से कर्ज मिलने का रास्ता साफसवालों के घेरे में एग्जिट पोल: पश्चिम बंगाल में सर्वे से क्यों पीछे हटी बड़ी एजेंसियां?ईरान का बड़ा कदम: अमेरिका को बातचीत के लिए भेजा नया प्रस्ताव, पाकिस्तान को सौंपी अपनी मांगेसोने की चमक पड़ी फीकी? तेल की बढ़ती कीमतों और महंगाई के डर से सोना 1% टूटाभारी पड़े अरबों डॉलर के विदेशी अधिग्रहण: 10 में से 8 भारतीय कंपनियां शेयरधारकों को रिटर्न देने में फेलअप्रैल में जीएसटी का नया कीर्तिमान: ₹2.43 लाख करोड़ का रिकॉर्ड संग्रह, पर घरेलू खपत में दिखी नरमीचुनौतियों के बीच वित्त मंत्रालय का संकल्प: संकट के बावजूद पूरा होगा ₹12 लाख करोड़ का कैपेक्ससरकारी बैंकों में कम होगी सरकार की हिस्सेदारी! पूंजी जुटाने के लिए QIP और बॉन्ड का सहारारिकॉर्ड मार्च के बाद अप्रैल में थमी UPI की रफ्तार, लेनदेन का कुल मूल्य ₹29.03 लाख करोड़ रहा

लेखक : बीएस संपादकीय

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार, भारत, राजनीति, विशेष, संपादकीय

Editorial : मनमोहन सिंह का अद्वितीय जीवन

किसी देश के जीवनकाल में ऐसे भी वक्त आते हैं जो गहरी छाप छोड़ जाते हैं जिन्हें आने वाली पीढ़ियां याद करती हैं। वर्ष 1991 भी देश के समकालीन इतिहास का ऐसा ही एक महत्त्वपूर्ण वर्ष है। उस समय देश राजनीतिक और आर्थिक अस्थिरता से जूझ रहा था। दो गठबंधन सरकारों के विफल रहने के […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: घरेलू प्रवासन में आई कमी

एक अनुमान के मुताबिक तकरीबन 40 करोड़ भारतीय देश में ही प्रवासन करते हैं और एक अध्ययन बताता है कि यह 2011 की पिछली जनगणना में देश में प्रवासन के आंकड़ों से 11.78 फीसदी कम है। इसके परिणामस्वरूप प्रवासन दर जो 2011 में आबादी की 37.64 फीसदी थी, 2023 में कम होकर 28.88 फीसदी रह […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: नौकरियों को लेकर अच्छे संकेत नहीं

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने मंगलवार को असंगठित क्षेत्र के उपक्रमों का वार्षिक सर्वेक्षण जारी किया। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि अक्टूबर 2023 से सितंबर 2024 के बीच ऐसे छोटे असंगठित उपक्रमों की तादाद में इससे पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 13 फीसदी का इजाफा हुआ है। ऐसे रोजगार से मिलने […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: निर्यात बढ़ाने के लिए Trade Diplomacy पर जोर

इस समाचार पत्र में प्रकाशित एक खबर के मुताबिक केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय एक बैठक आयोजित करने जा रहा है। उसमें इस पर विचार किया जाएगा कि कैसे छह खास उत्पाद श्रेणियों में निर्यात मूल्य बढ़ाया जा सकता है। इसमें खास तौर पर पश्चिमी देशों के अलावा रूस, चीन और इंडोनेशिया समेत 20 प्रमुख बाजारों को […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार, बजट, भारत, राजनीति, संपादकीय

Editorial: राज्य सरकारों की वित्तीय स्थिति पर RBI Report

राज्य सरकारों की वित्तीय स्थिति पर रिजर्व बैंक का ताजा अध्ययन गत सप्ताह जारी किया गया। यह दिखाता है कि समेकित स्तर पर काफी प्रगति हुई है। बहरहाल, अभी भी सुधार की काफी गुंजाइश है और समग्र आर्थिक प्रबंधन काफी हद तक इस बात पर निर्भर करता है कि राज्य सरकारों के वित्त का प्रबंधन […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: अर्थव्यवस्था में तेजी के मुश्किल है विकल्प

केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने सरकार की आय और व्यय के रुझानों की अर्द्धवार्षिक समीक्षा प्रस्तुत की है। अगर सरसरी तौर पर देखा जाए तो इस दस्तावेज के पाठ में कुछ खास नहीं नजर आता है। वित्त मंत्रालय ने संकेत दिया है कि चालू वर्ष की पहली छमाही में हुई राजस्व प्राप्तियां बजट अनुमान की करीब […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial : जीएसटी की जटिलता

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद की गत सप्ताह आयोजित 55वीं बैठक में कुछ निर्णय लिए गए और कुछ निर्णयों को बाद के लिए टाल दिया गया। कुछ निर्णय और स्पष्टीकरण एक बार फिर अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था की जटिलता को रेखांकित करते हैं। छोटे कर्जदारों को राहत देते हुए परिषद ने यह स्पष्ट किया है […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: ईवी चार्जिंग का हो बेहतर इंतजाम

वर्ष 2023-24 में देश में इलेक्ट्रिक यात्री वाहनों का बाजार कुल यात्री वाहन बाजार में बमुश्किल दो फीसदी का हिस्सेदार रहा। उम्मीद है कि वित्त वर्ष 25 में इसमें 100 आधार अंकों की बढ़ोतरी होगी। इसमें आधे से अधिक ईवी बाजार दोपहिया वाहनों का है। परंतु कार निर्माता इन आंकड़ों से कतई विचलित नहीं हैं। […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: फेडरल रिजर्व के फैसले के गूढ़ अर्थ

बदलती नीतिगत वास्तविकता के मुताबिक ढलना अक्सर वित्तीय बाजारों के लिए मुश्किल होता है। बुधवार को अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (एफओएमसी) ने दरों में 25 आधार अंकों की कमी की। यह कमी वित्तीय बाजारों की अपेक्षाओं के अनुरूप ही थी। लेकिन शेयर और बॉन्ड बाजार दोनों में बिकवाली हुई। […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड्स से बढ़ेंगे विकल्प

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने तथाकथित ‘स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड्स’ या एसआईएफ को अधिसूचित किया है और कुछ माह पहले परिकल्पित इस नए परिसंपत्ति वर्ग के नियम कायदों को स्पष्ट किया है। एसआईएफ को इस तरह डिजाइन किया गया है ताकि एक पोर्टफोलियो प्रबंधन योजना (पीएमएस) और सामान्य म्युचुअल फंड्स (एमएफ) के बीच निवेश […]

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