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उत्तर प्रदेश में समय से शुरू हुआ गन्ना पेराई सत्र, किसानों को राहत की उम्मीद

गन्ना विकास विभाग के अधिकारियों के मुताबिक प्रदेश की 53 चीनी मिलों ने गन्ना खरीद हेतु इण्डेन्ट जारी कर दिया है। वहीं प्रदेश की 21 चीनी मिलों में पेराई कार्य प्रारंभ हो चुका है

Last Updated- November 04, 2025 | 6:04 PM IST
Sugarcane

उत्तर प्रदेश में इस बार समय रहते गन्ना पेराई सत्र की शुरूआत हो गयी है। हालांकि अभी ज्यादातर पश्चिमी उत्तर प्रदेश की मिलों ने ही पेराई की शुरुआत की है पर जल्दी ही पूर्वी क्षेत्र में भी मिलें चालू हो जाएंगी। इस बार मार्च के महीने में बारिश व खेतों में खासी नमी के चलते गन्ने की बोआई का कम भी समय पर हो गया था।

गन्ना विकास विभाग के अधिकारियों के मुताबिक प्रदेश की 53 चीनी मिलों ने गन्ना खरीद हेतु इण्डेन्ट जारी कर दिया है। वहीं प्रदेश की 21 चीनी मिलों में पेराई कार्य प्रारंभ हो चुका है। गौरतलब है कि योगी सरकार ने हाल ही में इस पेराई सत्र में गन्ना मूल्य में 30 रुपये प्रति कुंतल की ऐतिहासिक वृद्धि की है। प्रदेश में अब गन्ने की अगैती प्रजाति की कीमत 400 रूपये प्रति कुंतल हो गयी है जबकि सामान्य प्रजाति की कीमत 370 रूपये प्रति कुंतल हो गयी है।

गन्ना आयुक्त मिनिस्ती एस. ने बताया कि प्रदेश की 21 चीनी मिलों में पेराई कार्य प्रारम्भ हो चुका है, जिनमें सहकारी क्षेत्र की 01, निजी क्षेत्र की 20 चीनी मिलें शामिल हैं। प्रदेश की संचालित चीनी मिलों में सहारनपुर परिक्षेत्र की 05 चीनी मिलें, मेरठ परिक्षेत्र की 08, मुरादाबाद परिक्षेत्र की 02, लखनऊ परिक्षेत्र की 06 चीनी मिलों ने पेराई कार्य प्रारम्भ कर दिया है। इसके अतिरिक्त प्रदेश की अन्य 32 चीनी मिलों द्वारा पेराई कार्य शुरू करने की समस्त औपचारिकतायें पूर्ण कर गन्ना खरीद हेतु इण्डेंट जारी कर दिया है। इन चीनी मिलों का संचालन भी अगले कुछ दिनों में शुरू हो जाएगा। उनका कहना है कि जल्दी ही प्रदेश में बाकी 69 चीनी मिलें भी पेराई का काम शुरू कर देंगी।

गन्ना आयुक्त ने बताया कि वर्तमान पेराई सत्र 2025-26 के देय गन्ना मूल्य का नियमानुसार त्वरित भुगतान करने के लिए चीनी मिलों को निर्देश भी जारी कर दिये गये हैं, जिस क्रम में मिलों द्वारा वर्तमान पेराई सत्र के देय गन्ना मूल्य का भुगतान भी शुरू कर दिया गया है। चीनी मिलों के समय से संचालन से गेहूं बुवाई के लिए खेत खाली होने से किसानों को सुगमता होगी।

अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में गन्ने की कटाई का काम सबसे पहले पश्चिमी जिलों में होता है जबकि पूर्वी जिलों में लेट वैराइटी की फसल बोई जाती है। इतना ही नहीं पूर्वी जिलों में गन्ने की कटाई के बाद गेंह् बोने का काम भी जनवरी में शुरू होता है जिसके चलते इन इलाकों में मिलें थोड़ा देरी से पेराई की शुरूआत करती हैं।

First Published - November 4, 2025 | 5:49 PM IST

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