facebookmetapixel
Advertisement
NPS सब्सक्राइबर्स सावधान! 1 जुलाई से बदल रहे हैं मेंटेनेंस के नियम, समझें आपकी जेब पर क्या होगा असरक्या आपके फोन में भी आया तेज सायरन वाला मैसेज? सरकार ने क्यों किया ऐसा टेस्टAvro India का बड़ा धमाका: 1 शेयर के बदले मिलेंगे 10 शेयर, जानें स्टॉक स्प्लिट की पूरी डिटेलRBI में बड़ा बदलाव! रोहित जैन बने नए डिप्टी गवर्नर, 3 साल तक संभालेंगे अहम जिम्मेदारीनिवेशकों की लॉटरी! हर 1 शेयर पर 6 बोनस शेयर देगी अलका इंडिया, रिकॉर्ड डेट अगले हफ्तेBNPL vs Credit Card: अभी खरीदें बाद में चुकाएं या कार्ड से खर्च? एक गलत फैसला बना सकता है आपको कर्जदारDividend Stocks: एक शेयर पर ₹270 तक कमाई का मौका! अगले हफ्ते 12 कंपनियों देंगी डिविडेंड, लिस्ट जारीIndia Inc के विदेशी सौदे फेल? अरबों खर्च के बाद भी नहीं मिला मुनाफा, निवेशक रह गए मायूसनिवेशकों की चांदी! इन 10 स्मॉल कैप कंपनियों ने अप्रैल में दिया बंपर रिटर्न, रिकवरी देख एक्सपर्ट्स भी हैरानUS-Iran War: डेडलाइन से पहले ट्रंप का खेल! युद्ध खत्म बताकर कांग्रेस की मंजूरी से बचने की कोशिश

लेखक : बीएस संपादकीय

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: ‘एक देश, एक चुनाव’ पर समग्र चर्चा जरूरी

केंद्र सरकार ने मंगलवार को संसद में 129 वां संविधान संशोधन विधेयक पेश किया ताकि लोक सभा और राज्यों की विधान सभाओं के चुनाव एक साथ कराए जा सकें। एक अलग विधेयक भी पेश किया गया ताकि विधानसभा वाले केंद्र शासित प्रदेशों में भी एकसाथ चुनाव कराए जा सकें। उम्मीद के मुताबिक ही कांग्रेस के […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial : आसान नही है एक्सपोर्ट की आज की दुनिया

सरकार ने हाल के वर्षों में कहा है कि भारत व्यापार और आर्थिक एकीकरण को लेकर समझदारी भरा रुख अपना रहा है। उसने मौजूदा मुक्त व्यापार समझौतों का बेहतर इस्तेमाल करने का प्रयास किया है और ऐसे नए समझौतों की संभावना तलाश कर रहा है। आंशिक तौर पर ऐसा इसलिए हुआ कि उसने यह बात […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: संविधान ने दी देश को दिशा

भारतीय संविधान को अंगीकृत करने की 75वीं वर्षगांठ पर आयोजित विशेष चर्चा में हिस्सा लेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोक सभा में यह उचित ही कहा कि संविधान ने आजादी के बाद भारत के लिए सभी पूर्वानुमानित संभावनाओं को हासिल किया है। एक युवा गणतंत्र के जीवन में उतार-चढ़ाव तो आते ही हैं, लेकिन […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: मांग और आपूर्ति में विसंगति

देश के शहरों में किफायती आवास की स्थिति बदतर होती जा रही है। हाल के वर्षों में किफायती श्रेणी के मकानों की मांग काफी कम हुई है क्योंकि इनका संभावित खरीदार वर्ग महामारी से बहुत बुरी तरह प्रभावित हुआ। इसके अलावा आवास ऋण की ब्याज दरों और आवासीय कीमतों में भारी इजाफे ने भी कम […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: कृषि उत्पादन से आगे अब कृषि विपणन पर नज़र

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने हाल ही में ‘कृषि विपणन पर राष्ट्रीय नीति प्रारूप’ का मसौदा जारी किया और उस पर सार्वजनिक टिप्पणियां और सुझाव आमंत्रित किए। कृषि उत्पादन और उत्पादकता में बीते वर्षों में काफी सुधार हुआ है लेकिन कृषि विपणन समय के साथ बेहतर नहीं हो सका है। ऐसे में कृषि […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: खुदरा निवेशकों के लिए मददगार

भारतीय शेयर बाजार न केवल बाजार पूंजीकरण के मुताबिक दुनिया के सबसे बड़े बाजारों में से एक हैं बल्कि इन्हें सबसे अधिक सक्षम बाजारों में भी गिना जाता है। बाजार को और सक्षम बनाने के लिए शेयर बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने इस वर्ष के आरंभ में टी प्लस जीरो (उसी […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: सॉवरिन गोल्ड बॉन्ड योजना

सॉवरिन गोल्ड बॉन्ड को नवंबर 2015 में पेश किया गया था। इस समाचार पत्र में प्रकाशित एक खबर के मुताबिक अब उन्हें बंद किया जाने वाला है। सरकार ने चालू वित्त वर्ष में 18,500 करोड़ रुपये के गोल्ड बॉन्ड जारी करने की बात बजट में कही थी। लेकिन, अब तक उसने इन्हें जारी नहीं किया […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial : नए गवर्नर की नियुक्ति

काफी अटकलों के बाद सोमवार को केंद्र सरकार ने राजस्व सचिव संजय मल्होत्रा को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का गवर्नर नियुक्त कर दिया। वर्तमान गवर्नर शक्तिकांत दास का कार्यकाल मंगलवार को समाप्त हो रहा है। मल्होत्रा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर से इंजीनियरिंग में स्नातक हैं और उन्होंने प्रिंसटन विश्वविद्यालय से लोक नीति में स्नातकोत्तर की […]

आज का अखबार, संपादकीय

संपादकीय: नीतिगत संतुलन जरूरी

हाल ही में जारी आधिकारिक अनुमान दर्शाते हैं कि देश की अर्थव्यवस्था भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जताए गए अनुमान की तुलना में काफी धीमी गति से विकसित हो रही है। देश की अर्थव्यवस्था चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 5.4 फीसदी की दर से बढ़ी हालांकि रिजर्व बैंक ने अक्टूबर की मौद्रिक नीति समीक्षा […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: कैसे कामयाब हो पॉश?

सर्वोच्च न्यायालय ने हाल में अपने एक आदेश में सभी सरकारी विभागों और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों से कहा है कि वे अपने यहां यौन-प्रताड़ना निरोधक कानूनों का क्रियान्वयन करें। इससे पता चलता है कि हमारे यहां कार्यस्थलों को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाने में कितनी कम रुचि ली जाती है। यह बात इसलिए भी परेशान […]

1 41 42 43 44 45 103
Advertisement
Advertisement