Stock Market Closing Bell, March 16: एशियाई बाजारों में बढ़त के बीच भारतीय शेयर बाजार हफ्ते के पहले ट्रेडिंग सेशन यानी सोमवार (16 मार्च) को सपाट रुख के साथ खुलने के बाद मजबूती में बंद हुए। बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी-50 और सेंसेक्स में शुरूआती कारोबार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। हालांकि, 2:30 बजते ही बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली और बेंचमार्क इंडेक्स कुछ ही मिनटों में 1 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ गए। एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे हैवीवेट शेयरों में जोरदार तेजी से बाजार को सबसे ज्यादा सपोर्ट मिला। ऑटो और फाइनेंशियल सर्विसेज शेयरों में हालिया गिरावट के बाद खरीदारी से भी बाजार को पुश मिला।
तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) गिरावट के साथ 74,415 अंक पर खुला। खुलने के बाद इंडेक्स में उतार-चढ़ाव दिखा लेकिन बाद में तेजी हावी हो गई। अंत में यह 938.93 अंक या 1.26 प्रतिशत की बढ़त के साथ 75,502.85 पर बंद हुआ।
इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) भी सपाट रुख के साथ 23,116 पर ओपन हुआ। कारोबार के दौरान यह 22,955 अंक तक फिसल गया था। अंत में यह 257.70 अंक या 1.11 फीसदी की बढ़त लेकर 23,408 पर बंद हुआ।
जियोजित इंवेस्टमेंट्स में रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा, ”शेयर बाजार में दिन के आखिरी हिस्से में अच्छी रिकवरी देखने को मिली। ऑटो, बैंकिंग और रोजमर्रा के उपभोक्ता सामान से जुड़े क्षेत्रों में कम कीमत पर खरीदारी होने से बाजार को सहारा मिला। हाल की गिरावट के बाद इसे राहत वाली तेजी माना जा रहा है। हालांकि शॉर्ट टर्म में कुछ चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं। शेयरों के वैल्यूएशसन में अब थोड़ी नरमी आई है। इससे कई प्रमुख क्षेत्रों में पहले जो ज्यादा महंगा मूल्यांकन था वह कम हुआ है।”
उन्होंने कहा कि शॉर्ट टर्म में निवेशकों की भावना इस बात पर निर्भर करेगी कि होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति में क्या बदलाव आता है। अगर सप्लाई से जुड़ी दिक्कतें कम होती हैं तो बाजार को और सहारा मिल सकता है। हालांकि कच्चे तेल की लगातार ऊंची कीमतें बाजार की दिशा पर दबाव बनाए हुए हैं।
उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर निवेशकों की नजर अमेरिका के केंद्रीय बैंक के आगामी नीतिगत फैसले पर भी है। माना जा रहा है कि ब्याज दरों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। ऐसा इसलिए क्योंकि महंगाई का दबाव और वैश्विक राजनीतिक अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है।
सेंसेक्स की कंपनियों में अल्ट्रा सीमेंट के शेयरों में सबसे ज्यादा बढ़त आई। यह 4 प्रतिशत से ज्यादा चढ़कर बंद हुआ। इटरनल, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक, ट्रेंट लिमिटेड, बजाज फाइनेंस और आईटीसी प्रमुख रूप से लाभ में रहे। दूसरी तरफ, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, सन फार्मा, पावर ग्रिड, एनटीपीसी, टाइटन, भारती एयरटेल, टीसीएस और इंफोसिस प्रमुख रूप से गिरावट में रहे।
सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी ऑटो सबसे अधिक लाभ कमाने वाला शेयर रहा। इसमें 1.67 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इसके बाद निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज और निफ्टी प्राइवेट बैंक शेयरों का स्थान रहा। वहीं दूसरी ओर, निफ्टी ऑयल एंड गैस और रियल्टी शेयरों में सबसे अधिक गिरावट देखी गई। वहीं, ब्रोडर मार्केटस का प्रदर्शन बेंचमार्क इंडेक्स से कमजोर रहा। निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स क्रमशः 0.43 प्रतिशत और 0.65 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए।
एशिया के अधिकतर शेयर बाजारों में सोमवार को शुरुआती कारोबार में गिरावट देखी गई। बाजार सहभागियों को चिंता है कि कच्चे तेल और ऊर्जा की ऊंची कीमतें महंगाई को बढ़ा सकती हैं और वैश्विक आर्थिक वृद्धि के अनुमान को प्रभावित कर सकती हैं। जापान का Nikkei 225 करीब 0.73 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहा था, जबकि दक्षिण कोरिया का Kospi लगभग 0.20 प्रतिशत गिरावट के साथ ट्रेड करता दिखाई दिया।
पिछले कारोबारी सत्र में अमेरिकी शेयर बाजारों में भी दबाव देखने को मिला था। कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण निवेशकों की धारणा कमजोर हुई। अमेरिका में S&P 500 करीब 0.61 प्रतिशत और Dow Jones Industrial Average लगभग 0.26 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ।