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अदाणी का बड़ा ट्रांसफॉर्मेशन प्लान: फैसले होंगे 3 घंटे में, स्किलिंग और साझेदारी पर जोरQ4 में PSU डिफेंस कंपनी का मुनाफा हुआ दोगुना, 92% डिविडेंड का ऐलान; एक महीने में शेयर 32% उछलाGST कलेक्शन का नया रिकॉर्ड: अप्रैल में ₹2.43 लाख करोड़ के पारFPIs की बड़ी बिकवाली: अप्रैल में ₹60,847 करोड़ निकाले, 2026 में आउटफ्लो ₹1.92 लाख करोड़ पारट्रंप प्रशासन का बड़ा दावा: 60 दिन की समयसीमा से पहले ही ‘खत्म’ हुआ ईरान युद्धVodafone Idea को बड़ी राहत, एजीआर बकाया 27% घटकर ₹64,046 करोड़ हुआ; सोमवार को फोकस में रहेंगे शेयरइन्फोसिस का विशाखापत्तनम में बड़ा विस्तार, 20 एकड़ में बनेगा नया आईटी कैंपसबीएसई स्मॉल-मिडकैप में जोरदार उछाल, 12 साल की सबसे बड़ी मासिक बढ़त की ओरम्युचुअल फंड में बदलता ट्रेंड, एग्जिट लोड घटाकर निवेशकों को लुभा रहे फंड हाउसईसीएल नियमों का असर, बैंकों के सीईटी-1 रेश्यो पर 120 बीपीएस तक दबाव संभव

लेखक : बीएस संपादकीय

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: दावोस में भारतीय राज्य

घरेलू निजी निवेश की कमजोरी और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में धीमी गति से हो रही वृद्धि के बीच केंद्र और राज्य सरकारों ने दावोस के स्विस स्की रिजॉर्ट में आयोजित हो रही विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक में कामयाबी का हरसंभव प्रयास आरंभ कर दिया है। वहां हमारे देश के दो पविलियन होंगे। […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: ट्रम्प, वर्ल्ड बैंक, IMF और भारत

इस वर्ष घटी आर्थिक घटनाओं के परिणामों पर दुनिया भर में काफी चिंता का माहौल है। काफी कुछ इस बात पर निर्भर करेगा कि डॉनल्ड ट्रंप के दूसरी बार राष्ट्रपति बनने के बाद अमेरिका में क्या नीतिगत बदलाव आते हैं। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक ने गत सप्ताह अपने आर्थिक अनुमान जारी कर […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: मौसम विभाग की क्षमता में सुधार

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने 1875 में अपनी शुरुआत से लेकर अब तक काफी सफर तय कर लिया है। इसमें समय के साथ काफी सुधार हुआ है और अब यह देश की वैज्ञानिक उन्नति का प्रतीक है। यह अल्पावधि में और दीर्घावधि में मौसम के रुझानों की विशेषज्ञतापूर्वक जानकारी देता है और मौसम से जुड़ी […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: कायम होगा अमन?

दुनिया भर में प्रसन्नता की लहर के बावजूद इजरायल और हमास के बीच 15 महीनों से चल रहे संघर्ष में स्थायी शांति की संभावना बहुत कम नजर आती है। इस संघर्ष में अब तक 1.20 लाख लोग हताहत हो चुके हैं। इनमें अनेक महिलाएं और बच्चे हैं। इस दौरान 19 लाख गाजावासी विस्थापित हुए। तीन […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: कैसे दोहा, दुबई से बेहतर होगा दिल्ली

खबरों के मुताबिक पूर्ण सेवाएं प्रदान करने वाली देश की इकलौती विमानन सेवा एयर इंडिया स्वयं को अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए और अधिक आकर्षक बनाने के प्रयास में है। इनमें भारत आने और यहां से बाहर जाने वाले यात्रियों के साथ-साथ वे यात्री भी शामिल हैं जिन्हें दो अंतरराष्ट्रीय क्षेत्रों की यात्रा के दरमियान भारतीय […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: अर्थव्यवस्था के हर मोर्चे पर मुश्किल लड़ाई

दिसंबर में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति में मामूली गिरावट से देश के आर्थिक प्रबंधकों को कुछ राहत मिलती नजर नहीं आती क्योंकि हाल के महीनों में नीतिगत जटिलता बहुत बढ़ी है। सोमवार को जारी आंकड़े बताते हैं कि मुद्रास्फीति की दर 5.22 फीसदी के साथ चार महीनों के निचले स्तर पर आ गई है। […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: महाकुंभ के आयोजन से सबक

सोमवार को महाकुंभ मेला आरंभ हो गया और यह अगले 45 दिन तक चलेगा। यह मेला संगठनात्मक क्षमता और सरलता की कामयाबी है। अनुमान है कि यहां 40 करोड़ लोग पहुंचेंगे जो ऐतिहासिक रूप से मनुष्यों का सबसे बड़ा जुटान होने जा रहा है। पहले दिन सुबह 9.30 बजे के पहले ही 60 लाख लोग […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial : अमेरिका के प्रतिबंधों का भारत पर असर?

अमेरिका में जो बाइडन के नेतृत्व वाले प्रशासन ने जाते-जाते उठाए गए एक अहम कदम में रूसी ऊर्जा क्षेत्र पर प्रतिबंधों का दायरा बढ़ा दिया है। गत सप्ताह घोषित ये उपाय मौजूदा प्रतिबंधों में इजाफा करने वाले हैं और बहुत संभव है कि ये पहले ही दबाव से जूझ रहे ऊर्जा क्षेत्र में और अधिक […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: हल्दीराम से अमूल तक, ग्लोबल मंच पर भारतीय ब्रांड्स की मजबूती और चुनौतियां

कई विदेशी प्राइवेट इक्विटी फर्मों द्वारा देश की स्नैक्स फूड निर्माता कंपनी हल्दीराम में हिस्सेदारी खरीदने के लिए हो रही होड़ हमें यह भी याद दिलाती है कि वैश्विक बाजारों में भारतीय ब्रांडों की उपस्थिति यदाकदा ही नजर आती है। वर्ष1991 में भारतीय अर्थव्यवस्था के वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए खुलने के बाद से ही भारतीय […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: गलत सूचनाओं में इजाफा

मेटा (फेसबुक और इंस्टाग्राम की मालिक कंपनी) द्वारा अपना फैक्ट चेक कार्यक्रम बंद करके उसकी जगह एक्स (पूर्व में ट्विटर) की तरह ‘कम्युनिटी नोट्स’ शुरू करने का फैसला अमेरिका की राजनीतिक व्यवस्था में होने जा रहे बदलाव की वजह से लिया जा रहा है। मेटा के खिलाफ ऐंटीट्रस्ट जांच चल रही हैं। इसके तहत बाजार […]

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